गाजीपुर पत्रकार हत्याकांड: 'काम' में रोड़ा बन रहा था इसलिए रास्ते से हटाया गया
गाजीपुर। जिले के आरएसएस कार्यकर्ता और पत्रकार राजेश मिश्रा हत्याकांड में पुलिस ने तीन अभियुक्तों को गिरफ्तार कर एक बड़ा खुलासा किया। 21 अक्टूबर को गाजीपुर के थाना करंडा क्षेत्र के भजनपुरा चट्टी के पास अज्ञात बदमाशों द्वारा ताबड़तोड़ फायरिंग कर राजेश मिश्रा पुत्र धनंजय मिश्रा की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। उनके भाई अमितेश मिश्रा को गोली मारकर गंभीर रूप से घायल कर दिया था। इस संबंध में थाना करंडा में 515 , धारा 302/ 307/ 120 बी पंजीकृत कर स्थानीय पुलिस द्वारा विवेचना की जा रही थी। इस सनसनीखेज घटना के खुलासे के लिए पुलिस अधीक्षक गाजीपुर द्वारा क्राइम ब्रांच टीम एवं थाना करड़ा नंदगंज पुलिस टीम को संयुक्त रुप से लगाया गया था।

अवैध खनन के कारण गई आरएसएस कार्यकर्ता व पत्रकार की जान
गाजीपुर पुलिस लाइन में पुलिस अधीक्षक सोमेन वर्मा ने मीडिया बताया कि आरएसएस कार्यकर्ता व पत्रकार राजेश मिश्रा की हत्या राजू गैंग द्वारा कराई गई थी। हत्याकांड के खुलासे में लगी पुलिस और क्राइम ब्रांच टीमों को रविवार को बड़ी सफलता मिली। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि मुखबिर की सूचना पर करंडा एवं नंदगंज तथा क्राइम ब्रांच की संयुक्त टीम ने हत्याकांड में शामिल बिहार निवासी झनकू यादव एवं अजीत यादव तथा चंदौली निवासी सुनील यादव नामक अभियुक्तों को घेरेबंदी कर धर दबोचा।

राजू यादव गैंग ने बरसाईं थी गोलियां
हिरासत में लिए गए बदमाशों ने पूछताछ में बताया कि वो राजू यादव की गैंग के सदस्य हैं और उसके कहने पर ही राजेश मिश्रा और उसके भाई पर फायरिंग की थी। दरसअल, ये गैंग अवैध खनन के कामों में लिप्त है जिसमे राजेश रोड़ा बने हुए थे। उन्होंने बताया कि गिरफ्तार अभियुक्तों अजीत यादव एवं सुनील यादव पर जनपद चंदौली एवं जनपद भभुआ बिहार राज्य में विभिन्न स्थानों पर गंभीर आपराधिक मुकदमा पंजीकृत है। पुलिस टीम ने अभियुक्तों से एक पिस्टल 32 बोर जिंदा कारतूस 32 बोर, घटना में प्रयुक्त तमंचा 315 बोर, दो अदद जिंदा कारतूस 315 बोर एवं 2 अदद खोखा कारतूस 315 बोर और एक पल्सर मोटरसाइकिल काला नीला रंग की यूपी 65 जेड 2986 घटना में प्रयुक्त की बरामदगी भी की है।

मुठभेड़ में मिली सफलता, मुख्य आरोपी हुआ फरार
पुलिस के मुताबिक मुठभेड़ के दौरान राजू यादव समेत तीन अन्य आरोपी फरार होने में सफल रहे, जिनके गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमों का प्रयास जारी है, जिसके तहत जगह-जगह छापेमारी की जा रही है। इस सफलता से उत्साहित पुलिस अधीक्षक द्वारा पुलिस टीम को उत्साहवर्धन हेतु 15,000 के नगद पुरस्कार से पुरस्कृत करने की घोषणा की।












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