सास का मिला कंकाल, बहू ने बीमा के 4 लाख के लिए प्रेमियों के हाथों कराई थी हत्या
बरेली। पति के मरने के बाद मिले बीमा क्लेम के चार लाख रुपए के लिए एक बहू ने अपनी सास को मौत के घाट उतार दिया। दो प्रेमियों सहित चार लोगों ने इस हत्याकांड में उसका साथ दिया। बहू जिस पीडब्ल्यूडी विभाग में जॉब करती थी उसी के परिसर में हत्या की थी। पुलिस ने हत्यारोपी बहू को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं बहू ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है।

चार साथियों के साथ मिलकर की कमला की हत्या
पुलिस गिरफ्त में आई बहू सुशीला पर आरोप है कि इसने अपने चार साथियों के साथ मिलकर सास कमला की हत्या करा दी। बरेली के कोतवाली थाना क्षेत्र में बने पीडब्ल्यूडी विभाग के परिसर में बंद पड़े मकान में दो दिन पहले एक महिला का कंकाल मिला था। इसके बाद पुलिस महिला के कंकाल का पोस्टमॉर्टम कराने के बाद घटना के खुलासे में लग गई। मौके से मिले आधार कार्ड के आधार पर महिला की शिनाख्त 50 बर्षीय सुशीला के रूप में हुई जो एक साल से लापता थी और कोतवाली में ही उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट लिखी थी। पुलिस ने सुशीला हत्याकांड की जांच की तो जो कहानी सामने आई उसे सुन सभी हैरान रह गए।

दुर्घटना में हुई थी पति की मौत, मिलना था बीमा का पैसा
पुलिस की मानें तो कमला को उसके बेटे यानी सुशीला के पति की दुर्घटना में मौत के बाद बीमा क्लेम का चार लाख रुपए मिलना था जिसको लेकर कमला और उसके बेटे की बहू सुशीला में विवाद रहता था। उसी बीमा क्लेम के पैसों को लेकर बहू सुशीला ने सास की हत्या की योजना बनाई और फिर एक साल पहले सास कमला को धोखे से बुलाकर पी डब्ल्यूडी के बंद पड़े मकान में ले गयी। वहां पर बहू और उसके दो प्रेमी, एक भाई एक अन्य ने कमला की गला दबाकर हत्या कर दी। लाश को वही फेंक मौके से फरार हो गए।

एक साल पहले सुशीला ने सास को लगाया ठिकाने
आरोपी बहू पीडब्ल्यूडी विभाग में बेलदार के पद पर नौकरी करती है। सुशीला को यह नौकरी पति की मौत के बाद उनकी जगह पर मिली थी। सुशीला को विभाग में बंद पड़े मकानों की भी जानकारी थी। विभाग के परिसर में कहां सुनसान रहता है, यह भी पता था। उसी का फायदा उठाते हुए एक साल पहले सास कलमा की हत्या को अंजाम दिया था और पुलिस के खौफ से बेखौफ होकर आराम से नौकरी कर रह रही थी। अभी दो दिन पहले मिले कंकाल ने हत्या का खुलासा कर दिया। फिलहाल पुलिस ने हत्यारोपी बहू सुशीला को गिरफतार कर लिया है और उसके दो आशिक प्रेमी सिंह, प्रेम शंकर, एक भाई प्रमोद और किशन अभी फरार है जिनको पकड़ने को पुलिस लगी हुई है। वहीं सुशीला ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है।

क्या सुशीला ने पति का भी कराया मर्डर?
सुशीला को नौकरी पति के मरने के बाद उनकी जगह पर मिली थी। सुशीला के ससुर पीडब्ल्यूडी डिपार्टमेंट में काम करते थे जिनकी मौत के बाद सास कमला ने बड़े बेटे को नौकरी और छोटे बेटे को जमीन जायदाद दी थी। बड़े बेटे यानी सुशीला के पति की लाश रेलवे ट्रैक पर मिली थी। पुलिस अब इस एंगल से भी इस मामले की जांच कर रही है कि क्या पति ने नौकरी हासिल करने के लिए सुशीला ने हत्या कर रेलवे ट्रैक पर लाश को फिंकवाया था?












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