चुनावी साल में कानून व्यवस्था का मुद्दा योगी को ले न डूबे, जानिए क्यों कहा- आपकी एक गलती सबकुछ मिटा देगी
लखनऊ, 02 अक्टूबर: उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में मनीष हत्याकांड किरकिरी होने के बाद से ही सीएम योगी आदित्यनाथ पूरी तरह से एक्शन में आ गए हैं। एक दिन पहले ही उन्होंने सभी जिलाधिकारियों एवं पुलिस कप्तानों को हिदायत देते हुए कहा था कि सभी लोग सुबह अपने अपने कार्यालयों में मौजूद रहें और जनता की समस्याओं को सुनें। शनिवार को लखनऊ में एक पुलिस लाइन में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने पुलिस को खरी खरी सुनाई और सख्त चेतावनी भी दी। योगी ने कहा कि पुलिसकर्मियों को अपने अधिकारियों को सही सूचना देनी चाहिए ताकि मीडिया ट्रॉयल से बचा जा सके। सरकार ने पिछले चार साल में कानून व्यवस्था को लेकर अच्छे काम किए हैं लेकिन एक गलती सब कुछ मिटा देगी। जनता को हीरो से विलेन बनाने में ज्यादा समय नहीं लगता है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को सह बातें कहीं। कहा कि पुलिस कर्मियों को अपराध स्थलों का दौरा करने के बाद सही तथ्य और जानकारी देने की सलाह दी ताकि मीडिया ट्रायल से बचा जा सके। सीएम का यह बयान ऐसे समय में आया है जब हाल ही में गोरखपुर में होटल के कमरों की चेकिंग के दौरान कानपुर के एक व्यापारी मनीष गुप्ता की कथित तौर पर पुलिस की सख्ती के कारण हुई मौत पर राज्य पुलिस बल काफी तीखी नोकझोंक कर रहा है।
योगी ने कहा कि, "पुलिस ने पिछले साढ़े चार वर्षों में कई अच्छे काम किए हैं लेकिन एक गलती सब कुछ मिटा देती है। जनता को हीरो से विलेन बनाने में ज्यादा समय नहीं लगता है। इस गलती को बेहतर संचार से ही सुधारा जा सकता है और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को जनता और मीडिया के साथ बेहतर संचार बनाए रखने की जिम्मेदारी लेनी चाहिए। सीएम ने कहा कि संकट में व्यक्ति पहले पुलिस के पास जाता है और पीड़ितों के प्रति उनके गलत व्यवहार और असंवेदनशीलता के कारण पूरी सरकारी मशीनरी को शर्मिंदगी का सामना करना पड़ता है।

वरिष्ठ अधिकारियों को मूर्ख बनाने से बचें
उन्होंने कहा कि इसलिए, यह सुनिश्चित करने के प्रयास किए जाने चाहिए कि पुलिस में लोगों का विश्वास मजबूत हो।" मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि कोई भी जनता या वरिष्ठ अधिकारियों को केवल कुछ समय के लिए मूर्ख बना सकता है लेकिन सच्चाई तब सामने आती है जब अधिकारी जनता दर्शन के दौरान मिलते हैं। उन्होंने कहा कि विभिन्न जिलों में जो कुछ भी हो रहा है वह जनता दर्शन के दौरान खुलकर सामने आता है।
सीएम ने कहा- अवैध गतिविधियों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा
सीएम ने आगे कहा कि आज हर पुलिस रेंज में साइबर पुलिस स्टेशन हैं और बड़े स्तर पर साइबर अपराध से निपटने के लिए 50,000 पुलिस कर्मियों को प्रशिक्षित किया गया है। इससे पहले गुरुवार को भी मुख्यमंत्री ने चेतावनी दी थी कि पुलिस कर्मियों द्वारा किसी भी तरह की अवैध गतिविधियों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और जो लोग "बहुत गंभीर अपराधों" में शामिल पाए जाते हैं, उन्हें बर्खास्त कर दिया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा था कि किसी भी दागी पुलिस अधिकारी और कर्मियों को कोई महत्वपूर्ण फील्ड पोस्टिंग नहीं दी जानी चाहिए।

75 पुलिसकर्मियों को सीएम ने किया सम्मानित
मुख्यमंत्री ने यूपी पुलिस मानव सम्बदा पोर्टल का भी उद्घाटन किया, जिसमें पुलिस कर्मियों की नियुक्ति, पदोन्नति और काम की सभी जानकारी होगी। पोर्टल को यूपी टेक्निकल सर्विसेज द्वारा डिजाइन किया गया है। इस अवसर पर सीएम ने 75 पुलिस अधिकारियों और कर्मियों को वीरता और मेधावी सेवाओं के लिए पदक भी प्रदान किए। इससे पहले, सीएम ने महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री को उनकी जयंती पर श्रद्धांजलि भी दी।
गैर हाजिर पाए जाने वाले 14 डीएम तथा 16 एसपी को नोटिस
इससे पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को सभी जिलाधिकारियों और जिला पुलिस प्रमुखों को जनता दर्शन के लिए सुबह 10 बजे से दोपहर के बीच अपने-अपने कार्यालयों में उपस्थित रहने और शिकायतों को देखने और उनका निवारण करने के लिए कहा है। दरअसल, जनता दर्शन कार्यक्रम में सभी जिलाधिकारी तथा एसपी की रोज दस से 12 बजे तक की उपलब्धता के निर्देश के बाद भी कई जिलों में अधिकारी लापरवाह हो रहे हैं। योगी ने जिलाधिकारियों तथा एसएसपी व एसपी के लैंड लाइन पर कॉल किया गया। इस दौरान गैर हाजिर पाए जाने वाले 14 डीएम तथा 16 एसपी को नोटिस दिया गया है।












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