यूपी में दो सगे भाईयों की हत्या, परिजन बोले विवेक तिवारी की तरह उन्हें दी जाए नौकरी और एक करोड़ रुपए
लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में हुई दो भाइयों की हत्या के मामले में अब मृतकों के परिजनों ने मुख्य मंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर एक करोड़ रुपये का मुआवजा मांगा है। पत्र में लिखा है कि उन्हें भी विवेक तिवारी हत्या कांड की तरह एक करोड़ का मुआवजा, सरकारी नौकरी और सुरक्षा प्रदान की जाये। साथ ही मांग नहीं माने जाने पर प्रदर्शन की चेतावनी दी है।

क्या था मामला
ठाकुरगंज निवासी दिलदार प्रॉपर्टी डीलर है। दिलदार का बड़ा बेटा इमरान (23) और छोटा बेटा अरमान (21) ओला कैब चलाते है। दोनों भाई बुधवार की देर रात गाड़ी में सीएनजी गैस भरवाने जा रहे थे। तभी रास्ते में मुसाहिब गंज के पास अज्ञात लोगों ने कैब को ओवरटेक करके उन्हें रोका लिया। हमलावरों ने दोनों भाइयों पर लाठी डंडो से हमला कर दिया और गोली मार दी। जिसके बाद इमरान और अरमान लहूलुहान होकर गिर पड़े। घटना की सूचना पर एएसपी पश्चिम विकास चन्द्र त्रिपाठी, सीओ दुर्गा प्रसाद तिवारी, ठाकुरगंज कोतवाल अन्जनी पाडेण मौके पर पहुंच गए। पुलिस ने दोनों भाइयों को गंभीर हालत में ट्रामा सेंटर में भर्ती कराया, जहां उनकी इलाज के दौरान मौत हो गई।

पुलिस ने हमलावरों को किया गिरफ्तार
एसएसपी लखनऊ कलानिधि नैथानी ने बताया कि हत्या पुरानी रंजिश के चलते की गई थी। पुलिस इस हत्याकांड को खोलने और आरोपियों के लिए चार टीमें गठित की थी। पुलिस की मानें तो इस मामले के मुख्य आरोपी साहिल उर्फ छोटू को गिरफ्तार कर लिया है।

विवेक तिवारी के परिजनों को मिली नौकरी और 25 लाख
विवेक तिवारी की पत्नी कल्पना तिवारी को 25 लाख रु की आर्थिक सहायता, बच्चों के नाम 5-5 लाख रुपए की एफडी, विवेक की माता के जीवनयापन के लिए उनके नाम पर 5 लाख की एफडी और विवेक तिवारी की पत्नी को उनकी योग्यता के अनुसार सरकारी नौकरी का सीएम योगी आदित्यनाथ ने ऐलान किया था।
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