अतीक केस की जांच कर रहे एसपी के ट्रांसफर पर हाईकोर्ट नाराज
अतीक अहमद से संबन्धित मुकदमों और शियाट्स मामले में उनकी भूमिका की जांच हाईकोर्ट ने एसपी क्राइम मो.इरफान अंसारी सौंपी थी। लेकिन अचानक से उनका ट्रांसफर कर दिया गया।
इलाहाबाद। हाईकोर्ट में आज उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से चुनाव आयोग का वह आदेश पेश किया जाना था जिस आदेश की वजह से अतीक अहमद के केस की जांच कर रहे एसपी का ट्रांसफर हुआ था। लेकिन सरकार ने कोर्ट में चुनाव आयोग का आदेश पेश नहीं किया जिस पर हाईकोर्ट ने नाराजगी जताई है।

अदालत ने सुनवाई के दौरान आदेश की कॉपी को अदालत में पेश करने को कहा। और पूछा कि जब कोर्ट के आदेश से एसपी क्राइम को जांच सौंपी गई थी तो उनका ट्रांसफर क्यों किया गया? क्या सरकार ने आयोग को कोर्ट के आदेश की जानकारी दी थी ?।जिस पर प्रदेश सरकार तरफ से पैरवी करते हुये अपर महाधिवक्ता इमरान उल्ला ने कहा कि ट्रांसफर चुनाव आयोग के आदेश पर हुआ है इसमें प्रदेश सरकार की कोई भूमिका नहीं है।
इरफान अंसारी थे एसपी क्राइम
बाहुबली अतीक अहमद के खिलाफ दर्ज मुकदमों और शियाट्स मामले में उनके शामिल होने की जांच हाईकोर्ट ने तत्कालीन एसपी क्राइम मो.इरफान अंसारी सौंपी थी। लेकिन अचानक से उनका ट्रांसफर कर दिया गया और जांच अधर में रह गई। अदालत में जब सुनवाई शुरू हुई तो एसपी के तबादले पर कोर्ट ने नाराजगी व्यक्त करते हुये अतीक के मुकदमों में सरकार की पैरवी पर भी सवाल खड़े किये।
अदालत ने चुनाव आयोग के वकील को आदेश दिया है कि वह बुधवार को आदेश की कॉपी प्रस्तुत करें। क्योंकि जब एसपी क्राइम को कोर्ट के आदेश से जांच सौंपी थी तो उनका ट्रांसफर अदालत से पूंछे बिना कौन सी विशेष परिस्थिति में किया गया। न्यायालय ने यह भी जानना चाहा है कि क्या सरकार ने आयोग को कोर्ट के आदेश के बारे में बताया था।
मुख्य न्यायाधीश की पीठ कर रही है सुनवाई
अतीक पर सख्ती की वजह हाईकोर्ट की वह पीठ भी है जिसमें मुख्य न्यायमूर्ति डीबी भोसले और न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा शामिल हैं । जजों की इस पीठ ने अतीक की क्रिमिनल हिस्ट्री खुलवा दी है। जिससे अतीक का अब जेल से बाहर आ पाना मुश्किल हो गया है। सुनवाई के दौरान उसे सजा भी सुनाई जा सकती है।












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