Ghaziabad nikay Chunav: मेयर पद जीतकर भी खुश नहीं हुए भाजपा कार्यकर्ता, इन 7 पदों पर मिली हार
Ghaziabad nikay Chunav:गाजियाबाद में बीजेपी को मेयर सीट पर तो जरूर जीत मिली है और नगर पार्षदों के चुनाव में भी डंका बजा है। लेकिन,नगर पालिका और नगर पंचायत अध्यक्षों के चुनाव में उसे सिर्फ निराशा मिली है।

Ghaziabad nikay Chunav: गाजियाबाद नगर निगम पार्षदों के चुनाव में भाजपा को 100 वार्ड में से 68 में जीत मिली है। 2017 के मुकाबले यहां पार्टी ने 12 सीटें अधिक जीती हैं। गाजियाबद नगर निगम के मेयर पद पर भी भारतीय जनता पार्टी ने अपना कब्जा बरकरार रखा है। लेकिन, मेयर को मिलाकर कुल 9 में से पार्टी 2 ही महत्वपूर्ण पद जीत सकी है।
नगर पालिका-नगर पंचायतों के अध्यक्ष के चुनाव में बीजेपी की करारी हार
गाजियाबाद निकाय चुनाव में भाजपा के उम्मीदवार चार में से तीन नगर पालिकाओं और चार के चार नगर पंचायतों के अध्यक्ष पद का चुनाव हार गए हैं। जब नगर निकाय चुनावों में पूरे उत्तर प्रदेश में सत्ताधारी बीजेपी का डंका बज रहा है, ऐसे में इन 7 महत्वपूर्ण पदों पर पार्टी उम्मीदवारों को मिली हार से इसके कार्यकर्ताओं में जबर्दस्त मायूसी है।
सिर्फ मोदीनगर नगर पालिका अध्यक्ष का चुनाव जीती बीजेपी
इस तरह से पार्टी गाजियाबाद के शहरी निकायों के कुल 9 चेयरपर्सन पद (मेयर समेत) में से सिर्फ 2 पर ही कब्जा रख पाई है। जबकि, 2017 के चुनाव में वह इन सारे पदों पर जीत दर्ज की थी।
जिन चार नगर पालिकाओं में से बीजेपी सिर्फ एक में अध्यक्ष का चुनाव जीती है, वह है मोदीनगर।
तीन नगर पालिका अध्यक्षों का पद बीजेपी के हाथ से निकला
यहां पार्टी के प्रत्याशी विनोद को कुल 62,640 वोट मिले और उन्होंने कुल मतदान का 64.4% वोट हासिल किया। लेकिन, बाकी तीन नगर पालिकाओं लोनी, खोड़ा-मकनपुर और मुरादगर में अध्यक्ष का पद बीजेपी के हाथ से निकल गया है।
लोनी नगर पालिका अध्यक्ष के चुनाव में आरएलडी-सपा की प्रत्याशी रंजीता धामा ने बीजेपी की पुष्पा प्रधान को 18,109 वोटों के अंतर से हराया है। मुरादनगर में नगरपालिका अध्यक्ष के चुनाव में बीजेपी की रमा देवी को सिर्फ 453 वोट से हराकर बसपा की छम्मी चौधरी ने कब्जा किया है। वहीं खोड़ा-मनकपुर में निर्दलीय मोहिनी शर्मा को जीत मिली है। उन्होंने बीजेपी की रीना भाटी को 20,852 वोटों से हराया है।
नगर पंचायत अध्यक्षों की चारों सीट पर भाजपा की करारी हार
गाजियाबाद जिले के चार नगर पंचायतों के अध्यक्ष की सीट में से बीजेपी का प्रत्याशी एक में भी जीता तो नहीं ही है, वोट भी इतने कम मिले हैं, जो पार्टी के कार्यकर्ताओं से लेकर नेताओं तक को निराश कर रहे हैं। मसलन, निवाड़ी नगर पंचायत अध्यक्ष पद के बीजेपी प्रत्याशी प्रदीप को सिर्फ 765 वोट मिले हैं, जो कि कुल पड़े वोट का महज 12.3% है।
इसी तरह पतला नगर पंचायत के अध्यक्ष पद की बीजेपी उम्मीदवार प्रियंका को महज 1,579 मिले हैं और वह चुनाव हार गई हैं। फरीदनगर नगर पंचायत अध्यक्ष पद के बीजेपी उम्मीदवार कमल कुमार को सिर्फ 1,191 या 14.6% वोट मिले और मतदाताओं ने उन्हें खारिज कर दिया।
बीजेपी कार्यकर्ताओं में निराशा!
डासना नगर पंचायत अध्यक्ष का चुनाव भी बीजेपी के लिए अलग नहीं रहा। यहां पार्टी प्रत्याशी नीतू सिंह को मात्र 2,837 वोट प्राप्त हुए, जो कि कुल मतदान को सिर्फ 13% है। राजनीति के जानकारों का कहना है कि गाजियाबाद निकाय चुनावों में मेयर पद समेत कुल 9 महत्वपूर्ण पदों में से सिर्फ 2 पद भाजपा के खाते में आना पार्टी के जमीनी कार्यक्रताओं की निराशा को दिखाता है।
जानकार मानते हैं कि मेयर पद पर सुनीता दयाल और मोदीनगर नगर पालिका अध्यक्ष पद पर जीत का श्रेय भी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पिछले हफ्ते हुई रैली को जाता है। शहरी क्षेत्र में सांसदों और विधायकों ने भी खूब प्रचार किया है। लेकिन, शहर से बाहरी इलाकों में खराब प्रदर्शन टिकट नहीं मिलने से कार्यकर्ताओं के उत्साह में कमी को भी जाहिर करता है।












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