यूपी में चुनाव के बाद INDI Bloc को हो सकता है 6 सीटों का नुकसान, क्या 43 के आंकड़े से 37 पर आ जाएंगे?
UP Political News: उत्तर प्रदेश में बीजेपी को झटका देने वाले सपा-कांग्रेस के इंडी गठबंधन की मुश्किलें बढ़ सकती है। 80 सीटों में से 43 सीटें जीतने वाले विपक्षी एलायंस को 6 सीटों का घाटा हो सकता है। ऐसे इसलिए क्योंकि 6 नवनिर्वाचित सांसदों पर आपराधिक आरोप लगने से सत्ता संतुलन बदल सकता है।
इंडिया ब्लॉक के छह नवनिर्वाचित सांसदों पर आपराधिक आरोप लगे हैं, जिसके चलते उन्हें दो साल से ज़्यादा की जेल हो सकती है। जिसके बाद उनकी सांसदी जाने का खतरा है। ऐसे में जानिए कौन-कौन से हैं वो सांसद, जो बढ़ा सकते हैं मुश्किल?

उत्तर प्रदेश में हाल ही में संपन्न हुए लोकसभा चुनाव 2024 में भाजपा और इंडिया ब्लॉक के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिली, जिसमें विपक्ष ने आखिरकार सत्तारूढ़ गठबंधन से ज्यादा सीटें हासिल की। हालांकि आम चुनाव के नतीजे अब खतरे में पड़ सकते हैं, क्योंकि इंडी ब्लॉक के छह सांसदों पर कई आपराधिक आरोप लगे हैं, जिसके चलते उन्हें दो साल से ज्यादा की जेल हो सकती है।
अफजाल अंसारी
एक रिपोर्ट के अनुसार अगर इंडिया गठबंधन के छह सांसदों को उनके चल रहे आपराधिक मामलों में दोषी ठहराया जाता है, तो वे अपनी संसदीय सदस्यता खो देंगे। इनमें सबसे बड़ा नाम गाजीपुर के सांसद अफजाल अंसारी का है, जो गैंगस्टर से नेता बने मुख्तार अंसारी के बड़े भाई हैं, जिनकी हाल ही में जेल के अंदर मौत हो गई थी।
अंसारी को पहले ही गैंगस्टर एक्ट के एक मामले में चार साल की सजा सुनाई जा चुकी है। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उनकी दोषसिद्धि पर रोक लगा दी थी, जिससे उन्हें आम चुनाव लड़ने की अनुमति मिल गई थी। हालांकि, जुलाई में अदालत के फिर से खुलने पर मामले की सुनवाई होगी। ऐसे में अगग अदालत उनकी दोषसिद्धि को बरकरार रखती है, तो वे अपनी संसद सदस्यता खो देंगे।
धर्मेंद्र यादव
ऐसे ही आजमगढ़ के सांसद धर्मेंद्र यादव के खिलाफ चार आपराधिक मामले लंबित हैं, और यदि उन्हें दो साल से अधिक की सजा सुनाई जाती है, तो वे अपनी सदस्यता खो देंगे।
बाबू सिंह कुशवाहा
वहीं जौनपुर के सांसद बाबू सिंह कुशवाहा के खिलाफ एनआरएचएम घोटाले से संबंधित 25 मामले दर्ज हैं, जो उस समय हुआ था, जब मायावती उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री थीं।
तीन और सांसदों का नाम
इधर, भाजपा की मेनका गांधी को हराकर सुल्तानपुर सीट जीतने वाले रामभुआल निषाद आठ मामलों में आरोपी हैं, जिनमें से एक गैंगस्टर एक्ट के तहत दर्ज है। इसी तरह वीरेंद्र सिंह (चंदौली से सांसद) और इमरान मसूद (सहारनपुर से सांसद) के खिलाफ कई मामले दर्ज हैं।
कई मामलों के तहत केस दर्ज
इन इंडिया ब्लॉक के सांसदों के खिलाफ कई तरह के मामले दर्ज हैं, जैसे मनी लॉन्ड्रिंग, धमकी और गैंगस्टर एक्ट की धाराएं, जिसके लिए दो साल से अधिक की जेल हो सकती है। याद रहे कि अतीत में कई सांसदों को आपराधिक मामलों में दोषी ठहराए जाने के बाद संसद की सदस्यता से हाथ धोना पड़ा है। आजम खान, खब्बू तिवारी, विक्रम सैनी और अशोक चंदेल इन्हीं में से कुछ राजनीतिक नाम हैं।
गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश में 2024 के लोकसभा चुनाव में कुल 80 सीटों में से एनडीए ने कुल 36 सीटें जीतीं, जबकि भाजपा ने अकेले 33 सीटें जीतीं है। समाजवादी पार्टी और कांग्रेस से मिलकर बने इंडिया ब्लॉक ने 43 सीटें अपने नाम करते हुए सूबे में सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी।












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