Twisha Sharma Case: रिटायर्ड जज सास गिरिबाला-पति समर्थ पर FIR, CBI के सीन रिक्रिएशन से सुलझेगी मौत की गुत्थी?
Twisha Sharma Case CBI Investigation: एक नई दुल्हन, मात्र पांच महीने की शादी... और फिर 12 मई 2026 को कटारा हिल्स स्थित ससुराल में ट्विशा शर्मा का शव फांसी के फंदे पर लटका मिला। 33 साल की मॉडल-एक्ट्रेस ट्विशा की मौत ने पूरे देश को झकझोर दिया। परिवार का आरोप है कि दहेज की लालच, मानसिक प्रताड़ना और गर्भावस्था के बाद बढ़ी तनाव। अब इस मामले में बड़ा मोड़ आ गया है।
रिटायर्ड जज सास गिरिबाला सिंह और पति समर्थ सिंह (वकील) पर दहेज हत्या, क्रूरता और आपराधिक साजिश के आरोप में FIR दर्ज हो चुकी है। सुप्रीम कोर्ट और मध्य प्रदेश सरकार की सिफारिश पर CBI ने केस अपने हाथ में ले लिया है। 26 मई 2026 से CBI की आधिकारिक जांच शुरू हो रही है। भोपाल पुलिस से पूरा केस CBI को ट्रांसफर कर दिया गया है। यह कहानी सिर्फ एक मौत की नहीं, बल्कि एक युवा लड़की की टूटती उम्मीदों, ससुराल की कथित नर्क और न्याय की लड़ाई की है। आइए जानते हैं कि CBI कैसे सुलझाएगी मौत की गुत्थी...

Who Was Twisha Sharma: ट्विशा शर्मा कौन थीं?
ट्विशा शर्मा नोएडा की रहने वाली थीं। मॉडलिंग और एक्टिंग का करियर। सुंदर, शिक्षित, स्वतंत्र सोच वाली लड़की। परिवारवालों के अनुसार ट्विशा हमेशा खुशमिजाज रही। शादी के बाद भी उन्होंने अपनी जिंदगी को नई शुरुआत माना। लेकिन कुछ महीनों में ही ससुराल में रिश्ते बिगड़ने लगे।
परिवार का दावा है कि शादी के बाद दहेज की मांग शुरू हुई। गर्भावस्था के बाद स्थिति और बिगड़ी। ट्विशा पर चरित्रहनन के आरोप लगाए गए। चैट्स और मैसेजेस में कथित तौर पर मानसिक प्रताड़ना के सबूत मिले हैं।
Twisha Sharma Death Timeline: 12 मई की वो सुबह, मौत का राज अभी बाकी
12 मई को ट्विशा का शव उनके ससुराल में मिला। शुरुआत में आत्महत्या बताया गया, लेकिन ट्विशा के माता-पिता और भाई (मेजर हर्षित शर्मा) ने साजिश का शक जताया। पोस्टमॉर्टम में कुछ सवाल उठे, जिसके बाद AIIMS दिल्ली की टीम से दूसरा पोस्टमॉर्टम (Second Postmortem) कराया गया। ट्विशा के भाई ने खुलकर कहा कि समर्थ सिंह कायर है। पत्नी की मौत के बाद भी सामना करने की हिम्मत नहीं दिखाई।
FIR Against Giribala Singh and Samarth Singh: गिरिबाला सिंह और समर्थ सिंह पर FIR, क्या हैं आरोप?
भोपाल पुलिस ने Bharatiya Nyaya Sanhita की धाराओं 80(2), 85, 3(5) और दहेज निषेध अधिनियम के तहत FIR दर्ज की। आरोप हैं...
- दहेज की मांग और प्रताड़ना
- मानसिक क्रूरता
- आत्महत्या के लिए उकसाना
- साजिश
समर्थ सिंह (ट्विशा के पति, वकील) मौत के बाद 10 दिन तक फरार रहे। जबलपुर कोर्ट से गिरफ्तार हुए। 7 दिन की पुलिस कस्टडी में हैं। बार काउंसिल ऑफ इंडिया ने उनकी वकालत का लाइसेंस सस्पेंड कर दिया।
गिरिबाला सिंह (रिटायर्ड डिस्ट्रिक्ट जज, सास) अग्रिम जमानत (Anticipatory Bail) मिली हुई है, लेकिन हाईकोर्ट में रद्द करने की याचिका लंबित है। मौत के तुरंत बाद उन्होंने 45 से ज्यादा कॉल्स जजों, अधिकारियों और संपर्कों को किए, जो जांच का विषय बने हुए हैं। गिरिबाला सिंह पर आरोप है कि उन्होंने ट्विशा के चरित्र पर सवाल उठाकर परिवार की छवि बचाने की कोशिश की।
CBI जांच में होगा ससुराल में सीन रिक्रिएशन?

25 मई को सुप्रीम कोर्ट ने मामले पर गहरी चिंता जताई। CJI की बेंच ने कहा कि न्यायपालिका पर सवाल उठ रहे हैं, CBI तुरंत जांच संभाले। मध्य प्रदेश सरकार ने पहले ही CBI जांच की सिफारिश कर दी थी। अब CBI टीम भोपाल पहुंच चुकी है। 26 मई से आधिकारिक टेकओवर के बाद:
- सभी सबूत, कॉल रिकॉर्ड्स, चैट्स, CCTV फुटेज CBI को सौंपे जाएंगे
- दूसरा पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का विश्लेषण
- गवाहों से पूछताछ
- ससुराल में सीन रिक्रिएशन
CBI की जांच से परिवार को न्याय मिलने की उम्मीद बढ़ गई है।
परिवार की पीड़ा: मां रेखा शर्मा का दर्द

ट्विशा की मां रेखा शर्मा कहती हैं कि मेरी बेटी पहले भी अच्छी थी और अब जहां भी होगी, वहां भी अच्छी होगी। मेजर हर्षित शर्मा ने मीडिया में खुलकर अपनी बहन के साथ हुए व्यवहार की बात कही। पूरा परिवार न्याय की लड़ाई लड़ रहा है।

2024 में देश में 5737 दहेज मौतें, समाज के लिए सवाल ?
यह केस सिर्फ एक परिवार तक सीमित नहीं। 2024 में देश में 5737 दहेज मौतें दर्ज हुईं। हर रोज औसतन 15-16 महिलाएं दहेज के लिए अपनी जान दे देती हैं। ट्विशा केस में सास के रिटायर्ड जज होने के कारण शुरू में जांच पर सवाल उठे। क्या पावर और पद का दुरुपयोग हुआ? क्या न्याय व्यवस्था में पक्षपात होता है? सुप्रीम कोर्ट ने मीडिया को भी संयम बरतने की सलाह दी है, लेकिन जनता का गुस्सा साफ दिख रहा है। JusticeForTwisha सोशल मीडिया पर ट्रेंड कर रहा है।
Twisha Sharma Case के 14 दिन, क्या-क्या हुआ?
- 12 मई: ट्विशा की मौत
- 13-22 मई: परिवार का आरोप, FIR दर्ज
- समर्थ सिंह फरार, गिरफ्तारी
- गिरिबाला सिंह को anticipatory bail
- AIIMS दिल्ली से दूसरा पोस्टमॉर्टम
- मध्य प्रदेश सरकार की CBI सिफारिश
- 25 मई: सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई, CBI टेकओवर
- 26 मई: CBI जांच शुरू
क्या कहते हैं आरोपी पक्ष?
समर्थ सिंह के वकील का कहना है कि वे निर्दोष हैं। गिरिबाला सिंह पक्ष का दावा है कि ट्विशा ड्रग एडिक्शन की शिकार थीं। लेकिन पुलिस और परिवार इन दावों को खारिज करते हुए सबूतों की बात कर रहा है।













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