INDIA Alliance: यूपी में लोकसभा सीटों के बंटवारे को लेकर SP-Congress के बीच फंसेगा पेंच?
Uttar Pradesh: देश में अगले साल होने वाले लोकसभा चुनाव (Loksabha Election 2024) से पहले ही कांग्रेस (Congress) के साथ सीट बंटवारे को लेकर मतभेद सामने आने लगे हैं। पहले कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय (Ajay Rai) और अब सपा के मुखिया अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) उस बयान ने सियासी अटकलों को हवा दे दिया है जिसमें उन्होंने कहा है कि सपा सीटें मांग नहीं रही है बल्कि दे रही है।

सीटों के बंटवारे में फंसेगा पेंच?
राजनीतिक जानकारों की माने तो सपा के मुखिया अखिलेश यादव का बड़े भाई वाला रवैया 2024 के लोकसभा चुनाव से पहले सौहार्दपूर्ण समझौते में बाधा बनकर उभर रहा है। उन्होंने कांग्रेस को स्पष्ट संकेत देते हुए कि वह उत्तर प्रदेश में बॉस हैं, अखिलेश यादव ने यह कहकर आगे कड़ी सौदेबाजी का संकेत दिया कि "सपा सीटें मांग नहीं रही है बल्कि दे रही है"।
कांग्रेस को कुछ ही सीटें देना चाहती है सपा
अखिलेश यादव ने यह भी दावा किया कि लोकसभा चुनाव में उनकी पार्टी को 60 फीसदी वोट मिलेंगे। सपा अधिक से अधिक सीटों पर चुनाव लड़ने और कांग्रेस जैसी राष्ट्रीय पार्टी को कुछ ही सीटें देने की बात पर अड़ी हुई है। हालांकि सपा सूत्रों के मुताबिक, सपा अगले आम चुनाव में यूपी में कांग्रेस के लिए पांच-छह से ज्यादा लोकसभा सीटें छोड़ने को तैयार नहीं है, लेकिन कांग्रेस करीब दो दर्जन सीटों पर जोर दे रही है।
2019 लोकसभा के आधार पर सीट चाहती है सपा
सूत्रों ने कहा कि सीट बंटवारे का आधार 2019 के लोकसभा चुनावों में यूपी में कांग्रेस का प्रदर्शन होना चाहिए।जब सबसे पुरानी पार्टी ने रायबरेली की एकमात्र सीट जीती थी। जहां से पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी सांसद के रूप में चुनी गई थीं। कांग्रेस अपने गढ़ अमेठी में भी हार गई थी जहां कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी से हार गए थे।
2009 के हिसाब से सीटें मांग रही कांग्रेस
दूसरी ओर, कांग्रेस चाहती है कि सीटों के बंटवारे का आधार 2009 का संसदीय चुनाव हो। 2009 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस ने अपने दम पर यूपी में 21 सीटें जीती थीं। एसपी के साथ सीट बंटवारे पर बातचीत के बारे में पूछे जाने पर यूपी कांग्रेस के एक नेता ने कहा, ''हम कम से कम 18 सीटें चाहते हैं जहां हमें लगता है कि हम जीत सकते हैं।''
कांग्रेस को इतनी सीटें देने के खिलाफ है सपा
हालांकि अखिलेश यादव के नेतृत्व वाली पार्टी कांग्रेस की मांग मानने को तैयार नहीं है। सपा नेताओं ने बताया कि पार्टी को पश्चिमी क्षेत्र में राष्ट्रीय लोक दल के लिए भी कुछ सीटें छोड़नी होंगी। एक वरिष्ठ सपा नेता ने कहा, ''हमें भीम आर्मी के नेता चंद्रशेखर और अपना दल (कमेरावादी) को भी समायोजित करना होगा।''
बागेश्वर उपचुनाव में लगाया था सपा पर धोखा देने का आरोप
सूत्रों ने कहा कि यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और सपा नेताओं के बीच हालिया नोकझोंक कांग्रेस की मांग मानने में सपा की अनिच्छा का नतीजा थी। दरअसल अजय राय ने सपा पर उत्तराखंड के बागेश्वर विधानसभा क्षेत्र में अपना उम्मीदवार खड़ा करके "पीठ में छुरा घोंपने" का आरोप लगाया था जहां हाल ही में उपचुनाव हुआ था जिसके परिणामस्वरूप कांग्रेस उम्मीदवार अपने भारतीय जनता पार्टी के प्रतिद्वंद्वी से मामूली अंतर से हार गए थे। राय ने यह भी कहा कि उनकी पार्टी अगले आम चुनाव में यूपी की सभी 80 लोकसभा सीटों पर चुनाव लड़ने के लिए तैयार है।












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