'नकल' से आगे बढ़ेगा इंडिया तो कैसे होगा सबका विकास!
यहां परीक्षा का मतलब है नकल कराई जाएगी और साल भर में पहली बार मास्टर साहब बलैक बोर्ड पर उत्तर लिखेंगे। कोई और नहीं भगवान का दर्जा प्राप्त विद्यालय के शिक्षक ही यहां नकल करवाते हैं।
रायबरेली। केंद्र हो या राज्य सरकार शिक्षा व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त बनाने के लिए करोड़ों रुपए पानी की तरह बहा रही है ताकि पढ़े इंडिया और बढ़े इंडिया। लेकिन सरकार के दावों की हवा रायबरेली जिले में उस समय निकल गई जब प्राथमिक विद्यालयों में चल रही वार्षिक परीक्षाओं में छात्र-छात्राओं को खुलेआम किताबों से नकल कराने का मामला सामने आया।

ये नकल भी कोई और नहीं भगवान का दर्जा प्राप्त उसी विद्यालय के शिक्षक करवा रहे हैं। मामला रायबरेली जिले के हरचंदपुर ब्लॉक के आदर्श प्राथमिक विद्यालय का है। जहां नकल करवाने का वीडियो वायरल होने के बाद शिक्षा विभाग में हड़कंप मचा हुआ है। कोई भी जिम्मेदार अधिकारी कैमरे के सामने अपना पक्ष रखने को तैयार नहीं है।

आप भी देखिए इन मासूमों को जिन्हें देश का भविष्य कहा जाता है, इन्हें किस तरह ब्लैकबोर्ड पर लिखकर और किताबों से टीचर नकल करवा रहे हैं। आखिर इस पढ़ाई का क्या मतलब? नकल के सहारे जब बच्चे पास होकर उच्च कक्षाओं में जाएगे तो वहां इनका क्या होगा?
इस सबंध में जब आम नागरिकों से राय ली गई तो वो इस नकल का जिम्मेदार किसी और को नहीं बल्कि शिक्षा विभाग के अधिकारियों को ही ठहरा रहे हैं। उनका कहना है कि बिना इन लोगों कि मिलीभगत से ऐसा हो ही नहीं सकता। अब ऐसे में इन बच्चों का भविष्य क्या होगा आप खुद समझ सकते हैं।












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