कर्जमाफी सर्टिफिकेट के लिए घूस न मिलने पर किसानों को किया मृत घोषित
बलरामपुर। यूपी के बलरामपुर में एक गांव ऐसा है जहां कर्जमाफी में रिश्वत ना देने पर किसानों को मार दिया जाता है। चौंकिये नहीं कागजों में उन्हें मृत दिखाया गया। इलाके के लेखपाल गोमती प्रसाद का ये काला कारनामा उजागर हुआ है। योगी आदित्यनाथ की कर्जमाफी योजना के तहत किसानों से रिश्वत मांगने का आरोप लेखपाल पर लगा है और रिश्वत की रकम न देने वाले किसानों को लेखपाल ने अपने ही कलम से मृत घोषित कर दिया।

'तुम तो मर चुके हो, जिंदा होने का होगा सत्यापन'
मामला उस समय उजागर हुआ जब किसान कर्जमाफी की जानकारी लेने सर्व यूपी ग्रामीण बैंक पहुंचा तो बैंक मैनेजर ने बताया कि मृतक सूची में तुम्हारा नाम दर्ज है । तुम तो मर चुके हो, किसान ने जब खुद के जिंदा होने की बात कही तो बैंक मैनेजर ने कहा इसका सत्यापन करने के बाद कोई कार्रवाई की जाएगी। मृत घोषित किसानों ने रेहरा बाजार थाने लेखपाल के विरुद्ध तहरीर दिया है।

लेखपाल के खिलाफ दी तहरीर
मामला थाना रेहरा बाजार के जुवारा गांव का है गांव के रहने वाले किसान मुनिजर, गौरी शंकर, राजेन्द्र बैंक में नोड्यूस लेने गए हुए थे तभी बैंक मैनेजर ने बताया कि आपका नाम मृत सूची में आया है, इसका सत्यापन कराया जाएगा, उसके बाद योजना का लाभ दिया जाएगा। इस संबंध में बैंक मैनेजर एच रिजवी ने बताया कि मृतकों की सूची में कुल 27 नाम आए हैं अब इनका सत्यापन करा कर रिपोर्ट अपने हेडक्वार्टर को दी जाएगी। उसके बाद कर्जमाफी की कार्रवाई शुरू होगी।

उच्च अधिकारियों के आदेश के बाद होगी कार्रवाई
पूरे मामले पर रेहरा थानाध्यक्ष ने बताया ग्रामीणों ने लेखपाल के विरुद्ध तहरीर दी है लेकिन मामला राजस्व से जुड़ा है तो बिना उच्चाधिकारियों के आदेश के कोई भी कार्रवाई संभव नहीं है, आदेश मिलते ही मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।












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