UP News: स्वामी प्रसाद मौर्य और संघमित्रा के खिलाफ कोर्ट ने लिया बड़ा एक्शन, पिता- पुत्री दोनों भगोड़ा घोषित
उत्तर प्रदेश के पूर्व मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्या और उनकी बेटी व पूर्व बीजेपी सांसद संघमित्रा मौर्या के खिलाफ अदालत ने बड़ी कार्यवाही की है। बृहस्पतिवार को कोर्ट ने एक मामले की सुनवाई के दौरान आरोपी पिता और पुत्री यानी स्वामी प्रसाद मौर्या और संघमित्रा दोनों को भगोड़ा घोषित कर दिया है। एमपी- एमएलए कोर्ट ने ये आदेश गोल्फ सिटी निवासी पत्रकार दीपक कुमार स्वर्णकार और भाजपा की पूर्व सांसद संघमित्रा मौर्या से सम्बन्धित मामले में जारी किया गया है।
हाईकोर्ट लखनऊ के वरिष्ठ अधिवक्ता राजेश कुमार तिवारी के मुताबिक स्वामी प्रसाद मौर्य मामले में इससे पहले एमपी/एमएलए कोर्ट के खिलाफ हाईकोर्ट गए थे। अदालत ने उनकी याचिका यह करते हुए निरस्त कर दी थी कि मामले में आपके खिलाफ पर्याप्त सुबूत है, आपको वापस एमपी/एमएलए कोर्ट ही जाना होगा। जिसके बाद बावजूद मौर्या परिवार उच्च न्यायालय को ही दोषी मानते हुए सर्वोच्च न्यायालय पहुंच गए। हालांकि यहां भी उनकी याचिका को अदालत ने गंभीरता से नहीं लिया।

हाईकोर्ट ने भी की कड़ी टिप्पणी
स्वामी प्रसाद मौर्य पर कथित रूप से अपनी बेटी संघमित्रा मौर्या की बिना तलाक दूसरी शादी कराने, मारपीट, गालीगलौज, जानमाल की धमकी व साजिश रचने का आरोप है। मामले में हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने राहत देने से इनकार कर दिया है। मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने कहा कि स्वामी प्रसाद के विरुद्ध प्रथम दृष्टया आरोप हैं, जिन पर ट्रायल कोर्ट में ही विचार हो सकता है।
क्या है मामला?
दरअसल, लखनऊ के सुशांत गोल्फ सिटी निवासी दीपक स्वर्णकार ने अदालत में संघमित्रा और स्वामी प्रसाद मौर्य समेत अन्य के खिलाफ याचिका दाखिल की है। याचिका में कोर्ट को बताया गया कि कि संघमित्रा ने अपनी पूर्व की शादी से तलाक बात कह कर दीपक से शादी की थी।
जब बाद में इस बात का पता चला की संघमित्रा की पूर्व की शादी से तलाक नहीं हुआ है, तो बात दूसरों की जानकारी में ना इसके लिए संघमित्रा और उनके पिता स्वामी प्रसाद मौर्या ने दीपक सोनकर पर हमला कराया।
वहीं दीपक सोनकर के परिवाद को स्वामी प्रसाद की ओर से चुनौती दी गई है। कोर्ट में स्वामी प्रसाद की ओर से दलील में कहा गया है कि उनके (संघमित्रा मौर्या और स्वामी प्रसाद मौर्या) के विरुद्ध कोई ठोस आरोप नहीं लगाए गए हैं। परिवादी ने जो बयान दिए हैं, वो विश्वसनीय नहीं लगते हैं।












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