एक्साइज अफसर बनकर वसूली करते पकड़े गए पांच नटवरलाल
सहारनपुर। उत्तर प्रदेश के सहारनपुर इलाके में फर्जी आबकारी अधिकारी बनकर शराब के ठेकों से अवैध वसूली करने वाले गिरोह के पांच शातिरों को पकड़ा गया। इनके पास से सैल्समैनों से वसूली गई नगदी के अलावा हथियार भी मिले। थाना कुतुबशेर में पांचो आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया। पुलिस ने पांचो आरोपियों को जेल भेज दिया गया है।

एक्यिूरेट फूडस एण्ड विवरेज नामक शराब कम्पनी में बतौर सर्किल इंचार्ज कार्यरत धीरज जायसवाल ने थाना कुतुबशेर पुलिस को गुरुवार की रात सूचना दी कि कल्पना तिराहे पर स्थित उनकी कम्पनी के शराब ठेके पर पहुंच खुद को आबकारी अधिकारी बताने वाले पांच युवकों को पकड़ा गया है। जिन्होंने कई अन्य जगह से भी इसी तरह उनके ठेको कें सैल्समैनों से हजारों की वसूली की है।
तलााशी में इनके पास से तीन तमंचे, छह कारतूस, दो छूरी और सैल्समैनो से वसूली गई रकम भी बरामद हुई। थाना प्रभारी निरीक्षक जितेन्द्र सिंह कालरा ने बताया कि पांचो को थाने लाकर पूछताछ की गई। पांचो खुद को आबकारी अधिकारी बताकर शराब ठेको से अवैध वसूली करते थे। पांचो आरोपी जनपद मेरठ के रहने वाले हैं।
शराब कम्पनी के सर्किल इंचार्ज धीरज जायसवाल की ओर से पांचों आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी व अवैध वसूली का मुकदमा दर्ज कराया गया। इनकी बुलेरो गाड़ी भी कब्जे में ले ली गई है। पांचों आरोपियों को जेल भेजा गया है।
इस तरह पकड़ में आए
पांचो शातिरों ने पहले बुलरो गाड़ी से जानखेड़ा पहुंच ठेका सैल्समैन सुन्दर से 2 हजार रुपये वसूले। फिर अम्बेहटापीर पहुंच खुद को आबकारी अधिकारी बता सैल्समैन विरेन्द्र से भी 1 हजार की वसूली की। इसके बाद गांव उनाली में सैल्समैन पवन से 2 हजार वसूले। सैल्समैनों से वसूली की जानकारी सर्किल इंचार्ज धीरज जयसवाल को मिलती रही, जिसने कम्पनी के आला अधिकारियों को सूचित कर जब बुलेरो गाड़ी के रजिस्ट्रेशन नम्बर की सर्चिंग की गई तो आबकारी विभाग के पास इस नम्बर की कोई गाड़ी न होने का पता चला, जिस पर शराब कम्पनी के कर्मचारी मानकमऊ पुलिया पर पहुंच गाड़ी के आने का इंतजार करने लगे।
नकुड़ की तरफ से आई उक्त बुलेरो गाड़ी जब कल्पना तिराहे पर शराब ठेके पर आकर रुकी तभी पीछा कर रहे सर्किल इंचार्ज ने कर्मचारियों के साथ पांचो आरोपियों को घेर लिया। उनसे ठेकों से की गई वसूली के अलावा तमंचा, कारतूस भी मिले।












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