• search
उत्तर प्रदेश न्यूज़ के लिए
नोटिफिकेशन ऑन करें  

भूतों के डर से रहने से भाग रही यूपी पुलिस, सरकारी क्वार्टर पड़े हैं वीरान

|

बरेली। उत्तर प्रदेश में बदमाशों पर कहर बनकर टूट रही पुलिस को भी भूतों से डर लगता है। सरकार ने बरेली में पुलिसकर्मियों के रहने के लिए आवास बनवाये थे, लेकिन ये आवास आज तक खाली पड़े हैं। पुलिसकर्मी इन आवासों में रहना नहीं चाहते। आपको भी जानकार हैरानी होगी कि भूतों के डर से 35 सरकारी आवासीय पिछले कई सालों से बंद पड़े हैं।

Fear of ghosts in Bareilly Police workers are afraid of living in government residences

बरेली पुलिसकर्मियों को सरकार ने सरकारी आवास पोस्टमार्टम हाऊस के पास बनवाये है। पोस्टमार्टम हाऊस के पास होने की वजह से पुलिसकर्मियों को डर सताता है कहीं उनके साथ या परिवार के साथ कोई अनहोनी नहीं हो जाये। कुछ लोग यह भी तर्क देते है कि पोस्टमार्टम में आमतौर पर शवों से दुर्गन्ध आती है साथ ही परिजनों का रोना भी लगा रहता है। इसलिए भी लोग यहां रहना पसंद नहीं करते।

Fear of ghosts in Bareilly Police workers are afraid of living in government residences

जबकि दो हजार से ज्यादा पुलिसकर्मी पुलिस लाइन में रहने के लिए आवेदन कर चुके हैं। पुलिसकर्मी यह भी बताते हैं कि पोस्टमार्टम से सटे आवास उन्हें और उनके परिवार को सूट नहीं करते। इसलिए वह थाने या ड्यूटी से लगे स्थल के पास किराये के मकान में रहना ज्यादा पसंद करते हैं। बता दें कि पुलिस लाईन में 750 पुलिसकर्मियों के परिवार रह रहे हैं। जबकि आवास की मांग 1500 से अधिक है। पुलिस लाइन के आरआई महावीर सिंह ने बताया कि आवास खाली हैं लेकिन भूतों के डर के चलते खाली पड़ा है।

जीवनसंगी की तलाश है? भारत मैट्रिमोनी पर रजिस्टर करें - निःशुल्क रजिस्ट्रेशन!

देश-दुनिया की ताज़ा ख़बरों से अपडेट रहने के लिए Oneindia Hindi के फेसबुक पेज को लाइक करें
English summary
Fear of ghosts in Bareilly Police workers are afraid of living in government residences
For Daily Alerts

Oneindia की ब्रेकिंग न्यूज़ पाने के लिए
पाएं न्यूज़ अपडेट्स पूरे दिन.

Notification Settings X
Time Settings
Done
Clear Notification X
Do you want to clear all the notifications from your inbox?
Settings X
X
We use cookies to ensure that we give you the best experience on our website. This includes cookies from third party social media websites and ad networks. Such third party cookies may track your use on Oneindia sites for better rendering. Our partners use cookies to ensure we show you advertising that is relevant to you. If you continue without changing your settings, we'll assume that you are happy to receive all cookies on Oneindia website. However, you can change your cookie settings at any time. Learn more