• search
उत्तर प्रदेश न्यूज़ के लिए
नोटिफिकेशन ऑन करें  

सामाजिक सम्मेलनों के जरिए हर वर्ग को साधने की कवायद, जानिए अखिलेश के कोर वोट बैंक में कैसे सेंध लगाएगी बीजेपी

|
Google Oneindia News

लखनऊ, 21 अक्टूबर: उत्तर प्रदेश में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले एक तरफ जहां अखिलेश यादव गैर यादव ओबीसी नेताओं को अपने साथ जोड़ने पर फोकस कर रहे हैं वहीं दूसरी ओर बीजेपी भी अपनी चुनावी गणित के तहत हर वर्ग और हर समुदाय को साधने की कवायद में जुटी हुई है। लखनऊ में बीजेपी की तरफ से इन जातीय सम्मेलनों की शुरुआत लखनऊ में कर दी गई है। इसके तहत ही 22 अक्टूबर को इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में यादव सम्मेलन का आयोजन बीजेपी पहली बार करने जा रही है। ऐसा माना जा रहा है कि बीजेपी पहली बार यादव सम्मेलन के जरिए अखिलेश के वोट बैंक में सेंध लगाने का प्रयास कर रही है।

स्वतंत्रदेव सिंह

बीजेपी लखनऊ में 31 अक्टूबर तक 27 सामाजिक संपर्क सम्मेलन आयोजित कराएगी। हर सम्मेलन में प्रदेश तथा केंद्र सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं तथा प्रमुख निर्णयों की जानकारी देकर समाज के सभी वर्गों से संवाद स्थापित किया जाएगा। पार्टी के ये सामाजिक संपर्क सम्मेलन सरकार और संगठन की ताकत बनेगे। इस कार्यक्रम के साथ ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जिलों का दौरा कर विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को प्रमाण पत्र देकर जनता से संवाद स्थापित करने की मुहिम में जुटे हैं।

चुनाव से पहले यूपी के सभी 75 जिलों का दौरा करेंगे योगी

अगले माह के अंत तक सूबे के सभी जिलों में इस तरह से जनता से संवाद स्थापित करने की योजना मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने तैयार की है। चुनाव से पहले सूबे के सभी 75 जिलों में मुख्यमंत्री का दौरा होना है। जिसके जरिए मुख्यमंत्री ही लोकप्रियता को वोट बैंक में तब्दील करने की योजना पार्टी ने तैयार की है। जिसके तहत मुख्यमंत्री जिलों में किसी ना किसी सरकारी परियोजना का उद्घाटन, शिलान्यास और लोकार्पण करेंगे। मुख्यमंत्री के ऐसे कार्यक्रमों में पार्टी (बीजेपी) की ओर से चुनाव के मद्देनजर चलाए जाने वाले सम्मेलनों, युवा, महिला, किसान मोर्चा, कार्यक्रमों में शामिल होंगे। पूर्व में बनाए गए इस कार्यक्रम के साथ ही अब सामाजिक संपर्क सम्मेलन के जरिए पार्टी की ताकत को बढ़ाने का कार्य किया जाएगा।

योगी

बीजेपी के प्रदेश प्रवक्ता आलोक अवस्थी कहते हैं कि,

''सामाजिक प्रतिनिधि सम्मेलनों का मकसद एक तरफ समाज विशेष को पार्टी से जोड़ने का है, तो दूसरी मोदी और योगी सरकार के कामों और योजनाओं के बारे में बताना है। पार्टी नेता इस अभियान में सबका साथ-सबका विकास-सबका विश्वास व सबके प्रयास से आत्मनिर्भर भारत का मंत्र लेकर जन-जन से जुड़ेंगे।''

हर समुदाय के नेता सम्मेलनों में हो रहे शामिल

बीजेपी के एक प्रदेश पदाधिकारी ने कहा कि योगी आदित्यनाथ, प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह, उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य तथा डॉ. दिनेश शर्मा सहित केंद्रीय मंत्री व पार्टी के वरिष्ठ नेता इन सम्मेलनों के माध्यम से संवाद करेंगे। पार्टी सामाजिक प्रतिनिधि सम्मेलनों के माध्यम से गांव, गरीब, किसान की उन्नति, देश की आर्थिक व सामरिक सम्पन्नता, भयमुक्त उत्तर प्रदेश के निर्माण को मूर्त रूप प्रदान करने वाले निर्णयों तथा जनकल्याणकारी योजनाओं के साथ संवाद को आगे बढ़ाया जाएगा।

स्वतंत्रदेव

बीजेपी की प्रदेश महामंत्री एवं अभियान प्रभारी प्रियंका सिंह रावत कहती हैं कि,

''पार्टी के सामाजिक संपर्क सम्मेलनों के माध्यम से गांव, गरीब, किसान की उन्नति की बात होगी। मोदी सरकार ने देश को कैसे आर्थिक और सामरिक सम्पन्नता दिलाई। योगी सरकार ने भयमुक्त उत्तर प्रदेश बनाया। सरकार के जन कल्याणकारी योजनाओं के बारे में लोगों को जानकारी दी जाएगी। उनका दावा है कि ये सामाजिक संपर्क सम्मेलन सरकार और संगठन की ताकत बनेंगे।''

22 अक्टूबर को होगा यादव सम्मेलन

दरअसल बीजेपी की रणनीति के तहत 22 अक्टूबर को इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में यादव, 22 अक्टूबर को पंचायत भवन में लूनिया-चौहान, 23 अक्टूबर को गन्ना संस्थान में नामदेव-दर्जी, 23 अक्टूबर को पंचायत भवन में विश्वकर्मा-पांचाल-जांगिड़, 26 अक्टूबर को इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में लोधी, 27 अक्टूबर को इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में पाल-बघेल, 28 अक्टूबर को इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में कुर्मी-पटेल-गंगवार, 28 अक्टूबर को पंचायत भवन में भुर्जी, 28 अक्टूबर को गन्ना संस्थान में स्वर्णकार, 29 अक्टूबर को इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में सैनी-कुशवाहा-शाक्य-मौर्य, 30 अक्टूबर को इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में निषाद-कश्यप-केवट-मल्लाह, 30 अक्टूबर को ही पंचायत भवन में चौरसिया तथा 31 अक्टूबर को इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में राठौर-तेली-साहू समाज का सामाजिक संपर्क सम्मेलन होगा।

यह भी पढ़ें-इंटरनेशनल एयरपोर्ट के बाद अब 7 नए मेडिकल कॉलेजों का तोहफा देंगे मोदी, जानिए इसके पीछे का चुनावी गणितयह भी पढ़ें-इंटरनेशनल एयरपोर्ट के बाद अब 7 नए मेडिकल कॉलेजों का तोहफा देंगे मोदी, जानिए इसके पीछे का चुनावी गणित

Comments
English summary
Efforts to reach every section through social representative conferences, know what its political meaning is for BJP
देश-दुनिया की ताज़ा ख़बरों से अपडेट रहने के लिए Oneindia Hindi के फेसबुक पेज को लाइक करें
For Daily Alerts
तुरंत पाएं न्यूज अपडेट
Enable
x
Notification Settings X
Time Settings
Done
Clear Notification X
Do you want to clear all the notifications from your inbox?
Settings X
X