शराब पीकर दबंग ने छेड़नी चाही लड़की, थाने में बैठे रिश्तेदार के दम पर की हदें पार
पीड़िता का कहना है कि दबंगों के चलते गांव में काफी डर है, उसका एक रिश्तेदार थाने में सिपाही है जिसके चलते वो धमकी देते रहते हैं। आरोप है कि जब वो थाने शिकायत करने गए तो थाने की पुलिस ने उसकी तहरीर फाड़कर फेंक दी।
शाहजहांपुर। यूपी पुलिस की एक और लापरवाही सामने आई है। एक मामले में दबंगों ने घर में घुसकर युवती के साथ छेड़छाड़ की जब विरोध किया तो दबंगों ने युवती और उसकी मां को लाठी-डंडों से जमकर पीटा। जिससे युवती के सिर मे चोटें आई हैं। पीड़िता का कहना है कि दबंगों के चलते गांव में काफी डर है, उसका एक रिश्तेदार थाने में सिपाही है जिसके चलते वो धमकी देते रहते हैं। आरोप है कि जब वो थाने शिकायत करने गए तो थाने की पुलिस ने उसकी तहरीर फाड़कर फेंक दी। दरअसल मामला थाना खुदागंज के खेड़ा बझेड़ा गांव का है। यहां के रहने वाले जगतपाल ने अपने परिवार के साथ एसपी से न्याय की उम्मीद लगाकर उन्हें तहरीर सौंपी है। उनका कहना है की पांच दिन पहले गांव के दबंग जगवीर शराब पीकर उसके घर में घुस आया, उसके साथ उसका एक साथी भी था। शराब के नशे में वो बेटी के साथ छेड़छाड़ करने लगा।

नहीं छेड़ पाया तो चलाए लाठी-डंडे
विरोध के चलते जब मां बीच में आई तो दबंग ने लाठी-डंडों से पीटना शुरू कर दिया जिससे उसकी बेटी को सिर में काफी चोटें आ गईं। आरोप है कि जब पीड़ित परिवार थाने पहुंचा तो थाने में मौजूद आरोपियों का रिश्तेदार सिपाही विरेंद्र सिंह ने उसकी तहरीर लेकर रख ली और दूसरी तहरीर लिखकर उस पर जबरन उसके साइन कराए। उसके बाद पीड़िता को मेडिकल के लिए भेज दिया गया। पीड़िता का आरोप है कि पांच दिन बीत जाने के बाद भी अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है।

दबंग का रिश्तेदार है थाने में...
पीड़िता ने बताया कि जब जगवीर सिंह शराब के नशे में घर में घुसकर छेड़छाड़ कर रहा था तब उसकी मां ने उसको बचाने की कोशिश की, तभी उसके पिता ने जगवीर को पकड़ लिया था। लेकिन जगवीर के चिल्लाने पर उसके रिश्तेदार लल्लू सिंह और मुनेश लाठी-डंडे लेकर आए और उन पर हमला कर दिया। आरोप है कि गांव इन दबंगों के कहर में है। डर के कारण कोई भी उसके खिलाफ नहीं बोलता है। क्योंकि दबंगों का रिश्तेदार विरेंद्र सिंह थाने में सिपाही है। जब भी कोई शिकायत लेकर थाने पहुंचता है तो सिपाही विरेन्द्र सिंह कार्रवाई नहीं होने देता है। ऐसे में अब पीड़िता ने एसपी से न्याय की गुहार लगाई है।

थाने में भी धमकाए गए पीड़ित
वहीं जब इस मामले पर खुदागंज थाने के एसओ संजीव कुमार से बात की तो उनको ये भी नहीं पता था कि ये मामला थाने में दर्ज है कि नहीं। उनका कहना था कि प्रधान का फोन आया था वो घटना के बारे में बता रहे थे, हमने उनको थाने बुलाया था। जब एसओ सहाब को बताया कि इस मामले की एनसीआर (नॉन कॉग्निजेबल रिपोर्ट) थाने में दर्ज है और थाने का सिपाही पीड़िता को धमका रहा है। तब एसओ ने कहा कि सुबह पुलिस भेजकर दिखाते हैं।












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