चंद्रशेखर के समर्थन में आए ये पूर्व विधायक, बोले अंजाम अच्छा नहीं होगा
पी के सहारनपुर में हुए जातीय दंगों के आरोपी भीम आर्मी के संस्थापक चंद्रशेखर के समर्थन में कांग्रेस के एक पूर्व विधायक और प्रदेश उपाध्यक्ष इमरान मसूद उतर आए हैं।
सहारनपुर। यूपी के सहारनपुर में हुए जातीय दंगों के आरोपी भीम आर्मी के संस्थापक चंद्रशेखर के समर्थन में कांग्रेस के एक पूर्व विधायक और प्रदेश उपाध्यक्ष इमरान मसूद उतर आए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि दंगे के मामले में पुलिस प्रशासन ने भाजपा सांसद के खिलाफ केवल गैर जमानती वारंट जारी कराकर अपने कार्य से इतिश्री कर ली है, जबकि चंद्रशेखर एक दलित है और इसलिए भाजपा सरकार द्वारा दलित युवा का टारगेट किया जा रहा है।

भाजपा सांसद लखनपाल पर क्यों नहीं हुई कार्रवाई
हिमाचल प्रदेश के डलहौजी में चंद्रशेखर की गिरफ्तारी के तुरंत बाद कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष और पूर्व विधायक इमरान मसूद ने चंद्रशेखर को अपना समर्थन देने की बात कही। अंबाला रोड स्थित अपने आवास पर पत्रकारों से वार्ता करते हुए इमरान मसूद ने कहा कि प्रदेश और केंद्र में भाजपा की सरकार होने के कारण दलितों को टारगेट बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सबसे पहले सहारनपुर के गांव सड़क दूधली में सांसद राघव लखनपाल शर्मा ने दंगा कराया था और दंगाईयों को लीड किया था, लेकिन आज तक भी सांसद के खिलाफ कोई कार्रवाई अमल में नहीं लाई गई है।

'चंद्रशेखर को कुछ हुआ तो अंजाम अच्छा नहीं होगा'
उन्होंने कहा कि मुझे समझ में नहीं आ रहा कि सरकार और प्रशासन ने चंद्रशेखर पर बारह हजार रुपये का ईनाम क्यों घोषित किया, क्या इसलिए कि वो दलित युवक है। कभी कहा जाता है कि चंद्रशेखर का नक्सली कनेक्शन है, कभी कहा जाता है कि उसके खातों में करोड़ों रुपये जमा हो रहा है और चंदा एकत्रित किया जा रहा है, जबकि इनमें से एक भी आरोप अभी तक साबित नहीं हुआ है। इमरान मसूद ने कहा कि हम डा. अंबेडकर को मानने वाले हैं, और जो बाबा साहब को मानने वाले हैं, वह कानून के दायरे से बाहर होकर काम नहीं करते। हमें भारत की न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि चंद्रशेखर के साथ किसी भी तरह का दुर्व्यवहार किया जाता है, इसके परिणाम अच्छे नहीं होंगे। कहा कि एक आदमी को केवल इसलिए टारगेट किया जा रहा है, क्योंकि वह दलित है। इस दौरान चंद्रशेखर की मां कमलेश और एक भाई भी मौजूद रहा।

सहारनपुर में दो दिन इंटरनेट बंद
इधर चंद्रशेखर की गिरफ्तारी के बाद किसी अनहोनी की आंशका से सहारनपुर में दोबारा भारी मात्रा में सुरक्षा बलों को बुला कर संवेदनशील और अति संवेदनशील स्थानों पर तैनाती दी गई है। इसके अलावा चेकिंग अभियान भी शुरु कर दिया गया है। दलित स्मारकों व स्थलों पर पुलिस फोर्स को तैनात कर दिया गया है। चंद्रशेखर की गिरफ्तारी की खबर सहारनपुर पहुंचने के बाद डीएम पीके पांडे ने सबसे पहले इंटरनेट सेवाओं पर दो दिन के लिए रोक लगा दी। इसके बाद रेपिड एक्शन फोर्स और पैरा मिलिट्री फोर्स के जो जवान वापस लौटने लगे थे, उन सभी को वापस बुला लिया गया है।

शब्बीरपुर में भारी फोर्स तैनात
सहारनपुर में पुलिस ने पीएसी के साथ मिलकर चेकिंग अभियान शुरु करा दिया है। हरियाणा, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश की सीमाओं पर चौकसी बढ़ा दी गई है, यहां से आने वाले वाहनों की सघन चेकिंग की जा रही है। जनपद में स्थित दलित स्मारकों पर पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। शहर के रविदास छात्रावास व बामियान बुद्ध विहार के अलावा गांव शब्बीरपुर, गांव रामनगर, गांव मिर्जापुर व अन्य दलित बाहुल्य गांवों में पुलिस फोर्स की संख्या बढ़ा दी गई है। एसएसपी बबलू कुमार का कहना है कि किसी को भी कानून हाथ में लेने की इजाजत नहीं दी जाएगी। जो भी अशांति फैलाने का काम करेगा, उससे सख्ती से निपटा जाएगा।












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