बसपा की जनसभाओं मे पुलिस से ज्यादा होती है बहुजन वालेंटियर फोर्स, ये है खास वजह
बीएसपी पार्टी ऐसी पार्टी है जो रैली और जनसभा चाहें वो छोटी हो या बड़ी उसमें पुलिस प्रशासन से ज्यादा सुरक्षा व्यवस्था के लिए खुद की बनाई गई बीवीएफ नामक से टीम से सुरक्षा व्यवस्था का काम करवाती है।
शाहजहांपुर। चुनाव में जब जनसभा या रैलियां की जाती है तो सबसे पहले नाम आता है सुरक्षा व्यवस्था का, क्योंकि सुरक्षा व्यवस्था पुलिस प्रशासन के हाथों में होती है। पुलिस प्रशासन का काम जनसभा के दौरान भीड़ को एक जगह पर इकट्ठा करना और भगदड़ जैसी अव्यवस्था को संभालना होता है। लेकिन, बीएसपी पार्टी एक ऐसी पार्टी है जो रैली और जनसभा चाहें वो छोटी हो या बड़ी उसमें पुलिस प्रशासन से ज्यादा सुरक्षा व्यवस्था के लिए खुद की बनाई गई बीवीएफ नामक टीम से सुरक्षा व्यवस्था का काम करवाती है।

भीड़ को संतुलित करती है बीवीएफ टीम
गुरुवार को हुई मायावाती की जनसभा मे सुरक्षा व्यवस्था का ये प्रबंध साफ देखने को मिला। एक तरफ पुलिस की टीम भीड़ को नियंत्रण करने की कोशिश करती रही तो वहीं, बीवीएफ के लोग भी भीड़ में संतुलन बनाते नजर आए। जिसके चलते सभी को बैठने की जगह दी जा सके। खास बात ये है कि जब सफेद शर्ट और नीली पैंट पहने लोग भीड़ को समझाते थे तो भीड़ मे मौजूद लोग भी बहुत ही गंभीरता से उनकी बात को सुनते और बात को मानते दिखे। इससे ये साफ हो जाता है कि बीएसपी की होने वाली रैलियों मे पुलिस को काफी हद तक आराम हो जाता है।

अनुशासन में रहकर काम करती है टीम
बीएसपी पार्टी जनता के बीच अनुशासन के नाम से जानी जाती है। जनता भी इस बात को कहती है कि गुंडागर्दी बीएसपी सरकार आते ही खत्म हो जाती है। वहीं, जनसभा के दौरान जनता कितना अनुशासन मे रहकर नेताओं की बात को सुनती है और साथ ही पुलिस के अलावा कौन सी ऐसी फोर्स है जो जनता को काबू में करती है। लेकिन ऐसा बीएसपी मं देखने को मिलता है। पार्टी की अपनी एक बहुजन वालेंटियर फोर्स है जो पुलिस से ज्यादा जनसभा में भीड़ को काबू करने का काम करती है। चाहें वो छोटी जनसभा हो या बड़ी। बीवीएफ के लोग हमेशा पुलिस से कंधे से कंधा मिलकर भीड़ को अनुशासन मे रहने के लिए कोशिशे करते रहते हैं।

पुलिस भी लेती है इस टीम की मदद
बता दें कि बीएसपी की छोटी से लेकर बड़ी-बड़ी जनसभाओं में पुलिस बल से ज्यादा बहुजन वालेंटियर फोर्स के लोग देखने को मिलेंगे जो काफी मेहनत करते दिखाई देते हैं। हालांकि पुलिस अधिकारी भी उनसे मदद लेते है। अगर भीड़ को पुलिस की बात समझ नहीं आए तो बीवीएफ के लोग उन्हें आसानी से समझाकर एकसूत्र में पिरोतें हैं। ये भी पढ़ें: यूपी चुनाव: दिल्ली जामा मस्जिद के शाही इमाम बुखारी ने किया बीएसपी को समर्थन देने का ऐलान












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