सहारनपुर हिंसा पीड़ितों को बसपा देना चाहती थी 50 हजार रुपए, प्रशासन ने नहीं दी इजाजत
कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी के आगमन को अनुमति न देने के बाद अब जिला प्रशासन ने बसपा को सहायता राशि वितरण के लिए लगाए जाने वाले कैंप की अनुमति नहीं दी।
सहारनपुर। सहारनपुर में हुए जातीय दंगे के बाद जिला प्रशासन अब फूंक-फूंक कर कदम रख रहा है। किसी भी प्रकार के आयोजन के लिए आयोजकों को अनुमति नहीं दी जा रही है। कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी के आगमन को अनुमति न देने के बाद अब जिला प्रशासन ने बसपा को सहायता राशि वितरण के लिए लगाए जाने वाले कैंप की अनुमति नहीं दी। जिस कारण दंगा पीड़ितों को मायूस होकर वापस लौटना पड़ा। बसपा द्वारा की गई घोषणा के अनुसार पीड़ितों को आर्थिक सहायता के ड्राफ्ट नहीं मिल सके।

बता दें कि विगत 23 मई को बसपा सुप्रीमो मायावती ने सहारनपुर आगमन पर शब्बीरपुर के जातीय दंगे 48 पीड़ितों को पार्टी फंड से 50 हजार और 25 हजार रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की थी। रविवार को इस सहायता राशि का वितरण किया जाना था, जिसके लिए दोपहर बाद बसपा के मंडलीय कार्यालय पर एक कैंप का आयोजन किया जाना था, लेकिन जिला प्रशासन ने रविवार की दोपहर तक भी इस आयोजन के लिए अपनी अनुमति नहीं दी। प्रशासन ने अनुमति न देने के पीछे तर्क दिया कि इस तरह के आयोजन से भावनाएं भड़क सकती है और इससे शांत हुआ माहौल फिर से गर्मा सकता है।
इस कैंप में पीड़ितों को बसपा की ओर से सहायता राशि के ड्राफ्ट प्रदान किए जाने थे। अनुमति न मिलने के कारण बसपा जिलाध्यक्ष जनेश्वर प्रसाद ने दोपहर बाद कैंप को स्थगित करने की घोषणा की तो यहां पर सहायता राशि लेने के लिए आए 48 परिवारों को खाली हाथ ही मायूस होकर लौटना पड़ा।












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