यूपी: भारी पैसा वसूल कर बांग्लादेशियों के फर्जी प्रमाण पत्र बनाने वाले धरे गए
सहारनपुर। फर्जी आधार कार्ड तथा अन्य फर्जी प्रमाण पत्रों के आधार पर भारत में अवैध रूप से निवास कर रहे और विदेश भेजने वाले बांग्लादेशियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत एटीएस की टीम ने फतवों के शहर देवबंद से दो लोगों को गिरफ्तार किया है। मंगलवार की दोपहर करीब एक बजे एटीएस टीम और स्थानीय अभिसूचना इकाई और जिला पुलिस द्वारा चलाए गए सर्च ऑपरेशन के दौरान ये गिरफ्तारियां की गईं।

देवबंद से दो गिरफ्तार
एटीएस के आईजी असीम अरुण की ओर से जारी की गई सरकारी विज्ञप्ति में बताया गया कि सहारनपुर के साथ- साथ गाजियाबाद से भी फर्जी प्रमाण पत्रों के आधार पर बांग्लादेशियों के पासपोर्ट बनाने वाले लोगों को गिरफ्तार किया गया है। देवबंद से दो, गाजियाबाद से एक को गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने बताया कि एटीएस को सूचना मिली थी कि फर्जी आधार कार्ड तथा अन्य प्रमाण पत्रों के आधार पर भारत में रहने वाले बांग्लादेशियों का गिरोह सक्रिय है। जांच के दौरान पता चला कि युसूफ अली नाम व्यक्ति ने भी देवबंद से ही फर्जी पते पर पासपोर्ट बनवाया है। वह इस गिरोह का सक्रिय सदस्य है और वर्तमान में मुदानगर में रह रहा है।

एटीएस ने की गिरफ्तारी
एटीएस की टीम ने युसुफ को ग्राम कुर्सी थाना मुरादनगर जनपद गाजियाबाद से बंदी बना लिया। उसके पास से दो आधार कार्ड, पैन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, मूल निवास पहचान पत्र, चैकबुक, पासबुक, एटीएम कार्ड , पासपोर्ट, ग्राम पंचायत प्रमाण पत्रों की फोटोस्टेट बरामद हुए हैं। युसूफ के खातों में सऊदी अरब से भी र्क बार एक लाख से अधिक पैसे का लेनदेन हुआ, जिसकी जानकारी जुटाई जा रही है।
इसके बाद एटीएस, अभिसूचना इकाई सहारनपुर और जिला सहारनपुर पुलिस की संयुक्त टीम ने देवबंद से वसीम अहमद पुत्र निसार निवासी मोहल्ला पठानपुरा देवबंद तथा अहसान अहमद पुत्र बदरूजमा निवासी मोहल्ला किला देवबंद को गिरफ्तार कर उनके पास से लैपटॉप, कंप्यूटर, प्रिंटर, स्कैनर, भारी मात्रा में फोटो, बने व अधबने प्रमाण पतथा अनेक प्रमाण पत्रों की सैकड़ों फोटोकॉपी बरामद हुई है।

पूछताछ में खुलासा
दोनों से पूछताछ करने पर पता चला कि शपथ पत्र तथा स्कूल के फर्जी प्रमाण पत्र के आधार पर फर्जी आधार कार्ड, वोटर कार्ड तथा मूल निवाासी प्रमाण पत्र तैयार करा लेते थे तथा सांठगांठ कर जांच पूरी कराकर पासपोर्ट बनवा लेते थे। इसके बदले बांग्लादेशियों से भारी मात्रा में पैसा वसूला जाता था। गिरफ्तार किए गए लोगों से राष्ट्रीय सुरक्षा एवं आतंकवाद से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर यूपी एटीएस तथा अन्य एजेंसियां जानकारी जुटा रही है।












Click it and Unblock the Notifications