यूपी में पत्रकार की पिटाई करने वाले अधिकारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की एडिटर्स गिल्ड ने की मांग
लखनऊ, 13 जुलाई। एडिटर्स गिल्ड ऑफ इंडिया (ईजीआई) ने चुनाव की कवरेज के दौरान उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले में पत्रकार के साथ मारपीट करने वाले अधिकारी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग उठाई है। ईजीआई ने कहा यूपी में स्वतंत्र पत्रकारिता के माहौल में सुधार के लिए ठोस उठाए जाने की जरूरत है। गिल्ड ने ये भी कहा कि वह पत्रकारों और मीडिया के संबंध में मनमानी के रवैए को लेकर ''बहुत परेशान'' है।
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बता ये घटना 10 जुलाई की है जब एक स्थानीय पत्रकार कृष्णा तिवारी को दिव्यांशु पटेल (मुख्य विकास अधिकारी), साथ ही कथित तौर पर कुछ भाजपा (भारतीय जनता पार्टी) कार्यकर्ताओं द्वारा पीटा जाता है। सोशल मीडिया में वायरल वीडियो में पत्रकार को पीटते हुए अधिकारी और भाजपा कार्यकर्ता साफ नजर आ रहे हें।
ईजीआई इस घटना को अत्यधिक निंदनीय और कार्रवाई योग्य मानता है। यह घटना यूपी (उत्तर प्रदेश) राज्य में पत्रकारों के बढ़ते उत्पीड़न जैसे औजारों के उपयोग की पृष्ठभूमि के खिलाफ आई है। मुख्य विकास अधिकारी पटेल ने भले ही माफी मांगी हो लेकिन "प्रशासन मीडिया के लोकतांत्रिक अधिकारों को नुकसान पहुंचा रहा है। जो कि राज्य में अगले साल चुनाव होने को देखते हुए और भी महत्वपूर्ण हो जाता है।" इसने पटेल के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। गिल्ड ने "राज्य में स्वतंत्र पत्रकारिता के लिए माहौल में सुधार" के लिए ठोस कदम उठाने का आह्वान किया।
ग्रिड ने कहा सरकार ने "पत्रकारों को दंडित, और कैद किया है।" गिल्ड ने कहा कि पत्रकार सिद्दीकी कप्पन, जिसे पिछले साल बलात्कार और हत्या के मामले की रिपोर्ट करने के दौरान गिरफ्तार किया गया था, "अभी भी कठोर यूएपीए (गैरकानूनी गतिविधि रोकथाम अधिनियम) के तहत जेल में है। इसमें कहा गया है कि परिवार और नागरिक समाज द्वारा कम से कम "उसे (कप्पन) एक निष्पक्ष परीक्षण और उपचार प्रदान करने के लिए कई अपीलों के बावजूद उसकी कैद जारी है।"












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