Heatwave के बीच बिजली सप्लाई में UP बना नंबर-1, पीक डिमांड 31804 MW पूरी, अब नहीं होगी बत्ती गुल?
UP Power Supply: उत्तर प्रदेश ने बिजली आपूर्ति के क्षेत्र में एक नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड बना दिया है। ऊर्जा मंत्री एके शर्मा ने सोमवार (25 मई) को घोषणा की कि 24 मई रात 10:39 बजे राज्य में बिजली की पीक सप्लाई 31,804 मेगावाट तक पहुंच गई। यह न सिर्फ यूपी बल्कि पूरे देश के किसी भी राज्य द्वारा दर्ज की गई अब तक की सर्वाधिक बिजली आपूर्ति है।
ऊर्जा मंत्री एके शर्मा (Uttar Pradesh Energy Minister AK Sharma) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा, 'यूपी लगातार अपने ही रिकॉर्ड तोड़ रहा है। हमारी प्रतिस्पर्धा अब केवल खुद से है।' इससे पहले रात 10:01 बजे 31,774 MW और सुबह 2:33 बजे 31,000 MW का आंकड़ा पार किया जा चुका था।

रिकॉर्ड की अहमियत
31,804 MW की यह पीक सप्लाई कई मायनों में ऐतिहासिक है:-
- पिछले सभी रिकॉर्ड (जून 2025 का 31,486 MW) को पार कर गया।
- प्रचंड गर्मी और बढ़ती मांग के बावजूद निर्बाध आपूर्ति बरकरार रही।
- महाराष्ट्र, गुजरात, तमिलनाडु जैसे बड़े राज्यों को पीछे छोड़ते हुए यूपी देश में नंबर-1 बन गया।
- शहरी क्षेत्रों में 24 घंटे और ग्रामीण क्षेत्रों में 22 से 22.5 घंटे औसत बिजली उपलब्धता।
कैसे हासिल हुआ यह रिकॉर्ड? सरकार की रणनीति
उत्तर प्रदेश सरकार ने बिजली क्षेत्र में पिछले 8-9 वर्षों में बड़े पैमाने पर सुधार किए हैं। प्रमुख उपलब्धियां इस प्रकार हैं:
1. उत्पादन क्षमता में भारी वृद्धि
2017 में यूपी की अपनी बिजली उत्पादन क्षमता मात्र 5,160 MW थी, जो अब बढ़कर 9,120 MW हो गई है। घाटमपुर थर्मल पावर प्लांट, जवाहरपुर, ओबरा और अन्य नई इकाइयों ने इस वृद्धि में अहम भूमिका निभाई।
2. ट्रांसमिशन और डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क का आधुनिकीकरण
- सबस्टेशन क्षमता 39,000 MVA से बढ़कर लगभग 2 लाख MVA हो गई (6 गुना वृद्धि)।
- 1.59 लाख किलोमीटर नई लाइन बिछाई गई।
- 29 लाख नए पोल लगाए गए और हजारों पुराने ट्रांसफार्मरों को अपग्रेड किया गया।
- स्मार्ट मीटरिंग, एआई आधारित लोड मैनेजमेंट और रियल-टाइम मॉनिटरिंग सिस्टम लागू।
3. नवीकरणीय ऊर्जा पर जोर
सोलर, बायोमास और छोटे हाइड्रो प्रोजेक्ट्स को बढ़ावा दिया गया। इससे ग्रिड पर दबाव कम हुआ और पर्यावरण अनुकूल ऊर्जा मिश्रण तैयार हुआ।
4. बिजली चोरी पर सख्ती
स्मार्ट मीटरिंग और एंटी-थेफ्ट ड्राइव से रेवेन्यू में उल्लेखनीय सुधार हुआ, जिससे नए प्रोजेक्ट्स के लिए संसाधन उपलब्ध हुए।
गर्मी की चुनौती और विभाग की तैयारियां
मई 2026 में यूपी में प्रचंड गर्मी पड़ी। कई जिलों में तापमान 46-48°C तक पहुंच गया। एयर कंडीशनर, कूलर और पंखों की खपत ने मांग को नई ऊंचाई दी। देश का कुल पीक डिमांड भी 270 GW के पार पहुंचा, जिसमें यूपी का हिस्सा सबसे बड़ा रहा।
ऊर्जा मंत्री AK शर्मा ने स्पष्ट किया कि बिजली कर्मचारी तकनीकी खराबी, मौसम संबंधी समस्या या किसी अन्य कारण से होने वाली स्थानीय रुकावटों को तुरंत ठीक करने के लिए दिन-रात काम कर रहे हैं। उन्होंने जनता से कर्मचारियों की मेहनत की सराहना करने और सहयोग करने की अपील की।
2017 vs 2026: सफर की तुलना
- 2017: औसत पीक डिमांड लगभग 13,000-14,000 MW, भारी लोडशेडिंग, घंटों बिजली कटौती।
- 2026: औसत पीक डिमांड 28,000-30,000 MW के आसपास, शहरी क्षेत्रों में 24×7 सप्लाई।
- बिजली उपलब्धता दोगुनी से ज्यादा हो गई।
- 1.5 लाख से अधिक बिजलीविहीन गांवों और बस्तियों को रोशनी मिली।
यह बदलाव यूपी को बिजली क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
आर्थिक और सामाजिक प्रभाव
- उद्योग जगत: निरंतर बिजली से फैक्टरियां बेहतर चल रही हैं। निवेश आकर्षित हो रहा है और MSME सेक्टर को बढ़ावा मिल रहा है।
- कृषि क्षेत्र: ट्यूबवेलों को समय पर बिजली मिलने से फसल उत्पादन बढ़ा है।
- घरेलू उपभोक्ता: छात्रों की पढ़ाई, स्वास्थ्य सेवाएं और दैनिक जीवन सुगम हुआ।
- रेवेन्यू: बेहतर कलेक्शन से विभाग वित्तीय रूप से मजबूत हुआ।
अभी भी चुनौतियां बाकी?
- मांग हर साल 8-10% की दर से बढ़ रही है।
- ट्रांसमिशन और डिस्ट्रीब्यूशन लॉसेज को और कम करना।
- ग्रामीण क्षेत्रों में 24×7 सप्लाई सुनिश्चित करना।
- नवीकरणीय ऊर्जा को मुख्यधारा में लाना।
सरकार इन चुनौतियों का सामना करने के लिए और बड़े प्रोजेक्ट्स पर काम कर रही है।
मंत्री AK शर्मा का संदेश
ऊर्जा मंत्री ने बार-बार बिजली कर्मचारियों को 'हीरो' बताया। उन्होंने कहा, 'जहां स्थानीय समस्या हो, तुरंत सूचना दें। हम पूरे राज्य में सप्लाई बहाल और बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध हैं।'
भविष्य की राह क्या है?
यूपी सरकार का लक्ष्य 2025-26 तक राज्य को पावर सरप्लस बनाने का है। बड़े सोलर पार्क, ग्रीन हाइड्रोजन और स्मार्ट ग्रिड पर भारी निवेश की योजना है। 31,804 MW का रिकॉर्ड सिर्फ एक आंकड़ा नहीं, बल्कि यूपी में बिजली क्रांति का जीवंत प्रमाण है। जहां एक समय अंधेरा छाया रहता था, वहां आज राज्य देश का पावरहाउस बन रहा है। यह उपलब्धि बिजली विभाग की मेहनत, सरकार की दूरदर्शिता और इंफ्रास्ट्रक्चर विकास का नतीजा है। यूपी अब बिजली के मामले में न सिर्फ आत्मनिर्भर हो रहा है, बल्कि पूरे देश के लिए उदाहरण पेश कर रहा है।
(इनपुट PTI)













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