एक करोड़ से ज्यादा बेरोजगार, परीक्षा कराना ही प्रदेश में बड़ी चुनौती
उत्तर प्रदेश में एक करोड़ से अधिक बेरोजगार, हर भर्ती प्रक्रिया में विवाद और पेपर लीक प्रदेश सरकार के लिए बना रहा चुनौती।
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में चुनाव मुहाने पर खड़ा है और कभी भी इसकी घोषणा हो सकती है। चुनाव से पहले ही अखिलेश यादव ने अपने चुनाव प्रचार के लिए जो एड जारी किया है उसकी टैगलाइन है काम बोलता है। लेकिन यूपी में विकास के दावे के बीच बेरोजगारी की भयावह सच्चाई भी है जिसे नकारा नहीं जा सकता है।

भयावह हैं बेरोजगारी के आंकड़े
एनएसएसओ के आंकड़ों के अनुसार 2017 तक उत्तर प्रदेश में 15-35 वर्ष की आयु वाले बेरोजगारों की संख्या एक करोड़ को पार कर जाएगी। वहीं 2014 तक के आंकड़ों पर नजर डालें तो 75 लाख से अधिक बेरोजगार युवकों ने प्रदेश सरकार की रोजगार साइट पर रजिस्टर किया जा ताकि उन्हें 1000 रुपए का बेरोजगारी भत्ता मिल सके, जोकि अखिलेश यादव ने प्रदेश के बेरोजागारों को देने की घोषणा की थी।

पेपर लीक, परीक्षा रद्द यूपी में आम बात
उत्तर प्रदेश में आयोजित होने वाली तकरीबन हर परीक्षा पर किसी ना किसी स्तर पर सवाल उठे हैं, वह चाहे एसएससी की परीक्षा हो, पीसीएस की परीक्षा हो, दारोगा भर्ती की परीक्षा हो या फिर कोई अन्य। इस सरकार के कार्यकाल में पेपर लीक और परीक्षाओं में अनियमितता की तमाम खबरे सामने आई हैं। कई परीक्षाओं को पेपर लीक होने की खबर के बाद रद्द कर दिया गया तो कई को इसके बावजूद भी जारी रखा गया और अभ्यर्थियों की भर्ती की गई।
आइए डालते हैं उन तमाम अहम परीक्षाओं पर नजर जो लीक हुईं

UPSSSC अमीन का पर्चा लीक
यूपी राज्य अधीनस्थ सेवा चयन आयोग द्वारा आयोजित अमीन भर्ती के लिए परीक्षा का पेपर इसी वर्ष 22 अगस्त को आउट हो गया था, यह पर्चा आगरा में व्हाट्सएप पर लीक किया गया था।

यूपी पीसीएस का पर्चा लीक
30 मार्च 2015 में यूपी पीसीएस की प्रारंभिक परीक्षा का पेपर लखनऊ में लीक होने की वजह से परीक्षा को रद्द कर दिया गया। यह पेपर लोगों को व्हाट्सएप पर साझा किया जा रहा था। इसे पांच से लाख रुपए में बेचा जा रहा था।

पंचायती राज विभाग में 55554 भर्तियां रद्द
इस वर्ष पंचायती विभाग में 26 हजार रोजगार सेवकों और 19554 अन्य पदों पर होने वाली भर्ती को को बिना प्रक्रिया का पालन करते हुए शुरु किया गया, इस भर्ती में बड़ी संख्या में वसूली और धांधली की भी खबर सामने आई जिसके बाद इसे रद्द कर दिया गया।

सचिवालय में चपरासी की भर्ती रद्द
यूपी सचिवालय में 368 चपरासियों की भर्ती की प्रक्रिया को उस वक्त रद्द कर दिया गया जब इसके लिए 2324887 लोगों ने आवेदन किया, इसमें ग्रेजुएट, पोस्ट ग्रेजुएट, इंजीनियर, पीएचडी धारकों ने आवेदन किया। यहां गौर करने वाली बात यह है कि इस पद के लिए शैक्षणिक योग्यता सिर्फ कक्षा पांच थी, जिनका चयन साक्षात्कार के आधार पर होना था।
अमीन परीक्षा का पेपर आउट
उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग ने कुल 152 पदों को भरने के लिए विज्ञप्ति जारी की थी, लेकिन अमीन की परीक्षा का पेपर लीक हो गया। आगरा और देवरिया में यह पेपर व्हाट्सएप पर साझा किया गया। हालांकि इस पेपर को रद्द नहीं किया गया।

ग्राम विकास अधिकारी का पर्चा लीक
2016 में ग्राम विकास अधिकारी का पर्चा लीक होने की वजह से प्रदेश सरकार की जमकर फजीहत हुई थी। वीडीओ की 3133 रिक्त पदों के लिए आयोजित परीक्षा में धांधली का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि महज 12 फीसदी लोगों ने इसमें हिस्सा लिया और 88 फीसदी अभ्यर्थियों ने इममें हिस्सा ही नहीं लिया।
दारोगा भर्ती रद्द4010 दरोगा भर्ती की हाई कोर्ट ने यह कहते हुए रद्द कर दिया कि इस लिखित परीक्षा में अनियमितता हुई है लिहाजा इसे दोबारा कराए जाए। दारोगा भर्ती में राज्य सरकार ने नियमों को किस कदर ताक पर रखा उसका अंदाजा इस बा से लगाया जा सकता है कि इस परीक्षा का फाइनल रिजल्ट 2015 में आने के बाद इसमें अनियमितता पाई गई और 58 उम्मीदवारों की भर्ती को रद्द कर दिया गया जबकि 64 नए उम्मीदवारों की भर्ती की गई।

लैब टेक्नीशियन भर्ती रद्द
16 जून 2016 को 729 लैब टेक्नीशियन की भर्ती होने थी लेकिन नियम व कायदों को ताक पर रखकर इस भर्ती को किया जा रहा था जिसपर कोर्ट ने रोक लगा दी, जिसके बाद इस भर्ती को रद्द कर दिया गया।
पंचायत सहायक व चौकीदार की भर्ती निरस्त
2016 में लेखाकार, कंप्यूटर ऑपरेटर, सहायक कंप्यूटर ऑपरेटर, चौकीदार, क्षेत्र पंचायत स्तर पर अवर अभियंता के कुल 19554 पदों पर भर्ती होनी थी लेकिन परीक्षा में गड़बड़ी के चलते इसे रद्द कर दिया गया। परीक्षा का आयोजन जिस एजेंसी को दिया गया था उसने जमकर अनियमितता की, लेकिन जब यह खबर मीडिया में आई तो इसे रद्द करना पड़ा।
4 दिसंबर 2016 को सचिवालय में समीक्षा अधिकारी के पद पर भर्ती के लिए परीक्षा का आयोजन किया गया, लेकिन इस परीक्षा के पेपर के भी लीक होने की खबर सामने आई है। आईपीएस अमिताभ ठाकुर ने खुद इस बारे में शिकायत भी दर्ज कराई।












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