IPS Laxmi Singh कौन हैं? पति BJP MLA-ससुर Ex-DIG, Noida हिंसा को रोकने सड़क पर उतरीं तो थर-थर कांपें बवाली!
Noida Violence Update: फैक्ट्री मजदूरों के वेतन वृद्धि वाले प्रदर्शन हिंसक हो गए तो पूरा इलाका तनाव में आ गया। पत्थरबाजी, आगजनी और चक्का जाम के बीच एक नाम सबसे आगे आया कि IPS लक्ष्मी सिंह, नोएडा (गौतमबुद्ध नगर) की पुलिस कमिश्नर।
वे पहले ही एक्शन मोड में थीं। मजदूरों की स्ट्राइक की जानकारी समय पर न मिलने पर उन्होंने कड़ा रुख अपनाया। सड़क पर उतरकर उन्होंने खुद स्थिति संभाली। PAC, आंसू गैस और बैरिकेडिंग के साथ हिंसा को काबू में किया। यूपी की पहली महिला पुलिस कमिश्नर के रूप में जानी जाने वाली लक्ष्मी सिंह को 'लेडी सिंघम' कहकर पुकारा जाता है। आइए जानते हैं वे कौन हैं, उनका सफर क्या रहा और नोएडा हिंसा में उनकी भूमिका क्या है...

Who Is IPS Laxmi Singh: IPS लक्ष्मी सिंह कौन हैं?
- जन्म: 2 मई 1974, लखनऊ (उत्तर प्रदेश)
- शिक्षा: B.Tech (मैकेनिकल इंजीनियरिंग), M.A. (समाजशास्त्र)
2000 बैच की IPS अधिकारी लक्ष्मी सिंह ने UPSC में टॉप रैंक हासिल कर यूपी कैडर जॉइन किया। सरदार वल्लभभाई पटेल नेशनल पुलिस अकादमी, हैदराबाद में ट्रेनिंग के दौरान उन्हें Best Probationer (सर्वश्रेष्ठ परिवीक्षाधीन) घोषित किया गया। प्रधानमंत्री से Silver Baton और गृह मंत्रालय से पुरस्कार भी मिल चुके हैं।
IPS Laxmi Singh Family: पति BJP विधायक, ससुर Ex-DIG

लक्ष्मी सिंह के पति राजेश्वर सिंह पूर्व ED (Enforcement Directorate) अधिकारी हैं और वर्तमान में लखनऊ की सरोजिनी नगर सीट से BJP विधायक हैं। आपको बता दें कि लक्ष्मी सिंह के ससुर रण बहादुर सिंह लखनऊ के डीआईजी के रूप में रिटायर्ड हैं। लक्ष्मी सिंह की एक बेटी है। परिवार लखनऊ का रहने वाला है।
IPS Laxmi Singh Career: STF से लेकर नोएडा कमिश्नर तक
लक्ष्मी सिंह को अपराधियों पर ताबड़तोड़ एक्शन के लिए जाना जाता है। उनके प्रमुख पद और उपलब्धियां-

- STF (Special Task Force) में DIG: बड़े माफिया और अपराधियों के खिलाफ कई ऑपरेशन लीड किए।
- विकास दुबे हत्याकांड: जांच में अहम भूमिका।
- लखीमपुर खीरी हिंसा: संवेदनशील मामले में जिम्मेदारी संभाली।
- जिला पुलिस कप्तान: वाराणसी, चित्रकूट, गोंडा, फर्रुखाबाद, बागपत, बुलंदशहर और आगरा में SP/DIG पद पर काम किया।
- दिसंबर 2022: नोएडा की पहली महिला पुलिस कमिश्नर बनीं। यूपी में यह ऐतिहासिक उपलब्धि थी।
उन्होंने बुंदेलखंड के डकैत गिरोहों को भेदने के लिए मुखबिर सिस्टम को मजबूत किया। जीरो टॉलरेंस पॉलिसी के तहत लापरवाह अधिकारियों को सस्पेंड करने में भी कोई कसर नहीं छोड़तीं।
Noida Violence IPS Laxmi Singh Role: सड़क पर उतरीं, स्थिति संभाली
13 अप्रैल को नोएडा फेज-2, सेक्टर-57, 62, 15, 84 समेत कई इलाकों में मजदूरों का प्रदर्शन हिंसक हो गया। गाड़ियां जलाई गईं, पत्थरबाजी हुई। IPS लक्ष्मी सिंह ने तुरंत कमान संभाली।
- भारी पुलिस बल तैनात किया।
- PAC की मदद ली।
- आंसू गैस के गोले छोड़े गए।
- सभी प्रमुख रास्तों पर बैरिकेडिंग की गई।
- DGP राजीव कृष्ण और ADG (लॉ एंड ऑर्डर) अमिताभ यश के साथ कंट्रोल रूम से सीधा मॉनिटरिंग की।
उन्होंने पहले ही मजदूरों की स्ट्राइक की जानकारी न देने वाले अधिकारियों पर कड़ा रुख अपनाया था। आज सड़क पर उतरकर उन्होंने संदेश दिया कि कानून व्यवस्था बिगाड़ने वालों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
क्यों मशहूर हैं लक्ष्मी सिंह?
लक्ष्मी सिंह सिर्फ एक IPS अधिकारी नहीं, बल्कि यूपी पुलिस की 'लेडी सिंघम' छवि का प्रतीक हैं। अपराधी उनका नाम सुनकर कांपते हैं। भरोसेमंद और एक्शन-ओरिएंटेड अधिकारी हैं। यूपी की पहली महिला पुलिस कमिश्नर बनकर नजीर बनीं। CM योगी के भरोसेमंद बनीं और 2014 में आगरा DIG बनकर प्रमोशन मिला।
नोएडा जैसे हाई-टेक औद्योगिक शहर में कानून व्यवस्था बनाए रखना बड़ी चुनौती है। लक्ष्मी सिंह का कहना है कि नोएडा हाईटेक सिटी है, इसे बेहतर पुलिसिंग देंगे। आज की हिंसा में उनकी सड़क पर मौजूदगी ने साफ संदेश दिया कि शांति भंग करने वालों के खिलाफ कोई समझौता नहीं।
IPS लक्ष्मी सिंह का सफर मेहनत, साहस और सख्ती का है। नोएडा हिंसा में वे सिर्फ ड्यूटी नहीं, बल्कि यूपी पुलिस की मजबूत छवि का प्रतीक बनकर उभरी हैं। स्थिति अभी भी काबू में लाई जा रही है, लेकिन उनकी कमान में पुलिस पूरी तरह अलर्ट है।












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