VIDEO: दिव्यांग बच्चों के लिए द्रोणाचार्य से कम नहीं हैं रायबरेली के शिक्षक बृजेश
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रायबरेली। उत्तर प्रदेश के रायबरेली जिले में एक ओर जहां राष्ट्रीय शिक्षा नीति में सबको समान शिक्षा व समान अधिकार की बात की जाती है तब ऐसा लगता है कि दिव्यांग बच्चों की शिक्षा के साथ सौतेला व्यवहार हो रहा है। दिव्यांगों को शिक्षित एवं प्रशिक्षित करने के लिए जिला स्तर पर 42 विशेष शिक्षक नियुक्त किए गए हैं। जो कि दिव्यांग बच्चों की संख्या की तुलना में काफी कम है। जबकि विकासखंड डीह में लगभग डेढ़ सौ दिव्यांग बच्चों पर एक विशेष शिक्षक नियुक्त है। ऐसे में इन दिव्यांग बच्चों को शिक्षित एवं प्रशिक्षित करना एक चुनौती से कम नहीं है। लेकिन इन सभी चुनौतियों को मात देते हुए विकास खंड डीह में तैनात विशेष शिक्षक बृजेश यादव ने दिव्यांग बच्चों को जो योग्यताएं प्रदान की हैं उसे सुनकर आपको भी गर्व होगा।

एक दिन में 3 विद्यलयों में जाकर पढ़ाते हैं ये शिक्षक
इस वर्ष के सर्वे के अनुसार जनपद रायबरेली में लगभग 2900 से दिव्यांग बच्चे चिन्हित किए गए हैं, इन दिव्यांग बच्चों को शिक्षित एवं प्रशिक्षित करने की जिम्मेदारी इन विशेष शिक्षकों के ऊपर है, यह दिव्यांग बच्चे प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालयों में नामांकित है और यह विशेष शिक्षक इन बच्चों को शिक्षित करने के लिए एक दिन में ही 2 से 3 विद्यालयों में जाकर शैक्षिक रिपोर्ट देते हैं । राज्य परियोजना का आदेश है कि उक्त शिक्षक 1 दिन में दो से तीन विद्यालयों में जाकर शैक्षणिक सपोर्ट करेंगे। इन विशेष शिक्षकों की नियुक्ति जिला बेसिक शिक्षा विभाग की समेकित शिक्षा अधिकारी के तहत है।
दिव्यांग बच्चों की योग्यता को पहचाना
इस शिक्षक ने यह साबित कर दिखाया की दिव्यांग बच्चों में बहुत योग्यताएं होती है बशर्ते उन्हें एक अच्छा मार्गदर्शक मिल जाए। इस संबंध में जब हम विकासखंड डीह के इन दिव्यांग बच्चों के बारे में चर्चा सुनी तो इन दिव्यांग बच्चों से मिलने उनके घर व विद्यालय कचनावां गांव के दृष्टिबाधित कमल से मिले। कमल को 80 तक पहाड़ा, उल्टी गिनती, सामान्य जानकारी, ब्रेल व लाखों करोड़ों का हिसाब जैसे बाएं हाथ का खेल हो, वहीं ग्राम पीड़ी निवासी दीपक को 25 तक पहाड़ा सामान्य जानकारी फोन नंबर याद रखना लाखों का हिसाब ब्रेल का लिखित एवं मौखिक ज्ञान आदि में बहुत निपुण है। और यह सब सिर्फ शिक्षक बृजेश के मार्गदर्शन में ही संभव हो पाया है।
फोन करके भी पढ़ाते हैं बृजेश
पूर्व प्रधान पीढ़ी महेश यादव, मेवालाल, व अभिभावक रामप्यारे, मालती, संजय आदि ने बताया की डीह में तैनात विशेष शिक्षक बृजेश यादव दिव्यांग बच्चों को फोन पर भी पढ़ाते हैं, और कुछ दिव्यांग बच्चों का विद्यालय में नामांकन करवाने के साथ-साथ उन्हें कभी-कभी अपनी मोटरसाइकिल से छोड़ने भी चले जाते है। इस शिक्षक की समर्पण भावना को लेकर अभिभावक व ग्रामीण उनकी तारीफ करते नजर आए। अब देखना यह है कि यह शिक्षक इन दिव्यांग बच्चों को कहां तक ले जाने में सफल होते है।












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