इस 'निर्भया' के लिए क्यों नहीं दिख रहा वो गुस्सा! गैंगरेप के बाद मौत से लड़ रही है बच्ची
चार साल की मासूम पिछले चार दिनों से दरिंदगी के चलते तड़पती रही है।
सुल्तानपुर। चार दिन पहले डीएम आवास से महज चंद कदमों की दूरी पर मानवता शर्मसार हुई थी, जहां वहशी दरिंदे मां के साथ लेटी मासूम बच्ची को उठा ले गए थे। बाद में उसके साथ दुष्कर्म कर लहूलुहान हालत में उसे गोमती नदी के पास झाडियों में छोड़कर भाग निकले थे। पुलिस ने दुष्कर्म की शिकार बच्ची को हॉस्पिटल में भर्ती कराया था, जहां अब उसकी हालत चिंताजनक होने पर उसे लखनऊ के ट्रॉमा सेंटर रेफर किया गया है।

चार साल की मासूम चार दिनों से तड़प रही है
चार साल की मासूम पिछले चार दिनों से दरिंदगी के चलते तड़पती रही है। मामला बड़ा होने के चलते जिला अस्पताल के डॉक्टर बच्ची को बेहतर ट्रीटमेंट देते रहे कि किसी तरह उसे रिलीफ मिल जाए। लेकिन ब्लीडिंग ज्यादा होने और गंभीर जख्मों के कारण उसका मर्ज कम होने की बजाए बढ़ता ही जा रहा है। पहले के मुकाबले वो अब ज्यादा सीरियस हो गई है। जिसके बाद डॉक्टर ने बच्ची को ट्रॉमा सेंटर लखनऊ रेफर कर दिया।
प्राइवेट पार्ट्स में आई बेहद गंभीर चोट
ट्रीटमेंट कर रहे डॉक्टर रमेश कुमार ने बताया कि मासूम बच्ची को प्राइवेट पार्ट्स में बेहद गंभीर चोटें आई हैं। जिसके लिए अत्याधुनिक सुविधाएं और विशेष सर्जन चाहिए। क्योंकि चोट अब बगैर ऑपरेशन के ठीक नहीं हो सकती। इसलिए उसे लखनऊ रेफर किया गया है।

गोमती नदी के किनारे झाडियों में बेहोश हालत में पाई गई थी बच्ची
बता दें कि सुरक्षा मायनों में चाक-चौबंद डीएम आवास से चंद कदम दूरी पर 7 जून को देर रात मां के साथ झोपड़ी के बाहर सो रही बच्ची को दरिंदे उठा ले गए थे और उसको हवस का शिकार बना डाला गया। बाद में कोतवाली नगर के गोलाघाट स्थित गोमती नदी के किनारे झाडियों में खून से सनी हुई बच्ची बेहोश हालत में पाई गई थी। जिसे देखकर इलाके में सनसनी फैल गई। लोगों ने इसकी सूचना डायल 100 पुलिस को दी थी।
आरोपी पुलिस कस्टडी से दूर
मौके पर पहुंची पुलिस ने मासूम बच्ची को गंभीर हालत में जिला अस्पताल में एडमिट कराया था और बाद में परिजनों की तलाश कर उन्हें सूचना दी थी। फिलहाल पुलिस ने मासूम बच्ची के पिता की तहरीर पर मुकदमा तो दर्ज कर लिया था लेकिन आरोपी अभी तक पुलिस कस्टडी से दूर हैं।











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