Get Updates
Get notified of breaking news, exclusive insights, and must-see stories!

होली और रमज़ान का दूसरा जुमा एक दिन, मौलाना फरंगी महली ने एडवाइजरी जारी कर बदला नमाज़ का समय

14 मार्च को होली का पर्व मानने की तैयारियां जोर-शोर से की जा रही हैं। इस बार होली और रमजान का जुमा एक ही दिन पड़ रहा है। इसके मद्देनजर ईदगाह के पेश इमाम और इस्लामिक सेंटर ऑफ इंडिया के चेयरमैन मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली ने शुक्रवार की नमाज के लिए एक एडवाइजरी जारी की है।

14 मार्च को होली के दिन रमजान का दूसरा जुमा एक दिन है, इसलिए एडवाइजरी में जुमे की नमाज का समय दोपहर 12.45 और 1 बजे के बदले 2 बजे कर दिया गया है। होली के दिन लोगों को जुमे की नमाज में कोई दिक्‍कत नहीं हो इसलिए ये समय परितर्वन किया गया है। ये निर्णय त्‍योहार के दौरान विभिन्न समुदायों के बीच सद्भाव और सम्मान बनाए रखने के उद्देश्‍य से लिया गया है।

मौलाना फरंगी महली ने ये एडवाजरी जारी करते हुए कहा "रमजानुल मुबारक का पाक महीना चल रहा है, हर मुसलमान पूरी कोशिश करता है कि वो इस पवित्र महीने में अधिक से अधिक इबादत करें, अच्‍छे से नमाज़ पढ़े और रोजा रखें। हर रोजादार की ये ही कोशिश रहती है कि उसके खुद, अमल और इबादत से किसी को तकलीफ या नुकसान ना पहुंचे। इस साल रमजान का दूसरा जुमा 14 मार्च को हमारे भाईयों का होली त्‍योहार है, इसलिए एडवाजरी जारी की गई है।

मौलाना फरंगी महली ने कहा दोपहर 1 बजे के बाद होली का रंग पड़ने का दौर थम जाता है तब जुमा की नमाज पढ़ने जा रहे लोगों को भी कोई दिक्‍कत का सामना नहीं करना पड़ेगा। उन्होंने सुझाव दिया कि मस्जिदें जो आमतौर पर दोपहर 12:30 बजे से दोपहर 1 बजे के बीच जुमे की नमाज़ पढ़ती हैं, वे 14 मार्च को अपना समय दोपहर 2 बजे के हिसाब से बदल लें।

फरंगी महली ने दी ये सलाह

  • इसके साथ ही फरंगी महली ने कहा कि इस दिन छुटृटी रहेगी लेकिन लोग इस दिन नमाज पढ़ने के लिए दूर ना जाए, अपनी स्थानीय मस्जिदों में ही नमाज़ पढ़ें।
  • इसके अलावा, लखनऊ में जामा मस्जिद ईदगाह में जुमे की नमाज़ का समय भी इस तिथि को दोपहर 2 बजे कर दिया जाएगा।

मौलाना फरंगी महली ने सलाह के महत्व पर प्रकाश डालते हुए इमामों और मस्जिद प्रबंधन समितियों से इन बदलावों का पालन करने का आह्वान किया।

मौलाना फरंगी महली ने उम्मीद जताई कि ऐसे उपायों से गंगा-जमुनी तहजीब को मजबूती मिलेगी, जो हमारे देश में हिंदुओं और मुसलमानों के बीच साझा सांस्कृतिक विरासत और सांप्रदायिक सद्भाव का प्रतीक है।

सुन्नी धार्मिक नेता ने कहा यह पहल भारत के विविध समुदायों के बीच राष्ट्रीय एकता और आपसी भाईचारे को बढ़ावा देने की दिशा में एक कदम है।

More From
Prev
Next
Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+