काशी विश्वनाथ धाम कॉरिडोर की ब्रांडिंग का दिखने लगा असर, जानिए PM के ड्रीम प्रोजेक्ट से कितनी हो रही कमाई
लखनऊ, 25 जून: उत्तर प्रदेश के वाराणसी में स्थित काशी विश्वनाथ धाम कॉरिडोर पीएम मोदी का ड्रीम प्रोजेक्ट है। पिछले साल काशी विश्वनाथ धाम का शुभारंभ हुआ था जिसके बाद से ही यहां आने वाले पर्यटकों की संख्या में खासा इजाफा हुआ है। अधिकारियों की माने तो बड़ी संख्या में पर्यटकों के आने की वजह से एक साल के भीतर ट्रस्ट की आय में 15 गुना का इजाफा हुआ है। यह काशी विश्वनाथ धाम के लिए काफी अच्छी खबर है। ट्रस्ट से जुड़े लोगों की माने तो आने वाले दिनों में काशी विश्वनाथ के खजाने में करोड़ों का चढ़ावा आने की उम्मीद है।

मंदिर की कमाई में 15 गुना इजाफा
दरअसल , श्री काशी विश्वनाथ धाम (कॉरिडोर) के उद्घाटन के बाद, काशी विश्वनाथ मंदिर ने अपने मासिक राजस्व में उल्लेखनीय उछाल दर्ज किया है जो अब 5 करोड़ रुपये के आंकड़े को पार कर गया है। इस साल मई में, मंदिर को पिछले साल मई में 21 लाख रुपये की तुलना में 3.24 करोड़ रुपये का दान मिला - 15 गुना से अधिक है। अधिकारियों की माने तो आने वाले समय में मंदिर में प्रति महीने आने वाले चढ़ावे में और अधिक इजाफा होने की उम्मीद है।

इस साल मंदिर को मिला 5.45 करोड़
मंदिर ट्रस्ट के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सुनील कुमार वर्मा के मुताबिक, काशी विश्नवनाथ धाम के विस्तार के बाद श्रद्धालुओं की संख्या में वृद्धि के साथ दान में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। अप्रैल 2021 में 71 लाख रुपये का दान मिला था, जबकि इस साल अप्रैल में मंदिर को 5.45 करोड़ रुपये का दान मिला था। दरअसल श्री काशी विश्वनाथ धाम के पहले चरण का निर्माण 339 करोड़ रुपये की लागत से किया गया और 23 भवनों का उद्घाटन किया गया, जिसमें यात्री सुविधा केंद्र, वैदिक केंद्र, मुमुक्षु भवन, भोगशाला, संग्रहालय, दर्शन सहित तीर्थयात्रियों को विभिन्न प्रकार की सुविधाएं प्रदान की गईं। गैलरी और फूड कोर्ट का निर्माण भी कराया गया है।

मोदी ने 13 दिसम्बर को किया था कॉरिडोर का उद्घाटन
इस प्रोजेक्ट, कॉरिडोर का उद्घाटन पीएम ने पिछले साल 13 दिसंबर को एक भव्य कार्यक्रम में किया था। पीएम ने 8 मार्च, 2019 को परियोजना की आधारशिला रखी थी। स्थानीय आगंतुकों की बाढ़ के साथ-साथ बड़े पैमाने पर पर्यटकों की भीड़ भी आई है। यह स्थानीय कारीगरों और व्यापारियों के लिए भी फायदेमंद साबित हुआ है। आने वाले दिनों में यहां श्रद्धालुओं की संख्या में और अधिक वृद्धि होने की उम्मीद जतायी जा रही है।

पांच लाख वर्गफुट में फैला है काशी विश्वनाथ धाम
इस परियोजना में मंदिर के चारों ओर 300 से अधिक संपत्तियों की खरीद और अधिग्रहण शामिल था। यह परियोजना लगभग 5 लाख वर्ग फुट के क्षेत्र में फैली हुई है, जबकि पहले यह लगभग 3,000 वर्ग फुट तक ही सीमित थी। 40 से अधिक प्राचीन मंदिरों, जिन्हें पुरानी संपत्तियों के विध्वंस के दौरान फिर से खोजा गया था, को बहाल और सुशोभित किया गया है, जिससे कोई बदलाव नहीं हुआ है।












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