राहुल ने की थी शुरुआत, 13 साल में 3.5 करोड़ खर्च कर भी पूरा नहीं हुआ काम
राहुल गांधी ने अमेठी में समदा ताल परियोजना की शुरुआत की थी। 13 साल बाद भी यह योजना अधूरी है। डीएम ने इस मामले में एक्शन लिया है।
अमेठी। यूपी के अमेठी में 13 साल पहले कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने समदा ताल परियोजना की शुरुआत की थी। लेकिन 13 सालों के बाद समदा ताल परियोजना की ग्राउंड रिपोर्ट ये है कि 86 हेक्टेयर ज़मीन में बने 27 तालाबों की खुदाई के लिए सरकार ने साढ़े तीन करोड़ रुपए दो किस्तों में दी थी। बताया जा रहा है कि परियोजना की धनराशि तो खर्च हो गई और काम अधूरा ही पड़ा है जिसकी भनक लगते ही डीएम योगेश कुमार ने जगह का निरीक्षण कर पंद्रह दिन में कार्य पूरा कराने और अतिक्रमण हटाने का निर्देश दिया है।

अधर में लटकी है परियोजना
जिले में 13 साल पहले समदा ताल परियोजना का कार्य मनरेगा योजना द्वारा कराया जाना था, जिसकी आधारशिला सांसद राहुल गांधी ने रखते हुए कार्य की शुरुआत कराई थी जो अब भी अधर में है। सूत्रों के अनुसार अमेठी के नुवावां में समदा ताल परियोजना के अन्तर्गत कुल 41 तालाबो की खुदाई का कार्य होना था। जिसमें प्रथम चक्र में 27 तालाबों का निर्माण होना था जो आज तक नहीं हो सका, जिसकी शिकायत पर डीएम योगेश कुमार ने स्थलीय निरीक्षण किया। यहां की हालत देख डीएम उखड़ गए।

13 साल में अतिक्रमण का शिकार हुईं तालाब की जमीनें
शुरुआती दौर में अमेठी सांसद राहुल गांधी ने मिट्टी ढुलाई का काम भी शुरू करा दिया था लेकिन इस सबके बावजूद 13 साल बीत गए हैं। 27 तालाबों का निर्माण होना तो दूर, 1 भी तालाब का निर्माण पूरा नही हो सका। फिलवक्त आलम ये है कि परियोजना अधूरी होने के कारण कई हेक्टेयर में जहां किसान अब खेती कर रहे हैं, वहीं अच्छी खासी ज़मीन पर अतिक्रमण हो चुका है। इतने के बाद भी कार्यप्रभारी कार्यदारी संस्था क्षेत्र पंचायत समिति अमेठी के प्रशासन ने अधूरे कार्यो को लेकर आज तक एक नोटिस भी जारी नहीं किया।

मानक के विपरीत क्षेत्र पंचायत समिति ने किया काम
इस संदर्भ में ग्रामीणों ने बताया कि राजस्व विभाग ने 15 हेक्टेयर जमीन मत्स्य पालन के मद में करते हुए दो आवांटन किया है जबकि पांच हेक्टेयर ज़मीन में जोट्रोफा की खेती का आवंटन किया गया है। भाकियू नेता प्रमोद कुमार मिश्रा बताते है कि ताल परियोजना अधूरी है, कार्य पूरा नही हुआ। यही नहीं किसान नेता ने बताया के मनरेगा योजना के विपरीत क्षेत्र पंचायत समिति ने कार्य किया फिर भी जांच नही हुई। उनका कहना है के समदा ताल परियोजना मे साढ़े तीन करोड़ रूपये खर्च के बावजूद निर्माण कार्य अधूरा है।

राहुल गांधी से क्यों करवाई थी शुरुआत?
बता दें कि समदा ताल परियोजना में मनरेगा योजना के तहत साढ़े तीन करोड़ की लागत से जिन 27 तालाबों के निर्माण की शरुआत राहुल गांधी ने किया था उसकी शुरुआत क्षेत्र पंचायत समिति अमेठी की प्रमुख एवं खण्ड विकास अधिकारी ने राहुल गांधी से इस नाते करवाया ताकि शासन-प्रशासन में यह हनक बन जाय कि ब्लॉक प्रमुख सांसद राहुल गांधी के करीबी है। यही नहीं बल्कि ग्रामीणों का आरोप है कि प्रमुख ने अधिकारियों से मिलकर परियोजना की धनराशि में बंदर-बांट किया है तभी तो तेरह साल बीत गये, समदा ताल परियोजना आधी-अधूरी पड़ी है। वहीं सांसद प्रतिनिधि चंद्रकांत दूबे से जब बात की गई कि कहा कि इस बारे में क्षेत्र पंचायत समिति जाने। जो कोई कार्य अधूरा छोड़ेगा वही जिम्मेदार होगा

डीएम के तेवर हुए सख्त
उधर इस पूरे मामले पर डीएम योगेश कुमार ने शनिवार को औचक निरीक्षण किया। तालाबों का बुरा हाल देख कर उन्होंने अधिकारियों के पेच कसे, साथ ही पंद्रह दिनों के अंदर तालाब से अतिक्रमण हटवाने का निर्देश दिया है।












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