यूपी: बच्चों के भविष्य से खिलवाड़, हेडमास्टर छात्रों से करवा रहे हैं बाल मजदूरी
प्राथमिक विद्यालय में बाउंड्री टूटी पड़ी हुई है। स्कूल की हालत काफी जर्जर है। खास बात यह है कि यहां पर कभी कार्य भी नहीं करवाया गया। ऐसे मे बचा हुया कार्य पढ़ने वाले बच्चों से करवाया जा रहा है।
हरदोई। जहां सूबे की सरकार द्वारा बेहतर शिक्षा व्यवस्था की बात की जा रही है, ऐसे में हरदोई जिले के माधौगंज ब्लॉक के नारायनमऊ के प्राथमिक विद्यालय में पढ़ने वाले नन्हे मुन्ने बच्चों से उनको पढ़ाने की जगह अध्यापकों द्वारा उन से ईंटे ढुलवाने का काम करवाया जा रहा है। ये भी पढ़ें: बिहार: परीक्षा में फेल करने की धमकी देकर हेडमास्टर ने छात्रा से की अश्लील हरकत

बता दें प्राथमिक विद्यालय में बाउंड्री टूटी पड़ी हुई है। स्कूल की हालत काफी जर्जर है। खास बात यह है कि यहां पर कभी कार्य भी नहीं करवाया गया। ऐसे में जो अध्यापक हैं। वे बचा हुया कार्य पढ़ने वाले बच्चों से करवा रहे हैं। ऐसे में अधिकारी भी कुछ भी बोलने से इंकार कर रहे हैं। अब सवाल यह उठता है कि आखिर हमारे देश का भविष्य कहे जाने वाले इन बच्चों का भविष्य क्या होगा। जब प्रधानाचार्य द्वारा उनसे बाल मजदूरी करवाई जा रही है। वहीं, प्रशासन भी इस मुद्दे पर पूरी तरह मौन है। फिर ऐसे में इस मुद्दे पर कार्रवाई कैसी होगी।
जिले के बेसिक शिक्षा अधिकारी अपनी कुर्सी पर हमेशा नदारत रहते हैं। वहीं, शिकायत करने वाला सरकारी नंबर भी हमेशा बंद रहता है। ऐसे में शिकायतकर्ता शिकायत कैसे करें। गौरतलब है कि इसके लिए जिला अधिकारी को कई बार बताया गया है। बेसिक शिक्षा अधिकारी का सीयूजी नंबर हमेशा स्विच ऑफ ही जाता है। इतना ही नहीं अधिकारी कभी भी सही समय पर अपने कार्यालय पर भी मौजूद नहीं रहते हैं।
शिक्षा विभाग की इस लचर व्यवस्था पर मीडिया की नजर पड़ी। यही हमारे देश की बुनियाद है इस तरीके से विद्यालय में शिक्षा की बजाय श्रम मजदूरी करवाई जा रही है। मां बाप के सपने को चूर कर देने वाला यह दृश्य अमानवीय होने का इशारा कर रहा है। ये भी पढ़ें: एटा हादसा: अधूरी रह गई कविता, साइकिल बन गई जान की दुश्मन












Click it and Unblock the Notifications