राष्ट्रीय वेबिनार के अंतिम दिन यूपी के वन मंत्री ने कहा- पूर्वांचल बनेगा इको टूरिज्म हब
गोरखपुर। उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में पूर्वांचल के सतत विकास पर तीन दिवसीय राष्ट्रीय वेबिनार व संगोष्ठी के तीसरे और अंतिम दिन वन मंत्री दारा सिंह चौहान ने कहा कि इस क्षेत्र में टूरिज्म के विकास और रोजगार की अपार संभावनाएं हैं और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की इधर विशेष रुचि है। पूर्वांचल इको टूरिज्म का हब बनेगा और इस मामले में प्रदेश का यह नेतृत्व करेगा। गोरखपुर विश्वविद्यालय और प्रदेश नियोजन विभाग ने इस वेबिनार का आयोजन किया जिसके आठवें सत्र की अध्यक्षता पर्यावरण मंत्री ने की।

वन, पर्यावरण और जंतु उद्यान मंत्री दारा सिंह चौहान ने कहा कि गोरखपुर का रामगढ़ झील, सन्तकबीरनगर का बखिरा ताल, महराजगंज का सोहगीबरवा, सोनभद्र का मसूरी के केम्पटी फॉल जैसा नजारा मनमोहक हैं। महराजगंज में टाइगर रेस्क्यू सेंटर और गिद्ध संरक्षण केंद्र स्थापित हो रहा है। वनवासी क्षेत्रों में पर्यटकों के लिए रहने की व्यवस्था बनाकर ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा देना और वन क्षेत्रों में निवासियों की आय बढ़ाने की प्रदेश सरकार की योजना है। उन्होंने बताया कि इको टूरिज्म के स्थलों पर पिछले तीन सालों में 20 प्रतिशत ज्यादा पर्यटकों की आवाजाही हुई है। आठवें सत्र में मुख्य वक्ता प्रमुख सचिव, वन सुधीर गर्ग ने कहा कि जंगलों में बसे वनटांगिया गांवों में स्टे होम बनाकर निवासियों के लिए आय अर्जित करने का रास्ता खोला जा सकता है।
इस वेबिनार में गोरखपुर विश्वविद्यालय में कला संकाय की अधिष्ठाता, प्रोफेसर नंदिता सिंह ने बताया कि एक जिला एक उत्पाद (ओडीओपी) की असीम संभावनाएं हैं। कहा कि इन उत्पादों को जिले में प्रमुख जगहों पर डिस्प्ले किया जाय और इसे ब्रांड बनाया जाय। शिल्पकारों को बेहतर तकनीकी प्रशिक्षण के माध्यम से उत्पाद की क्षमता और गुणवत्ता को बढ़ाया जा सकता है। इन उत्पादों को बाजार तक पहुंचाने की आवश्यकता पर भी उन्होंने जोर दिया।












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