पीएम मोदी से सीख लेकर पत्नी ने कहा पकौड़ा बेचो, बेरोजगार पति ने मार डाला
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सोनभद्र। बेरोजगारी को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कथन पर लोग पकौड़ा बेचकर तंज कर रहे हैं। वहीं सोनभद्र जिले में पत्नी ने बेरोजगार पति को पकौड़ा बेचने का तंज कसा तो पति ने पत्नी की गला दबाकर हत्या कर दी। सोनभद्र जिले के कोन थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत कुड़वा में रविवार की रात को पति-पत्नी के बीच पति के रोजगार न करने को लेकर विवाद हो गया। उसके बाद पति ने पत्नी का गला दबाकर हत्या कर दी। पुलिस ने मृतका के भाई की तहरीर पर फरार आरोपी पति के खिलाफ हत्या सहित अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया हैं। पुलिस आरोपी पति की तलाश कर रही हैं।

आरोपी के पिता ने किया खुलासा
कोन पुलिस के अनुसार ग्रामीणों से पूछताछ में पता चला कि पति द्वारा कोई काम न करने के कारण दोनों के बीच अक्सर झगड़ा होता था। रविवार की रात को कुड़वा गांव निवासी 35 वर्षीय लहरी देवी व उनके पति 40 वर्षीय बनारसी उर्फ भगेन्द्र के बीच झगड़ा हुआ। लहरी ने अपने पति को कहा कि तुम पकौड़े की ही दुकान लगा लो। इसके बाद दोनों में झगड़े शुरू हुआ और बनारसी ने अपनी पत्नी की गला दबाकर हत्या कर दी और फरार हो गया। कुछ देर बाद मृतका के ससुर काशी को पता चला कि उसकी बहू की मौत हो चुकी है और बेटा फरार हैं। उसने यह बात आसपास के ग्रामीणों को बताई। साथ ही मृतका के मायके वालों को भी सूचना दी।

लहरी के भाई ने दर्ज कराया मुकदमा
ग्राम प्रधान प्रतिनिधि बुल्लू यादव ने फोन के जरिए जानकारी कोन पुलिस को दी। सूचना मिलते ही थानाध्यक्ष अंजनी मिश्र घटना स्थल पर पहुंचकर जांच में जुट गए। लहरी के भाई अजय कुमार गुप्ता निवासी खड़िया शक्तिनगर ने तहरीर देकर आरोप लगाया है कि उसकी बहन की शादी सन 2007 में हुई थी। उसके बाद से ही बेराजगार बनारसी कोई रोजगार न कर दहेज के लिए प्रताड़ित करता आ रहा था। इतना ही नहीं बनारसी आये दिन मृतका के साथ मरता पीटता रहता था। रविवार की रात में हत्या कर फरार हो गया। कोन थाना प्रभारी अंजनी मिश्र ने बताया कि अजय की तहरीर पर बनारसी के खिलाफ आईपीसी की धारा 498ए, 323 और 302 के साथ दहेज प्रताड़ना की धारा 3/4 के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया हैं।

तीसरी शादी थी आरोपी की
मृतका के पिता भोलानाथ गुप्ता ने बताया कि बनारसी उर्फ भगेन्द्र की हमारे पुत्री के साथ तीसरी शादी थी। इससे पूर्व उसकी एक पत्नी मर गयी और एक को छोड़ दिया था। अपनी पुत्री की शादी भी उन्होंने दूसरे जगह की थी। लेकिन, उस पति को छोड़कर मेरी बेटी ने बनारसी उर्फ भगेन्द्र से बिना मेरे मर्ज़ी के शादी की थी। शादी के बाद हमने रिश्ते को स्वीकार कर एक मोटरसाइकिल व कई बार रुपय भी दिया।












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