फूलपुर हार के बाद हुए चुनाव में भाजपा ने जीती 6 में से 5 सीटें, सपा-बसपा गठबंधन को सिर्फ एक सीट
इलाहाबाद। फूलपुर उपचुनाव में भाजपा की करारी हार के बाद हुए चुनाव में ब्लॉक प्रमुख के 6 में से 5 सीटों पर भाजपा ने सपा-बसपा गठबंधन वाले प्रत्याशियों को सीधे पटखनी दे दी। 6 में से 1 सीट पर बसपा के प्रत्याशी ने जीत हासिल की है। उपचुनाव के बाद बसपा-सपा के मिलन से उपजे समीकरण का यहां असर देखने को नहीं मिला और सीधे तौर पर गठबंधन वाले प्रत्याशियों को ब्लॉक प्रमुख के चुनावों में मात खानी पड़ी। अविश्वास प्रस्ताव के कारण इलाहाबाद की 6 ब्लॉक प्रमुख की सीटें खाली हुई थी।

मुस्कुराए भाजपाई
उपचुनाव के बाद लगातार निराश, हैरान-परेशान व आरोपों के दौर से गुजरने के साथ मंथन में जुटे भाजपाइयों के लिए इलाहाबाद जिले में मुस्कुराने का मौका मिल गया है। भाजपाइयों के लिए जसरा, सोरांव, उरूवा, मेजा, धनूपुर और फूलपुर से अच्छी खबर आई है । इनमें मेजा छोड़कर 5 सीटों पर भाजपा जीती और जीत से उत्साहित भाजपा के लिये जिले में फिर से अपनी पकड़ मजबूत बनाने का मौका मिल गया है। यह सभी सीटें अविश्वास प्रस्ताव के बाद खाली हुई थी। इन सीटों से प्रमुखों को हटा दिया गया था जिस पर फिर से विश्वास मत के चुनाव में भाजपा प्रत्याशियों ने जीत हासिल की है।
फूलपुर ब्लाक
फूलपुर उपचुनाव के दौरान फूलपुर विधानसभा से सपा बसपा गठबंधन ने सर्वाधिक अंतर से जीत हासिल की थी। यहां सपा प्रत्याशी नागेंद्र को सर्वाधिक बढ़त मिली थी, लेकिन फूलपुर ब्लाक के उपचुनाव में भाजपा प्रत्याशी गीता सिंह ने जीत हासिल की और उन्होंने समाजवादी पार्टी की सुषमा पासी को 45 मतों के भारी अंतर से हरा दिया। बता दें कि यहां पूर्व विधायक विजमा यादव की बेटी ज्योति यादव ब्लॉक प्रमुख थी, लेकिन सूबे में जब भाजपा सरकार आई तो ज्योति के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाया गया था। उसके बाद अब भाजपा ने इस सीट को अपने कब्जे में कर लिया है।

उरुवा ब्लॉक
इसी प्रकार उरुवा में भाजपा प्रत्याशी जगत बहादुर पटेल को जीत मिली। जगत के खिलाफ सपा के उम्मीदवार वर्तमान प्रमुख महेश राज यादव व निर्दल प्रत्याशी के रूप में कलेक्टर बिंद ने अपना नामांकन वापस ले लिया जिसके कारण यह निर्विरोध प्रमुख चुने गए।

जसरा ब्लॉक
जसरा ब्लॉक में भाजपा की स्नेहलता ने जीत दर्ज कर कमल खिला दिया। हलांकि इस सीट पर सपा बसपा ने सीधे तौर पर अपना कोई प्रत्याशी नहीं उतारा था, लेकिन निर्दल प्रत्याशी रही शालिनी को सपा-बसपा ने अपना समर्थन दे दिया था। इससे मुकाबला दिलचस्प हो गया था, लेकिन जब परिणामों की घोषणा हुई तो स्नेहलता ने एकतरफा जीत हासिल कर जसरा ब्लॉक भाजपा के खाते में डाल दिया।

सोरांव ब्लॉक
सोरांव ब्लॉक भी पहले सपा के कब्जे में था और यहां समाजवादी पार्टी के संदीप यादव ब्लॉक प्रमुख थे लेकिन भाजपा सरकार आने के बाद इनके खिलाफ भी अविश्वास प्रस्ताव लाया गया था जिसके बाद हुए चुनाव में भाजपा के आलोक पांडे ने यहां पर कमल खिलाया सपा ने इस सीट पर राजाराम यादव को अपना उम्मीदवार बनाया था। एकतरफा मुकाबले में आलोक पांडे ने 60 वोटों के साथ जीत दर्ज की।

धनूपुर और मेजा ब्लॉक
धनूपुर ब्लॉक में भी भाजपा का परचम लहराया। यहां भाजपा प्रत्याशी अमृत लाल ने सपा बसपा समर्थित प्रत्याशी लालचंद को हरा दिया और कमल खिलाते हुए भाजपाइयों को मुस्कुराने का मौका दे दिया। इस सीट पर सपा का कब्जा तय माना जा रहा था लेकिन वोटों के बिखराव को गठबंधन समेट नहीं सका और अमृत लाल ने जीत दर्ज की।
मेजा ब्लॉक
मेजा ब्लॉक में भाजपा का जादू नहीं चला और बसपा के पूर्व विधायक राजबली जैसल की पत्नी राजकुमारी ने यहां सपा के समर्थन से बड़ी जीत हासिल की। इस सीट पर भाजपा प्रत्याशी को राजकुमारी ने एकतरफा हराते हुए जीत हासिल की। यहां भाजपा प्रत्याशी को सिर्फ 12 वोट मिले थे, जबकि बसपा प्रत्याशी ने 98 वोटों के साथ एक तरफा जीत हासिल की।












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