मुख्तार का साम्राज्य खत्म करने वाले IPS अनुराग आर्य को बनाया गया बरेली का SSP, आजमगढ़ में कांपते थे अपराधी
IPS Anurag Arya: बरेली में एक प्लाट पर कब्जा किए जाने को लेकर दो पक्षों में जमकर गोलीबारी हुई थी। गोलीबारी का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ तो इलाकाई पुलिस पर कार्रवाई की गई। वहीं बरेली एसएसपी घुले सुशील चंद्रभान को भी हटा दिया गया।
अब आजमगढ़ एसपी रहे अनुराग आर्य को बरेली का एसएसपी बनाया गया है। आईपीएस अनुराग आर्य एक तेज तर्रार अधिकारी के रूप में जाने जाते हैं। मऊ में तैनाती के दौरान उन्होंने मुख्तार अंसारी के गिरोह से जुड़े लोगों पर जमकर कार्रवाई की थी।

अवैध रूप से चलाए जा रहे बूचड़ खानों के साथ ही मुख्तार अंसारी और उसके गिरोह से जुड़े सदस्यों के अवैध कामों पर अनुराग आर्य ने काफी हद तक रोक लगा दिया था। कहा जाता है कि शुरुआती दौर में मुख्तार के अपराधिक जड़ों को उखाड़ फेंकने का काम अनुराग आर्य ने ही किया।
बूचड़खानों को लेकर सख्त एक्शन लेने के साथ ही अनुराग आर्य द्वारा 26 लोगों के खिलाफ एक साथ गुंडा एक्ट की कार्रवाई की गई थी। इसके अलावा अवैध प्लाटों और बूच़ड़खानों पर अनुराग आर्य द्वारा बुलडोजर भी चलवाया गया था। उसके बाद से ही आईपीएस अनुराग आर्य का नाम चर्चा में आया।
बागपत के हैं मूल निवासी
मूल रूप से बागपत जनपद के रहने वाले आईपीएस अनुराग आर्य साल 2013 बैच के आईपीएस हैं। जिले की कमान की बात करें तो सबसे पहले उन्हें मऊ जनपद का कमान सौंपा गया था। साल 2019 में उन्हें मऊ का एसएसपी बनाया गया था।
उसके बाद आईपीएस अनुराग आर्य ने मुख्तार अंसारी और मुख्तार गिरोह से जुड़े लोगों के खिलाफ जमकर कार्रवाई की थी। बाद में अनुराग आर्य को आजमगढ़ एसपी बनाया गया। आजमगढ़ में भी अनुराग आर्य की तैनाती के दौरान क्राइम काफी हद तक कंट्रोल रहा।
करीब ढाई साल तक आजमगढ़ के एसपी रहने के बाद आईपीएस अनुराग आर्य को अब बरेली जिले में एसएसपी बनाया गया है। हाल ही में बरेली जिले में खुलेआम फायरिंग हुई थी। इसके अलावा आईपीएस अनुराग आर्य के सामने बरेली जिले में बढ़ते अपराध के ग्राफ को कम करने की चुनौतियां होंगी।












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