योगी आदित्यनाथ के 30 मिनट के ताजमहल स्वच्छता अभियान पर सवाल? क्या यूपी में फेल हुआ Swachh Bharat Mission

मोहब्बत की निशानी कहा जाने वाला ताजमहल पिछले कुछ दिनों से उत्तर प्रदेश की राजनीतिक का केंद्र बना हुआ है। गुरुवार को सीएम योगी आदित्यनाथ आगरा पहुंचे। यहां उन्होंने ताज महल के आसपास के इलाके में स्वच्छता अभियान चलाया।

नई दिल्ली। मोहब्बत की निशानी कहा जाने वाला ताजमहल पिछले कुछ दिनों से उत्तर प्रदेश की राजनीतिक का केंद्र बना हुआ है। गुरुवार को सीएम योगी आदित्यनाथ आगरा पहुंचे। यहां उन्होंने ताज महल के आसपास के इलाके में स्वच्छता अभियान चलाया। उनके 30 मिनट के इस स्वच्छता अभियान को एक राजनीतिक ड्रामा माना जा रहा है। दरअसल कुछ दिन पहले यूपी टूरिज्म ने अपनी टूरिस्ट बुकलेट से 17वीं सदी की इस ऐतिहासिक धरोहर को हटा दिया था। फिर सरधना से बीजेपी विधायक संगीत सोम ने इसे 'भारत पर कलंक' कहा दिया। जिसके चलते उत्तर प्रदेश सरकार को भारी विरोध का सामना करना पड़ा। हालांकि संगीत सोम के बयान के बाद पीएम मोदी ने अपने एक भाषण में प्रत्यक्ष रूप से उस बयान का विरोध भी किया था।

योगी आदित्यनाथ के 30 मिनट के ताजमहल स्वच्छता अभियान पर सवाल? क्या यूपी में फेल हुआ Swachh Bharat Mission

सीएम योगी आदित्यनाथ की इस क्लीन ड्राइव को प्रधानमंत्री के 2 अक्टूबर के स्वच्छ भारत अभियान का हिस्सा बताया जा रहा है। लेकिन सवाल यह उठता है कि क्या उत्तर प्रदेश की शासन व्यवस्था इतनी लचर है कि खुद मुख्यमंत्री को हेरिटेज साइट को साफ करने आगरा आना पड़ा। साथ ही यह मान लिया जाए कि योगी प्रशासन उत्तर प्रदेश में स्वच्छ भारत मिशन को लागू करने में विफल रहा है। यह कहीं ना कहीं प्रदेश के प्रशासन की कार्यप्रणाली पर प्रश्नचिन्ह लगाता है। पिछले दिनों सामने आई एक रिपोर्ट के मुताबिक प्रदेश की राजधानी लखनऊ देश के शीर्ष 100 साफ शहरों में शामिल नहीं है। देश के 100 साफ शहरों में उत्तर प्रदेश का केवल वाराणसी (32वां स्थान) ही शामिल है और 15 सबसे गंदे नगरों में से 9 नगर उत्तर प्रदेश के हैं।

योगी आदित्यनाथ के 30 मिनट के ताजमहल स्वच्छता अभियान पर सवाल? क्या यूपी में फेल हुआ Swachh Bharat Mission

सीएम योगी आदित्यनाथ ने दिवाली से एक दिन पहले अयोध्या के सरयू घाट पर दीपोत्सव का भव्य आयोजन करवाया था। इस दौरान करीब दो लाख दिये जलाए गए थे। इस आयोजन के दूसरे दिन सरयू घाट की जो तस्वीर सामने आई, वह बेहद ही चौंकाने वाली थी। आयोजन के अगले दिन करीब पौने दो लाख दीए राम की पैड़ी में फैले हुए थे, चारों तरफ दीपक में भरा हुआ तेल बिखरा पड़ा था और राम की पैड़ी की सीढ़ियां बेहद गंदी थी हर तरफ गंदगी का अंबार लगा हुआ था। स्थानीय प्रशासन और नगर निगम के अधिकरियों की लापरवाही का आलम यह था कि दीपोत्सव के बाद उन्होंने यहां न तो सफाई कराई और न ही दीये हटवाए। आयोजन निपट जाने के बाद न सिर्फ रामनगरी अयोध्या की बदसूरत तस्वीर सामने आ गई बल्कि देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वच्छ भारत अभियान की धज्जियां उड़ा दी गई।

सीएम योगी आदित्यनाथ के आगरा आगमन से पहले ताजमहल के आसपास के इलाके को छोड़कर बाकी शहर की काफी साफ-सफाई की गई थी। सवाल यह उठता है कि गंदगी के अंबार से पटा रहने वाला ताज महल के आसपास का इलाका क्या तीस मिनट की इस क्लीन ड्राइव में साफ हो गया। क्या सीएम योगी के आगरा से जाने के बाद कहीं ताजमहल भी उसी हाल में तो नजर नहीं आएगा जैसा कि दिवाली वाले दिन अयोध्या का सरयू घाट नजर आया था?

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