खाकी के सामने दबंगों ने दलित का तोड़ा मकान, बरसाई लाठियां
यहां दबंगों ने 4 सिपाहियों की मौजूदगी में दलित के घर को तोड़ा और फिर जाति सूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए उस पर लाठियां भी बरसाईं।
अमेठी। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री भूमाफिया पर शिकंजा कसने की कवायद कर रहे हैं, लेकिन मुख्यमंत्री के इस मंसूबे पर पानी फेरने का काम तो खुद खाकी ही कर रही। ताजा मामला जायस कोतवाली के बर्दहा गांव का है। यहां दबंगों ने 4 सिपाहियों की मौजूदगी में दलित के घर को तोड़ा और फिर जाति सूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए लाठियां भी बरसाईं। पीड़िता ने डीएम से इसकी शिकायत करते हुए न्याय की गुहार लगाई है।

जायस कोतवाली के पूरे वर्दहा गांव का मामला
जिले के जायस कोतवाली के पूरे वर्दहा गांव निवासी दलित जैकेश की पत्नी कमलावती ने बुधवार को डीएम को शिकायती पत्र दिया है। पीड़िता ने आरोप लगाया है की गांव के दबंग विपक्षी रामलाल, श्यामलाल, जगदीश और दर्जन भर लोगों ने उसकी नई पड़ रही स्लेप को तोड़ डाला। इसकी सूचना पुलिस को दी गई तो मौके पर डायल 100 की टीम पहुंची भी तो वो मूकदर्शक बनी रही।

4 सिपाहियों और दरोगा की मौजूदगी में चटकी लाठियां
नतीजन 4 सिपाहियों और दरोगा के सामने दबंगों ने पहले स्लेप को तोड़ा फिर लाठियां लेकर आ गए। पुलिस की मौजूदगी में लाठियां चटक उठी, जाति सूचक शब्द कहे गए लेकिन योगी राज में पीड़िता को न्याय नहीं मिला। पुलिस ने अपनी गर्दन बचाने के लिए दोनों पक्ष से एक-एक लोग को पकड़ा और थाने पर लेकर चली गई लेकिन पीड़िता की एफआईआर नहीं लिखी गई। नतीजे में उसने डीएम से न्याय की गुहार लगाई है।

कोतवाली प्रभारी बोले आरोप है असत्य
इस मामले में जायस कोतवाली के प्रभारी रविंद्र सिंह ने बताया की डायल 100 मौके पर गई थी, और उसके अधिकार क्षेत्र में जितना था उसने उतना किया भी। उन्होंने बताया की पीड़िता के आरोप असत्य हैं, वो लोग जमीन कब्जा कर रहे थे। पुलिस ने दोनों पक्ष पर चालान किया है।












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