यूपी के विकास के लिए पीएम मोदी का योगी सरकार के लिए मेगा प्लान
उत्तर प्रदेश के विकास के लिए नया ब्लूप्रिंट तैयार, केंद्र सरकार की टीम योगी आदित्यनाथ की इस मिशन में करेगी मदद
लखनऊ। उत्तर प्रदेश की कमान संभालने के बाद योगी आदित्यनाथ लगातार बड़े फैसले ले रहे हैं, इसी कड़ी में अब प्रदेश को विकास की राह पर ले जाने के लिए मुख्यमंत्री ने ब्लूप्रिंट तैयार किया है। इस ब्लूप्रिंट के जरिए प्रदेश के विकास की राह को आसान बनाया जाएगा और यूपी की बीमारू राज्य की स्थिति से बाहर निकाला जाएगा। योगी सरकार इस ब्लूप्रिंट को लागू करने के लिए नीति आयोग की मदद से आगे बढ़ेगा।

विकास का ब्लूप्रिंट तैयार
प्रदेश के विकास को रफ्तार देने के लिए बनाए गए इस ब्लूप्रिंट को लागू करने के लिए नीति आयोग के नेतृत्व में केंद्र सरकार के करीब एक दर्जन सचिव स्तरीय अधिकारियों का दल उत्तर प्रदेश आएगा और मुख्मयमंत्री योगी आदित्यनाथ के सामने इसका मैप रखेगा। इसके जरिए प्रदेश की विकास दर को नई उंचाइयों पर ले जाने पर चर्चा की जाएगी, जिसमें किसानों की आय को दोगुना करने के साथ औद्योगिक निवेश को बढ़ाना और स्वास्थ्य व शिक्षा के स्तर को बेहतर करने पर जोर दिया जाएगा।

केंद्र सरकार की टीम यूपी में
सूत्रों की मानें तो नीति आयोग के उपाध्यक्ष अरविंद पानगढ़िया और केंद्र सीईओ अमिताभ कांत सहित तकरीबन एक दर्जन अधिकारियों का दल आज उत्तर प्रदेश आ रहा है, इस दल में कृषि मंत्रालय, औद्योगिक नीति एवं संवर्धन विभाग, ग्रामीण विकास मंत्रालय और पेयजल विभाग के अहम अधिकारी शामिल होंगे। यह सभी अधिकारी योगी आदित्यनाथ के सामने प्रदेश के विकास का ब्लूप्रिंट पेश करेंगे कि कैसे इसी जमीन पर उतारा जाए।

बीमारू राज्य की श्रेणी से बाहर निकालना लक्ष्य
माना जा रहा है कि जिस तरह से पिछले कई वर्षों में उत्तर प्रदेश का विकास दर देश के विकास से काफी कम रहा है, उसे ध्यान में रखते हुए इस बार विकास के लिए नया ब्लूप्रिंट तैयार किया जा रहा है। मध्य प्रदेश और बिहार जैसे राज्यों ने पिछले सालों में बीमारू राज्यों की सूचि में सुधार करते हुए अपनी स्थिति को बेहतर किया है। खुद प्रधानमंत्री इस बात को कई मौकों पर कह चुके हैं कि यूपी के विकास के बिना देश का विकास नहीं हो सकता है, लिहाजा माना जा रहा है केंद्र सरकार राज्य सरकार को इस बाबत हर संभव मदद करने के लिए कदम आगे बढ़ा रही है।

निवेश को बढ़ावा अहम लक्ष्य
वर्ष 2016 के आंकड़ों पर नजर डालें तो उत्तर प्रदेश में निवेश का स्तर काफी कम रहा है, डीआईपी के अनुसार यूपी में 2016 के दौरान कई निवेश के प्रस्ताव आए लेकिन इसमें से सिर्फ 3.34 फीसदी ही निवेश प्रदेश में आया। लेकिन केंद्र की नई टीम प्रदेश में निवेश की कार्ययोजना को तैयार करेगी, जिसकी मदद से प्रदेश को विकास की नई रफ्तार दी जा सके। इसके साथ ही प्रदेश में उद्योग को बढ़ावा देने के लिए व्यापार की प्रक्रिया को भी सरल बनाने पर जोर दिया जाएगा।












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