भारत बनेगा सेमीकंडक्टर सेक्टर का ग्लोबल हब? जानिए सेमिकान इंडिया 2024 से जुड़ी ये खास बातें
SEMICON 2024 conference: उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा में इंडिया एक्सपो मार्ट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बुधवार को सेमीकॉन इंडिया 2024 सम्मेलन का उद्घाटन करेंगे। केंद्र सरकार का उद्देश्य भारत को सेमीकंडक्टर सेक्टर का ग्लोबल हब बनाना है। माना जा रहा है कि ये सम्मेलन इसके लिए मील का पत्थर साबित होगा।
इस सम्मेलन के जरिए भारत पूरे विश्व के सामने सेमीकंडक्टर के लिए वैश्विक केंद्र बनने के लिए भारत की रणनीति और नीति को उजागर करना है।

एक्सपो में 26 प्रमुख अंतरराष्ट्रीय कंपनियां भाग ले रहीं
11 से 13 सितंबर तक चलने वाले इस तीन दिवसीय सेमीकॉन इंडिया 2024 सम्मेलन में 26 प्रमुख अंतरराष्ट्रीय कंपनियां भाग ले रही हैं। इसके अलावा 250 से अधिक exhibitor और 150 वक्ता भाग लेंगे। इस सम्मेलन का विषय "Shaping the Semiconductor Future" है।
सेमीकॉन इंडिया एक्सपो
ये सेमीकंडक्टर इंडस्ट्री के ग्लोबल लीडरों, कंपनियों और विशेषज्ञों को जुड़ने के लिए एक मंच देगा। सेमीकॉन इंडिया एक्सपो सिर्फ़ एक प्रदर्शनी नहीं है, बल्कि सेमीकंडक्टर क्षेत्र में भारत की महत्वाकांक्षाओं को साकार करने की दिशा में एक रणनीतिक कदम है। इसका उद्देश्य सहयोग और निवेश को बढ़ावा देना है जो विकास और नवाचार को बढ़ावा देगा, इसके साथ ही भारत के सेमीकंडक्टर क्षेत्र का ग्लोबल हब बनने पर लाखों युवाओं को रोजगार के नए अवसर प्रदान करेगा।
पीएम मोदी भारत में निवेश के लिए प्रोत्साहित करेंगे
प्रधानमंत्री मोदी इन कंपनियों को भारत में निवेश करने के लिए प्रोत्साहित करेंगे, जो भारत को सेमीकंडक्टर डिजाइन, विनिर्माण और प्रौद्योगिकी विकास में अग्रणी बनाने के उनके दृष्टिकोण के अनुरूप होगा।
क्या सेमीकंडक्टर सेक्टर?
सेमीकंडक्टर ऑटोमोटिव, मोबाइल फोन, कंप्यूटर, टेलीकॉम और सैन्य प्रणालियों जैसे विभिन्न क्षेत्रों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। सरकार का लक्ष्य राज्य के भीतर यथासंभव अधिक से अधिक सेमीकंडक्टर इकाइयां स्थापित करना है।
सेमीकंडक्टर यूनिट को बढ़ावा
केंद्र सरकार, उत्तर प्रदेश सरकार के साथ मिलकर सेमीकंडक्टर यूनिट को बढ़ावा देने के लिए प्रोत्साहन और नीतिगत सहायता प्रदान कर रही है। इस पहल को और आगे बढ़ाने के लिए यूपी सरकार द्वारा एक अलग नीति पर भी काम चल रहा है।
जेवर में बन रहा सबसे बड़ा सेमीकंडक्टर पार्क
जेवर में नए एयरपोर्ट के पास भारत का सबसे बड़ा सेमीकंडक्टर पार्क बनाया जा रहा है। इस परियोजना से 1 लाख करोड़ रुपये से अधिक का निवेश आने की उम्मीद है। यमुना प्राधिकरण के माध्यम से कई कंपनियों ने पहले ही जमीन के लिए आवेदन कर दिया है।
पीएम मोदी ने की इन दिग्गजों संग बैठक
मंगलवार को प्रधानमंत्री मोदी ने अपने आवास पर सेमीकंडक्टर इंडस्ट्री के अधिकारियों के साथ एक गोलमेज चर्चा की। इस बैठक में सेमी, माइक्रोन, एनएक्सपी, पीएसएमसी, आईएमईसी, रेनेसास और अन्य वैश्विक दिग्गजों के प्रतिनिधि शामिल थे। इस महत्वपूर्ण बैठक में स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी, यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया सैन डिएगो और आईआईटी भुवनेश्वर के शिक्षाविद भी मौजूद थे।
2021 में केंद्र सरकार ने की थी ये पहल
बता दें दिसंबर 2021 में भारत ने भारतीय सेमीकंडक्टर मिशन (ISM) लॉन्च किया और 76,000 करोड़ रुपये की चिप प्रोत्साहन योजना की घोषणा की। सरकार ने संयंत्र स्थापित करने के लिए पूंजीगत व्यय पर 50% सब्सिडी की भी पेशकश की। इस पहल ने माइक्रोन, टाटा-पीएसएमसी, सीजी पावर और कायन्स सहित कई तकनीकी दिग्गजों को देश में चिप इकाइयां स्थापित करने के लिए आकर्षित किया है। ये उपाय सेमीकंडक्टर उत्पादन में भारत को आत्मनिर्भर बनने में मदद करेंगे।












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