गोला गोकर्णनाथ उपचुनाव के नतीजे का उत्तर प्रदेश की राजनीति पर क्या असर होगा ? जानिए
Gola Gokarannath upchunav result: उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ की मौजूदा सरकार के पिछले आठ महीने के कामकाज पर प्रदेश की जनता ने एकबार फिर मुहर लगा दी है। लखीमपुर खीरी के पास की गोला गोकर्णनाथ विधानसभा सीट के लिए हुए उपचुनाव में भाजपा प्रत्याशी को शानदार जीत मिली है और उन्होंने आधे से भी ज्यादा वोट अपने पक्ष में बटोरे हैं। यहां प्रमुख विपक्षी दलों में से सिर्फ समाजवादी पार्टी ने अपने पिछले उम्मीदवार को ही रिपीट किया था, लेकिन वह इसी साल हुए विधानसभा चुनाव से भी ज्यादा बुरी तरह से पराजित हुए हैं। इस सीट पर बसपा और कांग्रेस ने कोई उम्मीदवार नहीं दिया था। बावजूद इसके बीजेपी का वोट शेयर सपा के मुकाबले बहुत ज्यादा बढ़ गया है।

गोला गोकर्णनाथ उपचुनाव में बीजेपी की बड़ी जीत
उत्तर प्रदेश की लखीमपुर खीरी के गोला गोकर्णनाथ विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव में भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशी अमन गिरी ने बहुत बड़ी जीत दर्ज की है। उन्होंने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी समाजवादी पार्टी के विनय तिवारी को 34,298 वोटों से पीछे छोड़ दिया। इस सीट पर भाजपा की जीत बड़ी इसलिए है, क्योंकि ना तो कांग्रेस ने अपना उम्मीदवार उतारा था और ना ही बहुजन समाज पार्टी का प्रत्याशी चुनाव लड़ा। फिर भी बीजेपी के अमन गिरी को 55.88% वोट हासिल हुए और समाजवादी पार्टी के विनय तिवारी उनके मुकाबले सिर्फ 40.52% वोट ही जुटा सके। इन दोनों के अलावा यहां बाकी 5 प्रत्याशी भी मैदान में थे। यानि अघोषित तौर पर भाजपा-विरोधी दलों की एकमात्र प्रतिनिधि होने के बावजूद सपा के उम्मीदवार बीजेपी प्रत्याशी के मुकाबले कहीं भी टिक नहीं पाए।
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यूपी में सीएम योगी की लोकप्रियता कायम
गोला गोकर्णनाथ विधानसभा सीट भाजपा के सीटिंग विधायक अरविंद गिरी के 6 सितंबर, 2022 को हुए निधन की वजह से खाली हुई थी। यहां से चुनाव जीतने वाले अमन गिरी, अरविंद गिरी के ही बेटे हैं। 3 नवंबर को उपचुनाव के लिए हुए मतदान में गोला गोकर्णनाथ सीट पर 57.35 प्रतिशत वोट पड़े थे। यहां उपचुनाव में भाजपा की ओर से प्रचार की कमान खुद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ही संभाली थी और यहां से आया परिणाम अगर सीटिंग विधायक के बेटे के प्रति सहानुभूति का प्रतीक है तो यह भी संकेत देता है कि योगी की लोकप्रियता फिलहाल यूपी की राजनीति के लिए अकाट्य बन चुकी है।

भाजपा में ज्यादा शिफ्ट हुए बसपा के वोट!
इस साल फरवरी-मार्च में जो यूपी विधानसभा का चुनाव हुआ था, भाजपा ने उपचुनाव में अपनी स्थिति उससे भी मजबूत की है। जबकि, महंगाई की स्थिति तब की तुलना में ज्यादा खराब हुई है। समाजवादी पार्टी ने बीते चुनाव में मतदाता सूची में बड़े स्तर पर गड़बड़ी किए जाने के आरोप चुनाव आयोग पर आरोप लगाए हैं, जिसके लिए उससे जवाब भी मांगा गया है। पिछले चुनाव में बीजेपी के दिवंगत विधायक अरविंद गिरी को गोला गोकर्णनाथ विधानसभा क्षेत्र में 48.67% ही वोट मिले थे। वहीं सपा के प्रत्याशी विनय तिवारी को 37.4% वोट हासिल हुए थे। तब इस सीट पर बसपा के उम्मीदवार को 10.37% और कांग्रेस प्रत्याशी को 1.35% वोट मिले थे। उम्मीदवारों की कुल संख्या तब भी इतनी ही थी। यानि बसपा के भी ज्यादातर वोट लगता है कि उपचुनाव में बीजेपी के प्रत्याशी के खाते में गए हैं, जबकि सपा को उसका बहुत ही कम शेयर मिला है।

उपचुनाव के नतीजे का यूपी पर असर
अगर कुल मिलाकर गोला गोकर्णनाथ उपचुनाव के यूपी की राजनीति पर प्रभाव की बात करें तो इसमें टीम योगी की सरकार के कामकाज पर फिर एकबार मुहर लगी है। 403 सीटों वाली यूपी विधानसभा में बीजेपी के 255 विधायकों के साथ सरकार पहले ही बहुत ही मजबूत स्थिति में है। इसे अगर 2024 के लोकसभा आम चुनाव के लिए ताकत की परीक्षा के तौर पर देखें तो उत्तर प्रदेश में विपक्ष के मुकाबले सत्ताधारी बीजेपी बहुत बड़ी शक्ति के तौर पर विराजमान है। यहां से जीतने के बाद अमन गिरी ने कहा है कि वह अपने पिता के सपनों को साकार करेंगे। उन्होंने इसे 'छोटा काशी' के रूप में विकसित करने के सीएम योगी के वादे के लिए भी उन्हें धन्यवाद दिया है।

2024 के लोकसभा चुनाव के लिए भाजपा का बढ़ा हौसला
भाजपा यूपी में मजबूत स्थिति में है और दिल्ली की सत्ता लखनऊ के रास्ते पाई जाती है। अगर इन दोनों तथ्यों को समझें तो गोला गोकर्णनाथ उपचुनाव का बीजेपी के लिए महत्त्व समझा जा सकता है। क्योंकि, यह सीट केंद्रीय गृहराज्यमंत्री अजय मिश्रा टेनी की लखीमपुर खीरी लोकसभा क्षेत्र का भी हिस्सा है। पिछले साल अक्टूबर में किसान आंदोलन के दौरान, यहां चार किसानों की हत्या के बाद से वह पूरे देश में विपक्ष की राजनीति के निशाने पर रहे हैं। उनका बेटा इस मामले में आरोपी है।












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