Mayawati ने उठाया यूपी में जातीय जनगणना का मुद्दा, योगी सरकार से पूछा- यह जरूरी प्रक्रिया कब?
Mayawati News: बिहार में हुई जातीय जनगणा पर पटना कोर्ट के बाद अब सुप्रीम कोर्ट ने भी रोक लगाने से इनकार कर दिया है। कोर्ट द्वारा जातीय जनगणना को पूर्णत वैध ठहराए जाने के बाद अब अन्य राज्य में भी जातीय जनगणना की मांग उठने लगे ही। BSP सुप्रीमो और यूपी की पूर्व सीएम मायावती ने भी जातीय जनगणना की मांग उठाई है।
बीएसपी सुप्रीमो मायावती ने बुधवार 9 अगस्त को अपने ऑफिशियल ट्विटर हैंडल से ट्वीट करते हुए कहा कि जातीय जनगणना यूपी में नहीं बल्कि केंद्र को राष्ट्रीय स्तर पर भी करानी चाहिए। बीएसपी सुप्रीमो एक या दो नहीं बल्कि तीन ट्वीट किए है।

बीएसपी सुप्रीमो मायावती ने अपने ऑफिशियल ट्विटर हैंडल से ट्वीट करते हुए पूछा कि यूपी में जातीय जनगणना कब होगी। उन्होंने ट्वीट करते हुए लिखा,
ओबीसी समाज की आर्थिक, शैक्षणिक व सामाजिक स्थिति का सही ऑकलन कर उसके हिसाब से विकास योजना बनाने के लिए बिहार सरकार द्वारा कराई जा रही जातीय जनगणना (caste census) को पटना हाईकोर्ट द्वारा पूर्णत वैध ठहराए जाने के बाद अब सबकी निगाहें यूपी पर टिकी हैं कि यहां यह जरूरी प्रक्रिया कब?
इतना ही नहीं, मायावती ने अपने दूसरे ट्वीट में लिखा,
देश के कई राज्य में जातीय जनगणना के बाद यूपी में भी इसे कराने की माँग लगातार ज़ोर पकड़ रही है, किन्तु वर्तमान बीजेपी सरकार भी इसके लिए तैयार नहीं लगती है, यह अति-चिन्तनीय, जबकि बीएसपी की माँग केवल यूपी में नहीं बल्कि केन्द्र को राष्ट्रीय स्तर पर भी जातीय जनगणना करानी चाहिए।
मायावती ने तीसरे ट्वीट में लिखा, 'देश में जातीय जनगणना का मुद्दा, मण्डल आयोग की सिफारिश को लागू करने की तरह, राजनीति का नहीं बल्कि सामाजिक न्याय से जुड़ा महत्त्वपूर्ण मामला है। समाज के गरीब, कमजोर, उपेक्षित व शोषित लोगों को देश के विकास में उचित भागीदार बनाकर उन्हें मुख्य धारा में लाने के लिए ऐसी गणना जरूरी।'












Click it and Unblock the Notifications