फसल की न्यूनतम कीमत को योगी सरकार के खिलाफ लेकर सड़क पर उतरे किसान
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में योगी सरकार ने जिस तरह से गन्ने का समर्थन मूल्य सिर्फ 10 रुपए प्रति क्विंतल बढ़ाया है उसे लेकर आखिरकार किसानों का गुस्सा फूट गया है। किसानों ने योगी सरकार के फैसले के खिलाफ लखनऊ में विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया है। भारतीय किसान यूनियन के तमाम नेताओं ने लखनऊ में गन्ने को जलाकर अपना विरोध दर्ज कराया। यूपी विधानसभा के बाहर किसानों ने गन्ने को जलाकर प्रदेश सरकार से फसल की न्यूनतम कीमत को बढ़ाने की मांग की है। इस मौके पर बड़ी संख्या में किसानों ने सड़क पर बैठकर प्रदर्शन किया।

गौरतलब है कि योगी सरकार ने गन्ना की स्टेस एडवाइज्ड प्राइस को 10 रुपए प्रति क्विंटल बढ़ा दिया है, यानि प्रति किलो 10 पैसे की कीमत की बढ़ोत्तरी की गई है। अब योगी सरकार गन्ना किसानों से गन्ना 305 रुपए प्रति क्विंतल की जगह 315 रुपए प्रति क्विंतल लेगी, यानि अब किसानों को 3.05 रुपए प्रति किलो की बजाए 3.15 रुपए प्रति किलो के हिसाब से गन्ने की कीमत मिलेगी। हालांकि गन्ना उद्योग ने सरकार के इस फैसले का स्वागत किया है लेकिन किसान सरकार के इस फैसले के खिलाफ सड़क पर उतर आए हैं।
उत्तर प्रदेश सुगर मिल्स एसोसिएशन यानि यूपीएसएमए जोकि प्रदेश की चीनी मिलों का प्रतिनिधित्व करती है ने अपने बयान में कहा है कि गन्ने की नई कीमतों के बाद चीनी की कीमतों में भी बढ़ोत्तरी हो सकती है, साथ ही चीनी का उत्पादन 2018-19 में बढ़ेगा, उम्मीद है कि इस बाद चीनी का उत्पादन 290-300 लाख टन तक पहुंच सकता है। चीनी की बढ़ी कीमतों के बारे में द्वारिकेश सुगर इंडस्ट्रीज़ के डायरेक्टर विजय एस बंका ने कहा कि हम सरकार के इस फैसले का स्वागत करते हैं, सरकार के इस फैसले से ना सिर्फ किसानों बल्कि चीनी मिल को भी राहत मिलेगी, यह फैसला दोनों के लिए बेहतर है। हमे लगता है कि सरकार ने गन्ने की जो कीमत तय की है वह वाजिब है और इसे आसानी से चीनी उद्योग वहन कर सकता है।
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