Former IPS Amitabh Thakur की अचानक बिगड़ी तबीयत? ICU में भर्ती, 28 दिनों से Deoria Jail में क्यों बंद?
Former IPS Amitabh Thakur Health Update: उत्तर प्रदेश के पूर्व आईपीएस अधिकारी अमिताभ ठाकुर की तबीयत 6 जनवरी 2026 की देर रात अचानक बिगड़ गई। देवरिया जेल में बंद ठाकुर ने सीने में तेज दर्द की शिकायत की, जिसके बाद उन्हें तुरंत महर्षि देवरहा बाबा मेडिकल कॉलेज ले जाया गया। वहां से डॉक्टरों ने गंभीर हालत देखते हुए उन्हें गोरखपुर के बीआरडी मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया।
अब वे आईसीयू में भर्ती हैं और डॉक्टरों की निगरानी में हैं। यह घटना ऐसे समय में हुई जब ठाकुर 27-28 दिनों से जेल में बंद हैं, और कोर्ट ने उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी है। आइए, इस पूरे मामले को विस्तार से समझते हैं - ठाकुर कौन हैं, जेल क्यों गए, क्या है 1999 का चौंकाने वाला केस और राजनीतिक कनेक्शन...

Who Is Amitabh Thakur: अमिताभ ठाकुर कौन हैं? IPS से राजनीति तक का सफर
अमिताभ ठाकुर (जन्म: 1968) उत्तर प्रदेश कैडर के 1992 बैच के पूर्व आईपीएस अधिकारी हैं। वे लखनऊ के रहने वाले हैं और अपने करियर में कई विवादास्पद मामलों में शामिल रहे। ठाकुर को भ्रष्टाचार और अन्य मुद्दों पर आवाज उठाने के लिए जाना जाता है। 2015 में उन्होंने तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव पर धमकी का आरोप लगाया था। 2021 में वे रिटायर हो गए।
रिटायरमेंट के बाद उन्होंने राजनीति में कदम रखा - 2022 में लखनऊ से विधानसभा चुनाव लड़े (हारे), और 2024 में गोरखपुर से लोकसभा चुनाव लड़े (फिर हारे)। उनकी पत्नी नूतन ठाकुर सामाजिक कार्यकर्ता हैं और आरटीआई एक्टिविस्ट के रूप में जानी जाती हैं। ठाकुर दंपति अक्सर सरकारी नीतियों पर सवाल उठाते रहते हैं।
Former IPS Amitabh Thakur Admitted ICU Reason: तबीयत कैसे बिगड़ी? लेटेस्ट अपडेट
6 जनवरी 2026 की देर रात देवरिया जेल में ठाकुर को सीने में तेज दर्द और बेचैनी हुई। जेल स्टाफ ने उन्हें तुरंत देवरिया के महर्षि देवरहा बाबा मेडिकल कॉलेज पहुंचाया। डॉक्टरों ने ईसीजी और अन्य जांच में हालत गंभीर पाई और उन्हें गोरखपुर के बीआरडी मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। अब वे आईसीयू में हैं, जहां हृदय संबंधी जांच चल रही है। डॉक्टरों ने बताया कि हालत नाजुक है, लेकिन स्थिर है। ठाकुर की पत्नी नूतन ठाकुर ने इसे 'तनाव का नतीजा' बताया।
Former IPS Amitabh Thakur Locked Deoria Jail Reason: 28 दिनों से जेल में क्यों बंद? चौंकाने वाला 1999 का केस
अमिताभ ठाकुर को 9-10 दिसंबर 2025 की रात शाहजहांपुर रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार किया गया था। वे ट्रेन से यात्रा कर रहे थे जब पुलिस ने उन्हें हिरासत में लिया। गिरफ्तारी का आधार एक 25 साल पुराना केस है, जो देवरिया में 1999 का है।
- केस की डिटेल्स: 1999 में ठाकुर देवरिया के एसपी थे। आरोप है कि उन्होंने पद का दुरुपयोग कर अपनी पत्नी नूतन ठाकुर के नाम पर इंडस्ट्रियल एरिया में एक प्लॉट आवंटित कराया। दस्तावेज कूटरचित बताए गए। एक समाजसेवी की शिकायत पर देवरिया कोतवाली में केस दर्ज हुआ।
- पत्नी भी आरोपी: नूतन ठाकुर (Amitabh Thakur Wife Nutan Thakur) भी इस केस में नामजद हैं। ठाकुर दंपति का कहना है कि यह केस 'राजनीतिक प्रतिशोध' है, क्योंकि वे सत्ता के खिलाफ बोलते रहे हैं।
- कोर्ट अपडेट: देवरिया सीजेएम कोर्ट ने 6 जनवरी को उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी। रिमांड पर फैसला 7 जनवरी को आना था, लेकिन तबीयत बिगड़ने से मामला लटक सकता है।
- जेल में दिन: गिरफ्तारी से अब तक 28 दिन हो चुके हैं। ठाकुर ने जेल में अनशन भी किया था।
राजनीतिक ऐंगल: सावरकर-गोडसे की सोच और CCTV फुटेज गायब?
यह केस राजनीतिक रंग ले रहा है। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने ठाकुर की गिरफ्तारी पर सवाल उठाए। उन्होंने X पर पोस्ट किया कि गिरफ्तारी का CCTV फुटेज गायब है, 25 साल पुराना केस अचानक सक्रिय किया गया, और यह 'प्रतिशोधी राजनीति' है। अखिलेश ने ठाकुर को 'स्वास्थ्य और सुरक्षा प्राथमिकता' देने की सलाह दी और कहा कि आज का भारत 'सावरकर-गोडसे की सोच' से चल रहा है। ठाकुर दंपति खुद को 'अन्याय का शिकार' बता रहे हैं।
क्या कहते हैं ठाकुर? और आगे क्या?
ठाकुर ने गिरफ्तारी को 'अवैध' बताया और कहा कि यह उनके सिस्टम के खिलाफ बोलने का नतीजा है। नूतन ठाकुर ने मीडिया से कहा कि जेल का तनाव ठाकुर की तबीयत बिगाड़ रहा है। जांच जारी है, और कोर्ट का अगला फैसला महत्वपूर्ण होगा। अगर हालत बिगड़ी, तो मेडिकल ग्राउंड पर बेल मिल सकती है।
यह मामला पुराने केसों को फिर से खोलने और राजनीतिक प्रतिशोध की बहस छेड़ रहा है। ठाकुर की रिकवरी की कामना करते हैं। अपडेट्स के लिए हम नजर रखेंगे।












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