Hema Malini: 'बढ़ा-चढ़ाकर दिखाई जा रही खबर', महाकुंभ भगदड़ को हेमा मालिनी ने बताई 'आम घटना'
Hema Malini Statement on Maha Kumbh: महाकुंभ में मची भगदड़ को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। मथुरा से सांसद और भाजपा नेता हेमा मालिनी ने इस मुद्दे को लेकर विवादित बयान दिया है। हेमा मालिनी ने इसे आम घटना बताते हुए कहा कि इसे बढ़ा-चढ़ाकर दिखाया जा रहा है। उनके इस बयान ने राजनीतिक गलियारों में भचाल सा मचा दिया है।
इस हादसे में कम से कम 30 लोगों की जान चली गई और करीब 60 लोग घायल हो गए। जहां इस घटना को लेकर विपक्ष सरकार पर निशाना साध रहा है, वहीं हेमा मालिनी ने इसे ज्यादा गंभीर न बताते हुए कहा कि यह कोई बहुत बड़ी घटना नहीं थी और इसे बेवजह बढ़ा-चढ़ाकर दिखाया जा रहा है। उनके इस बयान के बाद सियासी हलकों में विवाद छिड़ गया है और विपक्ष ने सरकार की लापरवाही पर सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं।

हेमा मालिनी ने क्या कहा
मीडिया से बात करते हुए हेमा मालिनी ने कहा, "हम कुंभ गए थे, वहां बहुत अच्छा स्नान किया। यह सही है कि एक घटना हुई, लेकिन यह कोई बहुत बड़ी घटना नहीं थी। मुझे नहीं पता कि यह कितनी बड़ी थी, लेकिन इसे बढ़ा-चढ़ाकर दिखाया जा रहा है। महाकुंभ का आयोजन बहुत अच्छे से किया जा रहा है। प्रशासन पूरी मेहनत कर रहा है, इतनी भीड़ को संभालना आसान नहीं होता।"
भगदड़ में 30 की मौत, 60 घायल
यह भगदड़ मौनी अमावस्या के दूसरे शाही स्नान के दौरान हुई, जिसमें कम से कम 30 लोगों की मौत हो गई और 60 से ज्यादा लोग घायल हो गए। घटना को लेकर विपक्षी दलों ने सरकार पर अव्यवस्था का आरोप लगाया और कुंभ मेले में सुरक्षा इंतजामों पर सवाल खड़े किए हैं।
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अखिलेश यादव ने सरकार से मांगा जवाब
इससे पहले समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने महाकुंभ भगदड़ में हुई मौतों को लेकर सरकार से पारदर्शिता की मांग की। उन्होंने कहा कि सरकार को मरने वालों की सही संख्या, घायलों का इलाज और पूरे आयोजन की तैयारियों का ब्योरा पेश करना चाहिए। राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव की बहस के दौरान अखिलेश यादव ने एक सर्वदलीय बैठक बुलाने की मांग की, ताकि भगदड़ की सच्चाई सामने आ सके। उन्होंने कहा कि आपदा प्रबंधन और लापता व्यक्तियों के केंद्र की जिम्मेदारी सेना को सौंपनी चाहिए।
"लोग पुण्य कमाने आए थे, अपनों के शव लेकर गए"
अखिलेश यादव ने सरकार से सवाल किया कि "अगर कोई गलती नहीं थी, तो आंकड़े छुपाए क्यों गए?" उन्होंने मांग की कि इस घटना के लिए जिम्मेदार लोगों पर सख्त कार्रवाई की जाए और सच को छिपाने वालों को सजा दी जाए। उन्होंने कहा, "लोग पुण्य कमाने आए थे, लेकिन वे अपने अपनों के शव लेकर गए।"
महाकुंभ में हुई इस घटना को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। विपक्ष लगातार सरकार को घेर रहा है, जबकि प्रशासन कुंभ मेले की व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने का दावा कर रहा है।
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