UP News: पशुपालन घोटाले में पूर्व आईपीएस अरविंद सेन को 27 महीने बाद मिली जमानत
यूपी पशुपालन घोटाले में अरविंद सेन को जमानत सशर्त जमानत दी है। 27 महीने के बाद सेन जेल से बाहर निकले हैं। दो साल पहले यूपी में हुआ यह घोटाला काफी चर्चित रहा था।

multi-crore animal husbandry scam: इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ पीठ ने करोड़ों रुपये के पशुपालन घोटाले में कथित संलिप्तता के सिलसिले में 2 साल पहले गिरफ्तार किए गए पूर्व आईपीएस अधिकारी अरविंद सेन को जमानत दे दी है। न्यायमूर्ति डीके सिंह की एकल न्यायाधीश की पीठ ने उन्हें इस शर्त पर जमानत दी कि वह पहले 20 लाख रुपये राजकोष में जमा कराएंगे। सेन पर गबन का आरोप लगाया गया था।
करोड़ों रुपये के पशुपालन घोटाले के सिलसिले में गिरफ्तार किए गए कुल 17 लोगों में से पूर्व आईपीएस अधिकारी अरविंद सेन चौथे आरोपी हैं जिन्हें 27 महीने जेल में बिताने के बाद अब जाकर जमानत मिली है। उत्तर प्रदेश के पशुपालन विभाग द्वारा 9.72 करोड़ रुपये के फर्जी टेंडर निकाले जाने के मामले में एमपी के व्यवसायी मंजीत सिंह भाटिया द्वारा लखनऊ पुलिस में प्राथमिकी दर्ज कराने के बाद उन्हें गिरफ्तार किया गया था।
2013 बैच के आईपीएस अधिकारी सेन पर भाटिया को अपने कार्यालय में बुलाने और गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी देने का आरोप लगाया गया था। सेन उस वक्त लखनऊ में सीबी-सीआईडी में एसपी थे। पुलिस ने जांच के दौरान पाया था कि सेन ने सह-आरोपी से पैसे लिए थे।
पुलिस ने उसे भगोड़ा भी घोषित कर दिया और उसकी गिरफ्तारी के लिए किसी भी सूचना पर 50,000 रुपये के इनाम की घोषणा की। सेन ने बाद में 27 जनवरी, 2021 को एक स्थानीय अदालत में आत्मसमर्पण कर दिया। तब से वह जेल में बंद था।
इससे पहले हाईकोर्ट ने अन्य आरोपियों सचिन वर्मा, सुनील गुजर को जमानत दी थी, जबकि एके राजीव को सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिली थी। नवंबर 2020 में, एसटीएफ ने सुनील गुजर को गिरफ्तार किया था, जो पांडिचेरी के पूर्व उपराज्यपाल गोविंद सिंह गुजर के दत्तक पुत्र हैं और जिन्होंने मुख्य मास्टरमाइंड आशीष राय और इंदौर के व्यवसायी भाटिया के बीच बैठक करवाकर घोटाले में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।
लखनऊ पुलिस ने अरविंद सेन, अमित मिश्रा, एसके मित्तल, धीरज कुमार देव, रजनीश दीक्षित, एके राजीव, अनिल राय, रूपक राय, उमाशंकर तिवारी, आशीष राय, त्रिपुरेश पांडेय, सचिन वर्मा, संतोष मिश्रा समेत15 के खिलाफ चार्जशीट दायर की थी।












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