योगी सरकार 2.0: डिप्टी सीएम के लिए कई नामों पर चर्चा, कैबिनेट का हिस्सा होंगे नए चेहरे, जानें पूरी लिस्ट!
लखनऊ, 13 मार्च: उत्तर प्रदेश में एक बार फिर से बीजेपी ने प्रचंड बहुमत के साथ सरकार बनाई है, जिसके बाद यूपी में योगी आदित्यनाथ एक बार फिर से मुख्यमंत्री का जिम्मा संभालने वाले हैं। इस बीच चर्चा नई कैबिनेट के गठन को लेकर तेज हो गई है। ऐसे में कयास लगाए जा रहे हैं इस बार योगी सरकार की दूसरी कैबिनेट में कई नए चेहरों को मौका मिल सकता है। ऐसे में किस आधार पर नई टीम का चयन होगा, पढ़िए यह रिपोर्ट...

दिल्ली में नए मंत्रिमंडल पर चर्चा
यूपी की 403 सीटों पर भारतीय जनता पार्टी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए सहयोगियों दलों के साथ मिलकर 273 सीटों पर जीतकर इतिहास रच दिया है। इस बीच खबर है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ नए मंत्रिमंडल पर चर्चा करने के लिए रविवार को दिल्ली का दौरा करने वाले हैं। पीएम मोदी के रविवार को होने वाली बैठक में राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा, गृह मंत्री अमित शाह और भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री संगठन बीएल संतोष मौजूद रहेंगे। बैठक में शपथ ग्रहण समारोह की तारीख पर भी चर्चा की जाएगी।

संभावित उपमुख्यमंत्रियों और मंत्रियों की बेसिक लिस्ट तैयार
न्यूज एजेंसी एएनआई ने सूत्रों के हवाले से बताया कि बीजेपी नए उपमुख्यमंत्री के साथ कैबिनेट में कई नए चेहरों पर भी विचार कर रही है। आदित्यनाथ के साथ यूपी प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह, प्रदेश महामंत्री (संगठन) सुनील बंसल और यूपी प्रभारी राधामोहन सिंह भी रविवार को दिल्ली जाएंगे। अनुमान लगाया जा रहा है कि भाजपा नेतृत्व ने योग्यता, जाति और क्षेत्रीय समीकरणों के आधार पर संभावित उपमुख्यमंत्रियों और मंत्रियों की एक बेसिक लिस्ट तैयार की है, क्योंकि भाजपा अपने मंत्रिमंडल में हर जाति को जगह देती है। ऐसे में लिस्ट पर अंतिम फैसला केंद्रीय नेतृत्व का होगा।

उपमुख्यमंत्री पद के लिए इन नामों पर चर्चा
उपमुख्यमंत्री पद के लिए स्वतंत्र देव सिंह, बेबी रानी मौर्य, बृजेश पाठक और केशव प्रसाद मौर्य के नाम पर चर्चा चल रही है। स्वतंत्र देव सिंह परिवहन मंत्री थे, इसके अलावा वे भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष भी हैं। हालांकि केशव प्रसाद मौर्य इस बार के चुनाव में कौशांबी की सिराथू सीट से जरूर हारे हैं, लेकिन वह ओबीसी का चेहरा हैं। उपमुख्यमंत्री के रूप में उन्होंने राज्य को अच्छी तरह से संचालित किया है, इसलिए उन्हें एक बार फिर उपमुख्यमंत्री बनाया जा सकता है।

जाति और क्षेत्रीय समीकरणों के आधार पर होगा फैसला
वहीं बेबी रानी मौर्य उत्तराखंड की राज्यपाल रह चुकी हैं और उत्तर प्रदेश में जाटव समाज का जाना-माना चेहरा हैं। ब्राह्मण समाज के बृजेश पाठक उत्तर प्रदेश सरकार में कानून मंत्री रह चुके हैं। बृजेश पाठक को योगी सरकार में ब्राह्मण समीकरण बनाए रखने के लिए उपमुख्यमंत्री की भूमिका मिल सकती है। क्योंकि डिप्टी सीएम दिनेश शर्मा के इस बार चुनाव नहीं लड़ा है तो हो सकता है कि पाठक को यह जिम्मेदारी मिले। यूपी बीजेपी प्रमुख स्वतंत्र देव सिंह, जो कुर्मी नेता भी हैं, उत्तर प्रदेश में बीजेपी की बड़ी जीत के प्रमुख चेहरों में से एक हैं।

राजेश्वर सिंह और असीम अरुण की भी चर्चा
ऐसे ही योगी सरकार के दूसरे कार्यकाल में नेतृत्व दो पूर्व पुलिस अधिकारियों को नई कैबिनेट में शामिल करने पर भी विचार कर रहा है। पहला नाम राजेश्वर सिंह और दूसरा असीम अरुण। लखनऊ की सरोजिनी नगर सीट से नवनिर्वाचित विधायक राजेश्वर सिंह यूपी पुलिस के अधिकारी थे। वहीं कन्नौज (सदर) सीट से बीजेपी विधायक असीम अरुण ने भी जीत हासिल की है। आसिम अरुण एडीजी रैंक के अधिकारी थे। कानपुर के पहले पुलिस आयुक्त होने से पहले असीम अरुण के पिता उत्तर प्रदेश के दो बार डीजीपी थे।

मंत्री बन सकते हैं पंकज सिंह
इसी के साथ बीजेपी के कई नेताओं ने भारी वोटों के अंतर से जीत हासिल की है। इसमें नोएडा विधानसभा सीट से उम्मीदवार और केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के बेटे पंकज सिंह ने 1,81,513 मतों के अंतर से जीत हासिल की है। बीजेपी के वरिष्ठ नेता पंकज सिंह को योगी कैबिनेट में जगह देने पर भी चर्चा कर रहे हैं। अभी तक नोएडा से किसी को भी योगी कैबिनेट में जगह नहीं मिली थी, ऐसे में उम्मीद है कि इस बार 2017 और अब 2022 में भी शानदार प्रदर्शन करने वाले पंकज सिंह को योगी सरकार में मंत्री बनाया जा सकता है।

15 या 21 मार्च को होगी शपथ ग्रहण!
वहीं सीएम योगी के करीबी और अनुभवी पत्रकार शलभ मणि त्रिपाठी को योगी कैबिनेट में मंत्री बनाया जा सकता है। शलभ पहले भी एबीवीपी में रह चुके हैं। ऐसे ही सहयोगी अपना दल और निषाद पार्टी को भी कैबिनेट में जगह मिलेगी -एमएलसी आशीष पटेल और संजय निषाद को अहम भूमिका मिल सकती है। नए चेहरों के अलावा शाहजहांपुर सीट से लगातार नौवीं बार प्रचंड जीत हासिल करने वाले सुरेश खन्ना जैसे पुराने नेताओं को भी मंत्री बनाया जा सकता है। बृजेश पाठक और केशव प्रसाद मौर्य भी फिर से कैबिनेट का हिस्सा हो सकते हैं। खबरों के मुताबिक योगी सरकार का शपथ ग्रहण 15 या 21 मार्च को होने की संभावना है। सीएम योगी ने शुक्रवार को लखनऊ में राजभवन में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल को अपना इस्तीफा सौंपा था।












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