Ghooskhor Pandat के बाद अब Godaan फिल्म पर संकट! किस सीन पर मचा भारी बवाल? देवबंद से आया बायकॉट का फरमान
Godan Movie Controversy: मनोरंजन जगत में इस समय विवादों का तूफान खड़ा हो गया है। एक तरफ जहां नेटफ्लिक्स की फिल्म 'घूसखोर पंडत' के नाम को लेकर ब्राह्मण समाज और सोशल मीडिया पर भारी नाराजगी है, वहीं दूसरी तरफ 6 फरवरी 2026 को रिलीज होने वाली फिल्म 'गोदान' भी एक विवादित सीन की वजह से देवबंद के निशाने पर आ गई है। अब इस फिल्म के बहिष्कार (Boycott) की मांग उठने लगी है।
फिल्म 'गोदान' में गो-संरक्षण और भारतीय संस्कृति को केंद्र में रखा गया है, लेकिन इसके एक सीन ने सोशल मीडिया पर बवाल मचा दिया है। फिल्म के एक दृश्य में एक पुलिसकर्मी को टोपी पहने हुए व्यक्ति पर बंदूक ताने और आपत्तिजनक टिप्पणी करते हुए दिखाया गया है। यह सीन वायरल होते ही नेटिजन्स भड़क उठे और देखते ही देखते यह मामला धार्मिक रंग लेने लगा।

देवबंद का 'बहिष्कार' वाला फरमान
एनडीटीवी मूवी की रिपोर्ट के अनुसार, इस सीन पर प्रतिक्रिया देते हुए देवबंदी उलेमा मौलाना कारी इसहाक गोरा ने कड़ी आपत्ति जताई है। उन्होंने बॉलीवुड पर तीखा हमला बोलते हुए कहा, 'बॉलीवुड अब जानबूझकर नफरत फैलाने वाला कंटेंट तैयार कर रहा है। ऐसी फिल्में समाज में वैमनस्य फैलाती हैं, इसलिए मुस्लिम समुदाय और न्यायप्रिय लोगों को इस फिल्म का पूर्ण बहिष्कार (Boycott) करना चाहिए।'
'घूसखोर पंडत' से भी जुड़ी है नाराजगी की कड़ी
बता दें कि विवादों की शुरुआत मनोज बाजपेयी की फिल्म 'घूसखोर पंडत' से हुई थी, जिसके नाम को लेकर लोगों ने सीधे कोर्ट जाने की चेतावनी दी थी। अब 'गोदान' के इस विवादित सीन ने आग में घी डालने का काम किया है। एक तरफ 'नाम' पर संग्राम है, तो दूसरी तरफ 'सीन' पर संग्राम छिड़ा हुआ है।
CM योगी से मिल चुके हैं मेकर्स
दूसरी तरफ फिल्म के निर्माता-निर्देशक विनोद चौधरी ने शनिवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात कर फिल्म का ट्रेलर लॉन्च किया था। निर्माता ने बताया कि यह फिल्म गो-रक्षा, भारतीय संस्कृति और सामाजिक उत्तरदायित्व पर आधारित है। उन्होंने सीएम योगी से फिल्म को टैक्स-फ्री करने का अनुरोध भी किया है, क्योंकि यूपी सरकार ने पिछले 9 वर्षों में 7,500 से ज्यादा गो-आश्रय स्थल बनवाकर गोरक्षा के क्षेत्र में अभूतपूर्व कार्य किए हैं।












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