क्या अमर सिंह की छुट्टी से ही सुलझेगा समाजवादी पार्टी में जारी झगड़ा?

Posted By:
Subscribe to Oneindia Hindi

लखनऊ। समाजवादी पार्टी में जारी झगड़े की वजह अमर सिंह तो नहीं हैं? लगता तो कुछ ऐसा ही है क्योंकि अखिलेश यादव ने एक बार मजाक में अमर सिंह को 'शकुनी मामा' कहा था। वास्तव में उनका वो कथन महज मजाक नहीं हो सकता, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव चाहते हैं कि अमर सिंह को पार्टी से बाहर निकाला जाएगा। उनके मुताबिक अमर सिंह की पार्टी से छुट्टी के बाद ही समाजवादी पार्टी के झगड़े का कोई निष्कर्ष निकल सकता है। सूत्रों का कहना है कि अखिलेश यादव इस बात पर कायम हैं कि अगर समाजवादी पार्टी बची रहे, उसे टूट से बचाना है तो अमर सिंह को पार्टी से निकालना ही होगा। उन्होंने कहा कि अमर सिंह जिस तरह से बोलते हैं उनकी स्थिति साफ नजर नहीं आती है।

amar

अखिलेश यादव की अमर सिंह से नाराजगी को लेकर शुक्रवार को अमर सिंह ने एक इमोशनल नोट लिखा जिसमें उन्होंने बताया कि कैसे उन्होंने अखिलेश को आगे बढ़ाने की कोशिश की जब वो महज चार साल के थे। अमर सिंह ने इस पूरे विवाद के लिए रामगोपाल यादव को निशाना बनाया। उन्होंने कहा कि रामगोपाल यादव ही अखिलेश यादव के मन में उनके लिए जहर घोल रहे हैं। फिलहाल अमर सिंह के भविष्य को लेकर आखिरी फैसला मुलायम सिंह यादव को करना है। गेंद अब मुलायम सिंह यादव के पाले में है। अब वही तय करेंगे कि अमर सिंह समाजवादी पार्टी में रहते हैं या फिर बाहर जाते हैं। करीब 6 साल के निष्कासन के बाद अमर सिंह पिछले साल समाजवादी पार्टी में लौटे थे। सूत्र बता रहे हैं कि अखिलेश यादव ने अमर सिंह को बाहर निकालने के लिए कई बार बैठक कर चुके हैं। हालांकि मुलायम सिंह यादव और शिवपाल यादव अमर सिंह पर कार्रवाई के लिए तैयार नहीं हैं। अमर सिंह की वजह से ही अखिलेश यादव लखनऊ एयरपोर्ट पर अपने पिता को लेने भी नहीं पहुंचे थे। अखिलेश यादव चाहते थे कि पार्टी का झगड़ा खत्म हो इसके लिए उन्होंने एयरपोर्ट जाने की योजना बनाई थी, लेकिन जब उन्हें पता चला कि अमर सिंह भी उनके पिता मुलायम सिंह यादव के साथ हैं तो उन्होंने एयरपोर्ट जाने की योजना टाल दी।

शुक्रवार अखिलेश यादव अपने चाचा शिवपाल यादव के आवास पर भी पहुंचे थे, लेकिन महज पांच मिनट में वहां से लौट आए। वहीं एक और बैठक में अमर सिंह ने अपना पद छोड़ने की पेशकश की थी लेकिन मुलायम सिंह यादव ने उनके फैसले का विरोध किया। हालांकि अखिलेश यादव लगातार अमर सिंह को बाहरी बताते रहे हैं और उन्हें लगातार समाजवादी पार्टी में झगड़े की वजह बताया है। बता दें कि शुक्रवार को करीब 40 अलग-अलग बैठके हुई, लेकिन किसी का भी नतीजा नहीं निकला। फिलहाल झगड़ा पार्टी के चुनाव चिन्ह साइकिल को लेकर है। आंकड़ों को देखें तो चुनाव आयोग में अखिलेश यादव की जीत नजर आ रही है, ऐसा इसलिए क्योंकि पार्टी के 200 से ज्यादा विधायक अखिलेश के साथ हैं, वहीं पार्टी के कई बड़े नेता भी अखिलेश यादव का समर्थन कर चुके हैं।

इसे भी पढ़ें:- सपा में मचे घमासान पर अखिलेश-मुलायम का यह पोस्टर हुआ वायरल

देश-दुनिया की तबरों से अपडेट रहने के लिए Oneindia Hindi के फेसबुक पेज को लाइक करें
English summary
In the Samajwadi Party truce, will Amar Singh be the casualty?
Please Wait while comments are loading...