पीएम मोदी की तस्वीर लगाकर चल रहा था फर्जी शिक्षा बोर्ड, 4000 छात्र ठगी के शिकार
लखनऊ। राजधानी लखनऊ के इंदिरानगर में फर्जी शिक्षाबोर्ड का भंडाफोड़ हुआ है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की तस्वीर लगाकर ये फर्जी शिक्षा बोर्ड सालों से चलाया जा रहा था। इस फर्जी शिक्षा बोर्ड के चक्कर में 4000 से ज्यादा छात्र ठगी के शिकार हो गए। पुलिस ने इसके आरोप में 7 लोगों को गिरफ्तार किया है।

5 सालों से चल रहा था फर्जी शिक्षा बोर्ड
जानकारी के मुताबिक 5 सालों से ये फर्जी शिक्षाबोर्ड चल रहा था। इस बोर्ड ने 8 राज्यों में अपना स्टडी सेंटर बना रखा था। इस बोर्ड के जरिए छात्रों को हाईस्कूल और इंटर की परीक्षाएं दिलवाई जाती थी। इस फेक बोर्ड के चक्कर में 4000 से ज्यादा छात्र ठगी के शिकार हो गए। इस पूरे बोर्ड कासंचालन आजमगढ़ का रहने वाला राजमन गौड़ करताथा। इस बोर्ड ने अपनी तीन वेबसाइट बना रखी थी,जिसपर उसने पीएम मोदी की तस्वीर लगी रखी है। वोबसाइट के मुताबिक बोर्ड को भारत सरकार की मान्यता प्राप्त है। बोर्ड ने www.upsosb.ac.in, www.upsos.co.in और www.upsos.in के जरिए हजारों छात्रों के भविष्य को अंधकार में धकेल दिया।

7 आरोपी गिरफ्तार
यूपी एसटीएफ ने शिक्षा विभाग से संपर्क कर इस बोर्ड के बारे में जानकारी ली और फिर छापा मारकर 7 सालों को गिरफ्तार किया। एसटीएफ ने फर्जी अंकपत्र समेत लैपटॉप, मोबाइल फोन,सिम कार्ड, कैश और कई अन्य सामना भी बरामद किया। इस फर्जी बोर्ड का भंडाफोड़ उस वक्त हुआ जब एक छात्र ने अपने प्रमाणपत्र का इस्तेमाल पासपोर्ट बनवाने के लिए। पासपोर्ट ऑफिस ने उसके प्रमाणपत्र को फर्जी करार दिया, जिसके बाद ये मामला प्रकाश में आया। छात्र ने फर्जी शिक्षा बोर्ड के खिलाफ शिकायत भी दर्ज करवाई है। एएसपी ने फर्जी बोर्ड संचालकों के बैंक अकाउंट को करने की बात कही है।

पीएम और सीएम की फोटो
इस संस्थान ने लोगों को धोखा देने के लिए वेबसाइट पर पीएम नरेंद्र मोदी, सीएम योगी आदित्यनाथ और मानव संसाधन मंत्री प्रकाश जावेड़कर,राज्यपाल की फोटोलगा रखी थी। भारत सरकार का चिन्ह भी मौजूद था। इस फर्जी बोर्ड ने 62 शिक्षण संस्थानों को मान्यता बांट रखी है।












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