Income Tax scam: आयकर की गलती या साजिश? ट्रक ड्राइवर को 3.65 करोड़ और किसान को 30 करोड़ का नोटिस
Income Tax scam: उत्तर प्रदेश में आयकर विभाग की सख्ती से सनसनी फैल गई है। हाल ही में अलीगढ़ के छोटे व्यापारियों और कर्मचारियों को करोड़ों के नोटिस मिले, वहीं अब कन्नौज के एक ट्रक ड्राइवर को 3.65 करोड़ और मथुरा के किसान को 30 करोड़ रुपये का नोटिस भेजा गया है।
इन नोटिसों से लोग दंग हैं और अधिकारियों के दफ्तरों के चक्कर काट रहे हैं। कन्नौज के हाथिन गांव के रहने वाले ट्रक ड्राइवर अवनेंद्र कुमार को 25 मार्च को जीएसटी विभाग से दो नोटिस मिले, जिनमें 3.65 करोड़ रुपये की मांग की गई। वह दिल्ली में ट्रक चलाता है।

अवनेंद्र कुमार का कहना है कि उनके दस्तावेजों के गलत इस्तेमाल किसी के द्वारा किया गया है। उनका कहना है कि यही कारण है कि उनको इस तरह की नोटिस जारी की गई है। अवनेंद्र ने मामले को लेकर पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है।
मथुरा के एक किसान सौरभ कुमार, जो केवल दो बीघा जमीन पर खेती करता है, को 26 मार्च को 30.39 करोड़ रुपये के कारोबार का नोटिस मिला। इससे पहले भी उसे 14 करोड़ का नोटिस मिल चुका है, जिससे वह परेशान होकर अब कानूनी मदद मांग रहा है।
फर्जी कारोबार का शिकार बने लोग
अवनेंद्र का कहना है कि हरियाणा और दिल्ली की कुछ कंपनियों ने उसके पैन और आधार कार्ड का गलत इस्तेमाल कर फर्जी कारोबार चलाया। इसी वजह से जीएसटी विभाग ने उसे भारी राशि का नोटिस थमाया, जिससे उसका परिवार सकते में है।
इस मामले की जानकारी के बाद अवनेंद्र ने जिलाधिकारी और जीएसटी अधिकारियों से मिलकर अपनी व्यथा बताई। वहीं कोतवाल अजय अवस्थी ने तहरीर मिलने की पुष्टि की और जांच शुरू करने का आश्वासन दिया है।
किसान पर टूटा 30 करोड़ का पहाड़
इसी तरह मथुरा के शांतिनगर में रहने वाले किसाना सौरभ कुमार को भी नोटिस मिला है। सौरभ को दो साल पहले 14 करोड़ रुपये के कारोबार का नोटिस मिला था। अब उसे फिर से 30 करोड़ का नोटिस मिला, जो उसके लिए किसी झटके से कम नहीं।
सौरभ का कहना है कि वे सिर्फ दो बीघा जमीन पर खेती करते हैं। अब नोटिस मिलने के बाद सौरभ की तबीयत बिगड़ गई। स्वास्थ्य ठीक होने पर उसने 2 अप्रैल को थाना सदर बाजार और एसपी सिटी को शिकायत दी। उन्होंने भी पैन कार्ड का गलत इस्तेमाल की आशंका जताई है।
सौरभ ने कहा कि उसके पास सिर्फ दो बीघा जमीन है, फिर 30 करोड़ का कारोबार कैसे संभव है? उसने पहले भी शपथ पत्र देकर जवाब दिया था, लेकिन राहत नहीं मिली। अब वह फर्जी कारोबारियों के खिलाफ कार्रवाई चाहता है।
सौरभ का कहना है कि आयकर विभाग की ओर से अभी तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। इस तरह के नोटिस से लोगों में डर का माहौल बन गया है और वे अपने दस्तावेजों की सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं।
फर्जी फर्मों का पर्दाफाश जरूरी
अवनेंद्र ने दावा किया कि गुरुग्राम की दो फर्मों ने उसके दस्तावेजों का गलत इस्तेमाल कर फर्जी कारोबार पंजीकृत किया। वह कहता है कि बिना उसकी जानकारी के यह सब हुआ, जिससे उसकी जिंदगी मुश्किल में पड़ गई।
पुलिस और जीएसटी विभाग से जांच की मांग की जा रही है। लोग चाहते हैं कि इस तरीके से की जा रही फर्जीगीरी और फर्जी कंपनियों का भंडाफोड़ हो और पीड़ितों को न्याय मिले। फिलहाल, मामला सुर्खियों में बना है।
मामले के चलते आयकर और जीएसटी विभाग की कार्यशैली पर सवाल उठने लगे हैं। अवनेंद्र और सौरभ जैसे लोग अपनी मामूली आय के बावजूद इस संकट में फंस गए हैं। स्थानीय प्रशासन ने जांच का भरोसा दिया है, लेकिन पीड़ितों को अभी तक राहत नहीं मिली। लोग अब सोशल मीडिया पर अपनी व्यथा साझा कर रहे हैं और सरकार से हस्तक्षेप की मांग कर रहे हैं।












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