'दिल मिले न मिले, हाथ मिलाते रहिए', पटना में विपक्षी एकता मीटिंग से पहले मायावती ने कसा तंज
Mayawati News: लोकसभा चुनाव 2024 की रणनीति तय करने और सत्तारूढ़ भाजपा के विजय रथ को रोकने के लिए बिहार की राजधानी पटना में शुक्रवार 23 जून को तमाम विपक्षी दल एकजुट होने जा रहे हैं। विपक्षी एकता मीटिंग से पहले बहुजन समाज पार्टी की सुप्रीमो मायावती ने तीखा तंज कसा।
उन्होंने कहा कि विपक्षी नेताओं की बैठक 'दिल मिले न मिले, हाथ मिलाते रहिए' की कहावत को ज्यादा चरितार्थ करता है।

बीएसपी सुप्रीमो मायावती ने गुरुवार 22 जून को एक के बाद एक चार ट्वीट किए। मायावती ने अपने ऑफिशियल ट्विटर हैंडल से ट्वीट करते हुए बीजेपी और कांग्रेस को आड़े हाथों लिया। मायावती ने कहा कि संविधान को सही से लागू करने की क्षमता कांग्रेस, बीजेपी जैसी पार्टियों के पास नहीं है। इस दौरान मायावती ने पूछा, 'मुंह में राम बगल में छुरी' आखिर कब तक चलेगा?'
मायावती ने ट्वीट करते हुए लिखा,
महंगाई, गरीबी, बेरोजगारी, पिछड़ापन, अशिक्षा, जातीय द्वेष, धार्मिक उन्माद/हिंसा आदि से ग्रस्त देश में बहुजन के त्रस्त हालात से स्पष्ट है कि परमपूज्य बाबा साहेब भीमराव अम्बेडकर के मानवतावादी समतामूलक संविधान को सही से लागू करने की क्षमता कांग्रेस, बीजेपी जैसी पार्टियों के पास नहीं है।
मायावती ने आगे लिखा कि, 'अब लोकसभा आम चुनाव के पूर्व विपक्षी पार्टियां जिन मुद्दों को मिलकर उठा रही हैं और ऐसे में नीतीश कुमार द्वारा कल 23 जून की विपक्षी नेताओं की पटना बैठक 'दिल मिले न मिले, हांथ मिलाते रहिए' की कहावत को ज्यादा चरितार्थ करता है।
उन्होंने कहा कि वैसे अगले लोकसभा चुनाव की तैयारी को ध्यान में रखकर इस प्रकार के प्रयास से पहले अगर ये पार्टियां, जनता में उनके प्रति आम विश्वास जगाने की गजर से, अपने गिरेबान में झांककर अपनी नीयत को थोड़ा पाक-साफ कर लेतीं तो बेहतर होता। 'मुंह में राम बग़ल में छुरी' आखिर कब तक चलेगा?
मायावती ने अपने चौथे ट्वीट में लिखा, यूपी में लोकसभा की 80 सीट चुनावी सफलता की कुंजी कहलाती है, किन्तु विपक्षी पार्टियों के रवैये से ऐसा नहीं लगता है कि वे यहां अपने उद्देश्य के प्रति गंभीर व सही मायने में चिन्तित हैं। बिना सही प्राथमिकताओं के साथ यहां लोकसभा चुनाव की तैयारी क्या वाकई जरूरी बदलाव ला पाएगी?'
आपको बता दें कि शुक्रवार 23 जून को बिहार की राजधानी पटना में विपक्षी एकता मीटिंग हैं। इस मीटिंग में शामिल होने के लिए दिल्ली, पंजाब, महाराष्ट्र, तमिलनाड्डू, उत्तर प्रदेश, झारखंड आदि राज्यों से नेता शिरकत करने पहुंचने लगे हैं। इस मीटिंग में कई ऐसे नेता भी शामिल होंगे जिनकी एक-दूसरे से नहीं बनती। इसी को लेकर मायावती ने यह तंज कसा है।












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